
Bengaluru: दुनिया में आदमी हो या औरत अपना पेट पालने के लिए कोई ना कोई काम तो जरूर करती हैं। आज के समय महिलाएं भी पुरुष कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है और अपने परिवार को पाल रहे हैं। कहने को तो एक महिला का फर्ज होता है।
घर गृहस्ती को संभालना और बच्चों की परवरिश करना, परंतु कुछ महिलाएं ऐसी भी होती हैं, जो घर गृहस्ती और बच्चों की परवरिश के साथ-साथ बाहर पेट पालने के लिए काम करती है। वर्तमान समय में यह बात आम हो गई है। कुछ काम ऐसे होते हैं जो केवल मर्दों के लिए ही लिखे जाते हैं, परंतु आज की नारी मर्दों के लिए लिखे गए कामों को भी खुद कर रही है।
आज के इस लेख में ऐसी मां के बारे में जानेंगे, जो अपना परिवार पालने के लिए उबर कैब चलाती है। साथ में उनकी एक बेटी (Daughter) भी है, जो उन्हीं के साथ कैब (Cab) में रहती है, तो यह जाने पूरी कहानी।
सोशल मीडिया में धूम मचा रही है ड्राइवर महिला की कहानी
सोशल मीडिया पर तो आए दिन खबरें वायरल होती रहती है। कुछ खबर ऐसी होती है, जो लोगों के मन को छू लेती है। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसमें एक महिला अपनी छोटी बच्ची के साथ उबर कैब चला रही है।
आपको बता दें क्लाउडसेक के सीईओ राहुल सांसी (CloudSEK CEO Rahul Sasi) ने अपने लिंक्डइन अकाउंट में इस महिला की कहानी को शेयर किया है। वे बताते हैं कि उन्होंने उबर कैब जब बुक की और जब कैब आई।
उन्होंने देखा एक महिला कैप चला रही है। साथ में उसकी छोटी सी बच्ची बाजू वाली सीट में सो रहे हैं। यह कहानी बेंगलुरु की महिला की है, जिसने क्लाउडसेक के सीईओ राहुल सासी के मन को भी छू लिया।
महिला ड्राइवर की कहानी Cloudsek के सीईओ की जुबानी
क्लाउडसेक के सीईओ राहुल सांसी बेंगलुरु मैं किसी एक जगह पर जाने के लिए उबर से टैक्सी बुक करते हैं। जब वह टैक्सी राहुल सासी के पास आती है, तो वे देखते हैं कि ड्राइविंग सीट पर एक महिला बैठी हुई है और उसके बाजू वाली सीट पर उसकी छोटी सी बच्ची सो रही है।
वह देख कर काफी हैरान होते हैं और हैरानी में उस महिला ड्राइवर से पूछ लेते हैं कि आखिर में माजरा क्या है। महिला के द्वारा बताई गई कहानी को राहुल के द्वारा लिंकडइन अकाउंट में शेयर की गई है और कहानी काफी ज्यादा वायरल होती है।
महिला ड्राइवर 12 घंटे करती है जॉब
राहुल सासी के द्वारा शेयर की गई महिला ड्राइवर की कहानी देखते ही देखते सोशल मीडिया पर छा गई हर कोई उसकी कहानी जानकर उसे सद्भावना दे रहा है और उसके जज्बे को सलाम कर रहा है।
आपको बता दें यह महिला 12 घंटे ड्यूटी करती है, क्योंकि उसे अपनी बच्ची को और परिवार को पालने के लिए पैसे कमाने हैं, नहीं तो उसका परिवार कैसे चलेगा वह अपने काम से खुश है। उसे अपने काम से कोई बुराई नहीं बल्कि वह बहुत ही मेहनत से यह काम करती है। इसी जज्बे को देखकर लोगों ने इस महिला ड्राइवर की कहानी से काफी ज्यादा प्रेरित हुए हैं।
आपदा काल में इस महिला चालक की सपने टूट कर बिखर गए
आपदा कॉल आम नागरिकों पर कहर बनकर बरपा है, लोगों ने इस समय सपनों के साथ अपनों को भी खोया है। ऐसा ही कुछ इस महिला ड्राइवर जिसका नाम नंदनी बताया जा रहा है के साथ हुआ।
नंदनी बताती हैं कि वह टैक्सी ड्राइवर बनने से पहले पैसे की बचत करके फूड ट्रक की शुरुआत की थी, परंतु उनकी कामयाबी के पहले कोरोना काल का आगमन हो गया, जिसकी वजह से उनके सपने महामारी पर कुर्बान हो गए।
Woman drives Uber in Bengaluru along with daughter in front seat after losses in food business
Inspiring lady ❤ pic.twitter.com/3VsHCS58Lf— Jack Ryen (@underated06) November 3, 2022
उन्होंने इस काम के लिए जितना पैसा इन्वेस्ट किया था, सब बर्बाद हो गया। जिसके बाद उन्होंने यह टैक्सी ड्राइवर का काम शुरू किया वह कहती है कि उन्हें अपने काम में कोई शर्म नहीं है और ना ही उन्हें यह काम बुरा लगता है। बल्कि वे खुशी-खुशी इस काम को करती हैं और पैसे कमा कर अपने परिवार को पालते हैं।



