
Bengaluru: हमारे देश में फिल्मी स्टार के फैंस में दीवानगी के हद तक लोगों में पागलपन देखा जाता है। भारत में दिलीप कुमार से लेकर आज आधुनिक कई सुपरस्टार तक कुछ ऐसी कलाकार रहे हैं, जिनके फ्रेंड्स आए दिन अपनी दीवानगी प्रदर्शन करने के लिए एक से बढ़कर एक कदम उठाते हैं।
क्या आप जानते हैं हमारे भारत देश में एक ऐसे भी सुपरस्टार हुए जिनके गुजर जाने पर उनके आखिरी दर्शनों के लिए लाखों की भीड़ सड़कों पर उतर आए और प्रदेश में व्यवस्था कायम रखने के लिए 144 धारा अर्थात राष्ट्रपति शासन भी लागू करना पड़ गया।
वहीं कुछ लोग सिर्फ उनके निधन की खबर सुनकर ही हार्ट अटैक से यह दुनिया छोड़ गए एवं कुछ लोगों ने डिप्रेशन में आकर स्वयं सुसाइड कर लिया। हम बात कर रहे हैं कन्नड़ जगत के सुपरस्टार (Kannada Superstar) पुनीत राजकुमार (Puneeth Rajkumar) की जो ना केवल एक सफल कलाकार थे, बल्कि सामाजिक तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए 26 से अधिक अनाथालय चलाते थे एवं 46 से ज्यादा स्कूलों के जरिए गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिया करते थे।
शायद यही वजह है कि समाज में उनके समर्पण को देखते हुए लाखों लोग के वह चाहते बन गए। पर कहते हैं अच्छे लोगों को ऊपरवाला जल्दी अपने पास बुला लेता है। हमारा यह सुपरस्टार भी बहुत कम उम्र में अपने लाखों फैंस को छोड़कर 29 अक्टूबर 2021 को हमेशा के लिए सबको अलविदा कर गए।
कन्नड़ सुपरस्टार पुनीत राजकुमार सिर्फ 6 माह की उम्र में ही एक फिल्म में दिखे थे
पुनीत राजकुमार जी का जन्म 17 मार्च 1975 को बेंगलुरु (Bengaluru) में हुआ था। इनके माता-पिता दोनों ही पहले से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय थे इनके पिता का नाम डॉक्टर राजकुमार जो प्रसिद्ध कलाकार एवं फिल्म निर्माता थे।
वहीं इनकी मां निर्माता के तौर पर पर्वथम्मा राजकुमार के नाम से जानी जाती थी। कहते हैं पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं तो राजकुमार जी की पहली झलक सिर्फ 6 महीने की उम्र में ही एक फिल्म प्रेमदा कनीके में देखने मिली थी। डॉ राजकुमार के 5 बच्चे थे जिनमें पुनीत राजकुमार सबसे छोटे बेटे थे।
10 वर्ष की आयु में अपनी पहली फिल्म से ही जीता नेशनल अवार्ड
दोस्तों पुनीत राजकुमार बचपन से ही अपनी बहनों के साथ अपने माता-पिता के फिल्म सेट पर आया जाया करते थे जिस वजह से उनकी रूचि शुरू से ही फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के प्रति बन गई थी।
Remembering Puneeth Rajkumar on his birthday 🙏#PuneethRajkumar pic.twitter.com/xu238fmDDr
— Abhishek Lohia (अभिषेक लोहिया) (@JuniorLohia) March 17, 2023
इसके करके मैं ज्यादा से ज्यादा समय फिल्मी सेट पर बिताते थे। 10 साल की उम्र में अपनी पहली फिल्म “बेट्टडा हुवु” में वह नजर आए और बेहतर एक्टिंग के दम पर उन्हें नेशनल अवार्ड से नवाजा गया। और यहीं से शुरू हुए उनकी सुपरस्टार जिंदगी का सफर।
समाजसेवी के तौर पर 26 अनाथ आश्रम एवं 46 से अधिक मुफ्त स्कूल चलाया करते थे
पुनीत राजकुमार कन्नड़ के ऐसे सुपर अभिनेता बने जिनकी 14 से अधिक फिल्में लगातार 100 दिनों तक थिएटर में लगी रहती थी। वह एक फिल्म के लिए 2-3 करोड रुपए चार्ज किया करते थे।
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— Bangalore Times (@BangaloreTimes1) April 1, 2023
फिल्मों के एवं ब्रांड एंडोर्समेंट के जरिए होने वाली आमदनी से वह 26 अनाथ आश्रम एवं 46 से ज्यादा ऐसी स्कूल चलाया करते थे जहां गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिले। इसके अलावा वेश्यावृत्ति से निकाली गई महिलाएं एवं तस्करी का शिकार हुई बच्चियों को बेहतर जिंदगी देने के लिए भी यह संस्था चलाते थे।
जब लाखों लोग उमड़े अपने फेवरेट स्टार के आखरी दर्शन करने
दोस्तों 29 अक्टूबर 2021 के दिन अपने जिम में वर्कआउट करने के दौरान पुनीत राजकुमार जी को अनइजी महसूस हुआ,उनकी पत्नी ने हॉस्पिटल संपर्क किया जहां डॉ ने हार्ट अटैक की वजह से उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Gandhadagudi (❤/❤)
Kannada (2022) (U)
Amazing journey through Karnataka wilderness with stunning visuals & great cinematography.. Dr.Puneeth Rajkumar has not acted in the movie but lived…
Available In Amazon Prime#gandhadagudi #PuneethRajkumar pic.twitter.com/nuYp7E5Cjl— Nikhil (@NikhilPoojary01) April 2, 2023
जैसे ही यह खबर लोगों तक पहुंची पूरे राज्य में हड़कंप मच गया। जिसके कारण सरकार को 144 धारा भी लागू करनी पड़ गई। 2 दिनों तक पूरे राज्य में लगभग सभी थियेटर्स बंद रहे, कई डिपार्टमेंट्स एवं प्राइवेट कंपनी ने अपने एम्पलाई को भी छुट्टी दे दी थी। हम महान समाजसेवी एवं कलाकार पुनीत राजकुमार जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।



