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Sironj: रामायण सनातन धर्म का सबसे प्रमुख ग्रंथ माना जाता है। रामायण के अंदर भगवान राम के जन्म से लेकर उनके मरण तक की कहानी बताई गई है। उन्होंने अपने मानव जीवन में कौन-कौन से काम किए इन सब के बारे में विस्तृत जानकारी आपको रामायण में प्राप्त हो जाती है।
रामायण के 1 भाग में माता शबरी के बारे में भी जानकारी दी गई है, जिसमें बताया गया है कि माता सबरी ने किस तरह भगवान राम का वर्षों तक इंतजार किया। मतंग ऋषि के उन वचनों को माता शबरी ने अपने जहन में गाठ बांध ली थी की भगवान राम एक दिन आएंगे।
शबरी रोजाना भगवान् के लिए फुल बिछा कर उनके लिए फल तोड़कर लाती, और पूरे दिन भगवान् श्री राम की प्रतीक्षा करती। उनकी प्रतीक्षा काफी लंबी थी, प्रतीक्षा करते करते जबान से बूढ़ी हो गई थी। 1 दिन प्रभु राम ने जब माता शबरी को खोजते हुए आए, तो माता शबरी का वर्षों पुरानी प्रतीक्षा सफल हुई।
आज भी कुछ ऐसी ही कहानी सामने है, जिसमें एक सब्जीवाली बूढ़ी औरत ने भगवान राम की शोभा यात्रा (Shri Ram procession) के दौरान फूल ना होने पर धनिया पत्ती से उनकी राहों को सुसज्जित किया। आइए विस्तार से जाने।
मध्यप्रदेश का मामला
यह मामला मध्य प्रदेश का बताया जा रहा है, जहां नवरात्रि के नवमी के दिन रामनवमी पर्व मनाया गया है, जिसमें मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में भगवान राम की प्रतिमा झांकियां और भगवा धारी ध्वजा को लहरा कर एक शोभायात्रा निकाली गई सड़क किनारे एक महिला अपनी सब्जी की दुकान लगाकर बैठी थी।
उसी समय सड़क से शोभायात्रा गुजर रही थी तब भगवान श्री राम की प्रतिमा देख वह भावुक हो गई और हाथ जोड़कर खड़ी हो गई कुछ समय पश्चात उसे समझ में आया कि भगवान राम की प्रतिमा पर पुष्प बरसाए जाने हैं, परंतु इस महिला के पास पोस्ट नहीं थी, इसीलिए उसने अपनी दुकान में बेचने वाली धनिया पत्ती से ही भगवान श्रीराम का स्वागत किया। सोशल मीडिया पर इस महिला का फूल की जगह धनिया पत्ती बरसाते हुए का वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो का विस्तार
रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना 30 मार्च 2023 का है। जहां मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सिरोंज (Sironj) शहर भगवान राम नवमी मनाने के लिए एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया था। पूरी शोभायात्रा जब शहर में घूम कर मुख्य बाजार से होकर सड़क के किनारे से निकल रही थी। उसी दौरान सड़क के किनारे सब्जी बेच रहे एक बुजुर्ग महिला जिसका नाम रामकली है।
उसके सामने से शोभायात्रा निकले तो उसके मन में भगवान राम के स्वागत करने की एक लहर दौड़ी। रामकली के पास उस दौरान पुष्प नहीं थी और वह भगवान राम का स्वागत करना चाहती थी, इसीलिए उसने कुछ समझ ना आने की स्थिति पर हरी धनिया का इस्तेमाल किया। इस बुजुर्ग महिला को देखकर सतयुग की शबरी की याद आती है। कुछ इसी प्रकार माता शबरी भगवान राम की प्रतीक्षा में इसी तरह रास्ता सजा दी थी और उनके लिए फल एकत्रित करती थी।
कौन है रामकली
बताया जा रहा है कि रामकली कुशवाहा पिछले 30 वर्षों से उस जगह पर दुकान लगा रहे हैं। रामकली के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्य भी हैं, जो इस दुकान को संभालते हैं। रामकली ने बताया कि वे स्वयं अपने घर में सब्जियां उगाते हैं और बाजार में ताजी सब्जियां भेजते हैं यही उनका पुश्तैनी धंधा है, जो वर्षों से चला आ रहा है।
इसके बाद रामकली से पूछा गया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, तो उनका कहना है कि भगवान राम की शोभायात्रा आ रही थी और वे भगवान श्री राम के बहुत बड़े भक्त हैं। उनके पास फूल नहीं थे, जिसकी वजह से उन्होंने धनिया पत्ता वर्षा कर उनका स्वागत किया। भगवान श्री राम के प्रति इस महिला की आस्था देख हर कोई भाव विभोर हो गया है।
ट्विटर पर शेयर की गई वीडियो
जब रामकली कुशवाहा (Ramkali Kushwaha) भगवान राम पर पुष्प की जगह हरी धनिया पत्ती (Coriander) वर्षा रही थी उस दौरान विक्की रघुवंशी उनका छोटा सा वीडियो क्लिप बना लिया था। वीडियो में आप देख सकते हैं कि महिला धनिया पत्ती फेंक रही है और किस तरह मुस्कुरा रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया के ट्विटर के हम लोग we the people पेज पर शेयर किया गया है।
आज माता सीता की रसोईं हरी धनिया पत्तों के सुगंध से भर गयी होगी।
भगवान राम की शोभायात्रा निकल रही थी, उस सब्जी बेचने वाली वृद्धा माँ के पास निछावर करने के लिए फूल नही थे तो भाव में धनिया के पत्ते उठाकर यात्रा पर बरसाने लगीं। यह दृश्य देखकर मन गद्गद, आह्लादित और भावातिरेक हो उठा। pic.twitter.com/PjPXK01UAZ
— हम लोग We The People (@ajaychauhan41) April 1, 2023
इस वीडियो के साथ एक कैप्शन भी लिखा गया है, जिसमे कुछ लाइन लिखी है “आज माता सीता की रसोईं हरी धनिया पत्तों के सुगंध से भर गयी होगी। भगवान राम की शोभायात्रा निकल रही थी, उस सब्जी बेचने वाली वृद्धा माँ के पास निछावर करने के लिए फूल नही थे तो भाव में धनिया के पत्ते उठाकर यात्रा पर बरसाने लगीं। यह दृश्य देखकर मन गद्गद, आह्लादित और भावातिरेक हो उठा। “इसको पढ़ कर मन प्रसन्न हो गया है।



