
Photo Credits: YouTube Video Crap Image
Delhi: चिली के मछुवारे गए तो मछली पकड़ने थे, परंतु अनजाने ही ले आये देश भर के लिये मुसीबत की वार्निंग। दोस्तों जब बात समुद्र की हो तो मन रहस्य से भर जाता है, क्योंकि पृथ्वी के 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समुद्र से घिरा है और आज तक मनुष्य समुद्र के अंदर छुपे रहस्यों को समझ नही सका है।
अभी भी समुद्र की गहराई का सटीक नाप आज तक नही हो सका है, वैज्ञानिकों के हिसाब से समुद्र की गहराई 1000 मीटर से ले के कई जगह पर 3800 मीटर तक है अर्थात 3.8 किलो मीटर तक गहरा और यही अनंत गहराइयों में छिपे हैं कई ऐसे जीव जंतु और राज जो इंसान को हैरान करने के साथ अक्सर खौफ भी देता है।
मछुवारों के जाल में अनजाने ही आ फंसी श्रापित मछली, सोचा लाटरी निकली पर बनी मुसीबत
खबर के अनुसार चिली (Chile) जो कि साउथ अफ्रीका का एक ऐसा देश है, जो ज्यादातर समुद्र से घिरा है, करीब 6000 किलो मीटर है चिली की कोस्ट लाइन (Coast of Chile), यही कारण है कि यहां के नागरिक का मुख्य भोजन बहुत हद तक समुद्री मछली ही हैं।
ऐसे में एरिक के मछुवारों का एक ग्रुप रोजाना की तरह मछली पकड़ने निकले, जब जाल काफी भारी हो गया तो उन्हें लगा पर्याप्त मछलियां फंस गयीं हैं और जब जाल को वापस शिप में खींचा तो देखा करीब 16-17 फ़ीट की एक अलग ही मछली जाल में फंसी है।
उन्हें लगा आज तो लाटरी लग गयी, परन्तु जब वो किनारे पर पहुँचे, तो बुजुर्ग नागरिकों ने बताया इस मछली के आने से समुद्री तूफान, सुनामी या भूकंप जैसी आपदा आने की आशंका होती है, इसलिये इसे श्रापित मछली कहते है। ये खबर तुरंत पूरे देश मे वायरल हो गयी, जिससे नागरिकों में चिंता व्याप्त हुई।
समुन्द्र में हज़ारों फ़ीट गहरे पानी मे करती है वास
जानकारों के अनुसार ये श्रापित मछली (Cursed Fish) की लंबाई 16 फ़ीट है और इसका वजन इतना ज्यादा होता है कि उसे उठाने के लिये क्रैन की जरूरत पड़ती है। देखने मे ये काफी अजीब और डरावनी है, ऐसी किस्म की मछलियां ज्यादातर समुद्र में 1000 फ़ीट से अधिक की गहराई में रहती हैं।
वह कभी बाहर या ऊपरी पानी में नही आती, येही वजह है कि इनका अस्तित्व होते हुए भी कभी ये नज़र नही आती। जैसे ही ये मछली किनारे पहुची लोगो ने तरह तरह के वीडियो बनाये और इंटेरनेट पर अपलोड कर दिये, जिससे रातों रात ये न्यूज़ वायरल हुई, हज़ारों व्यूज मिले वीडियो को।
सुनामी जैसी समुद्री तूफान की देती है वार्निंग इसलिये नाम पड़ा श्रापित मछली
लोगों का ऐसा मानना है कि ये श्रापित मछली समुद्र में बहुत गहरे में होने के कारण किसी भी तरह के तूफान या भूकंप के आने की आहट का अनुमान पहले ही लगा लेती है और उस गहरे पानी से निकल के समुद्र के उथले पानी यानी किनारे तक आ जाती है।
यदि इसका वैज्ञानिक पहलू देखें, तो शायद समुद्र के नीचे जो धरती की टेक्टोनिक प्लेट्स हैं, जिनके खिसकने से ही सुनामी जैसे तूफान आते हैं और इसका पता सबसे पहले इस मछली को पड़ता होगा, जिससे ये गेहराई से निकल के उथले सागर में आ जाती है, परंतु श्रापित मछली का दिखना वास्तव में तूफान की वार्निंग है। ये विज्ञान के अनुसार कभी प्रूफ नही हो सका महज एक पुरानी लोकोक्ति से ज्यादा कुछ नही।
आज तक विज्ञान नही समझ पाया सुनामी या भूकंप का अनुमान लगाना
दोस्तों सुनामी और भूकंप जैसे शब्द सुनते ही एक अजीब सा डर और सिहरन शरीर मे फैल जाती है, क्योंकि ये अपने साथ बर्बादी का वो मंजर लाती है, तो मानव जाति को तहस नहस करने के लिये पर्याप्त है इसलिये आप पायंगे कि आज ज्यादातर इमारतों या पुल का कंस्ट्रक्शन्स भूकंप रोधी बनाये जाते हैं।
हज़ारों वैज्ञानिक इस बात की खोज में लगे हैं कि कोई ऐसा यंत्र बना सके जिससे इस तरह से होने वाली किसी भी घटना का पूर्वानुमान लगाने के पहले ही सुरक्षा के जरूरी कदम ले सके, कुछ हद तक कामयाबी भी मिली, लेकिन आज भी पूरी दुनिया मे एक भी ऐसी मशीन या यंत्र नही जो धरती के अंदरूनी हलचल का अनुमान लगा के भूकंप व सुनामी जैसे तूफान की भविष्यवाणी कर दे।



