यह बेटी 22 साल की उम्र में UPSC में सफलता हासिल कर IPS अधिकारी बनी, ऐसे 316 वी रैंक पायी

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pooja Awana IPS
IPS Pooja Awana UPSC Exam Success Story. Meet IPS officer Pooja Awana from Atta Gaon Noida, who cleared UPSC at the age of 22 years.

Noida: देशभर में युवा अपनी पढ़ाई मुकम्मल करने के बाद एक अच्छी नौकरी की तलाश में रहते हैं। कुछ लोग अपना ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद किसी प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने लगते हैं या फिर इसी बिजनेस की तरफ बढ़ जाते हैं, परंतु कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो प्रशासनिक सेवा की तरफ बढ़ते हैं।

भारत में 80 फ़ीसदी युवा ऐसा है, जो सिविल सर्विस (Civil Service Exam) की तैयारी में जुटा हुआ है। हर वर्ष लाखों युवा यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) के लिए तैयारी करता है और परीक्षा देता है। इस परीक्षा में चुनिंदा लोग ही चुने जाते हैं। यूपीएससी परीक्षा में पास होना भारत के 80 प्रतिशत युवा का सपना है। और हजारों आईएएस अधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने जीरो से हीरो तक का सफर तय किया है।

आपको बता दें भारत में 50 प्रतिशत ऐसे आईएएस और आईपीएस अधिकारी हैं जिन्होंने इस सफर को तय करने में काफी ज्यादा आर्थिक तंगी ओं का सामना किया है, परंतु इन लोग कभी अपने लक्ष्य से नहीं हटे और ना ही खुद को हार मानने के फल स्वरुप आज भी आईएएस और आईपीएस पद के लिए चयनित हुए हैं। आज हम इस लेख के माध्यम से एक ऐसे ही आईपीएस अधिकारी की बात करेंगे जिसने अपने पिता के सपने को साकार कर दिखाया।

आईपीएस अधिकारी पूजा अवाना

आपको बता दें आईपीएस अधिकारी पूजा अवाना (IPS Officer Pooja Awana) नोएडा के एक छोटे से गांव अट्टा की रहने वाली हैं। पूजा ने 22 वर्ष की उम्र में दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 316 वी रैंक लाकर आईपीएस का पद प्राप्त किया। बताया जा रहा है कि पूजा के पिता बचपन से ही चाहते थे कि उनकी बेटी खाकी वर्दी पहनकर देश की सेवा करें।

Pooja Awana IPS Officer
IPS Officer Pooja Awana Photo Source Twitter

अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए पूजा अवाना ने यूपीएससी परीक्षा को चुना और तैयारी में जुट गई। 2010 में पूजा ने पहली बार यूपीएससी परीक्षा दी थी, जिसमें वे असफल रही, परंतु पूजा कहती है कि इस असफलता से भी उन्होंने काफी कुछ सीखा वह एक अनुभव के साथ दोबारा तैयारी में जुट गई और दूसरे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर ली।

पहली पोस्टिंग पुष्कर हुए

पूजा बताती है कि वर्ष 2010 में असफल होने के बाद उन्होंने असफलता से काफी कुछ सीखा। वे इस असफलता निराश नही हुई, बल्कि उन्होंने अपनी कमियों को समझा और उस पर काम करना शुरू किया। 2011 में उन्होंने दूसरी बार यूपीएससी की परीक्षा दी, जिसमें उन्हें 316 भी रैंक प्राप्त हुई और वे आईपीएस पद के लिए चयनित हो गई।

इसके बाद उन्होंने 11 महीने की ट्रेनिंग की तत्पश्चात राजस्थान कैडर के अंतर्गत आने वाले पुष्कर में पहली नियुक्ति हुई। पूजा आम जनता के बीच काफी चर्चित है, क्योंकि उनका स्वभाव समाज सेवा का है जिसकी वजह से उन्हें काफी लोग जानते हैं। और उनका सम्मान भी करते हैं

कई पदों पर किया है काम

बताया जा रहा है कि पूजा अवाना ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है, जैसे राजस्थान में वे डीएसपी के पद पर कार्यरत थी। इसके साथ ही उन्होंने ट्रेफिक कमिश्नर के पद पर भी काम किया है। इसी प्रकार कई ऐसे पद है जिन पर पूजा ने काम करके अपना मान बढ़ाया है।

एक इंटरव्यू के दौरान पूजा कहती हैं कि अक्सर यूपीएससी के उम्मीदवारों को कम अंक प्राप्त होने पर काफी निराशा होती है। परंतु यदि उम्मीदवार निराश ना होकर उस असफलता से कुछ सीख कर दोबारा और अधिक प्रयास करके यूपीएससी की परीक्षा देते हैं, तो उन्हें सफलता अवश्य मिलती है। उनका कहना है कि यूपीएससी की शिक्षा समर्पण के साथ साथ मेहनत मांगती है, जो व्यक्ति कड़ी मेहनत करें तो वह जरूर सफल होता है।

कई मामलों पर की है जोरदार कार्यवाही

जानकारी के अनुसार पूजा अवाना ने महामारी के वक्त गरीबों को भोजन वितरित किया। राजस्थान के प्रतापगढ़ में वे उस वक्त एसपी के पद पर कार्यरत थी। उन्होंने कई मामले में सख्ती से कार्यवाही की।

महामारी के वक्त भी दवाइयों के मामले में घोटाले हो रहे थे। समय पूजा ने आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की और मामले की जांच पड़ताल की। इसी प्रकार कई मामले हैं, जिसमें पूजा अवाना ने अपना बेस्ट दिया, जिस वजह से आज भी पूरे राजस्थान में मशहूर है।

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