
Delhi: सिविल सर्विसेज (Civil Service) भारत का सबसे प्रतिष्ठित पद माना जाता है। यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद एक अधिकारी को भारत सरकार का हिस्सा बन कर काम करने का मौका मिलता है। देश का हर युवा सपना देखता है कि वह अपने देश के लिए कुछ काम कर सके साथ ही नाम और शोहरत दोनों ही कमा सके।
भारत का 80 प्रतिशत युवा जाता है कि उसकी सरकारी नौकरी लगे और सरकारी नौकरी में आईएएस या आईपीएस का पद प्राप्त हो। यह एक बहुत ही सम्मानजनक पद है, परंतु उसको प्राप्त करना भी कठिन है। इस परीक्षा को सबसे कठिन परीक्षा में से एक माना जाता है।
इस परीक्षा में 3 चरण होते हैं पहला प्रारंभिक परीक्षा दूसरा मुख्य परीक्षा और तीसरा साक्षात्कार यदि उम्मीदवार इन में से किसी एक चरण में भी फेल हो जाता है, तो उसे दोबारा पहले चरण से प्रारंभ करना पड़ता है। इस परीक्षा में प्रतियोगिता भी काफी ज्यादा है, क्योंकि गिनी चुनी पोस्ट के लिए हर वर्ष लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में अपनी सफलता की उम्मीद लेकर बैठते हैं।
प्रीति बेनीवाल की सफलता की कहानी
हरियाणा (Haryana) राज्य के अंतर्गत आने वाले डुपेडी गांव की रहने वाली प्रीति बेनीवाल (IAS Preeti Beniwal) ने तीसरे प्रयास में 754 वी रैंक हासिल कर सिविल सर्विसेज में शामिल हुई। आपको बता दें प्रीति बेनीवाल सिविल सर्विसेज में शामिल होने से पहले एक ट्रेन हादसे का शिकार हो गई थी, जिसमें उनका जीवन पूरी तरह बदल कर रख दिया। ट्रेन हादसा उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट था, इसी के बाद वे सिविल सेवा परीक्षा देना और उसमें सफलता पाना उनका लक्ष्य बन गया था।

यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) देश की सबसे कठिन परीक्षा है, यही कारण है कि लाखों लोग इस परीक्षा में शामिल होते परंतु चुनिंदा लोग ही इस परीक्षा में चुने जाते हैं। कई उम्मीदवार तो 6 से 7 साल मेहनत करके इस परीक्षा में सफल हो पाता है प्रीति बेनीवाल ने भी तीसरे प्रयास में इस परीक्षा में सफलता हासिल की थी। यह परीक्षा धैर्य और समर्पण का फल होता है।
जाने प्रीति बेनीवाल की शिक्षा के बारे में
जानकारी के अनुसार प्रीति बेनीवाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हरियाणा के नजदीकी का से फफदाना पूरी की। इसके बाद कक्षा 10वीं 11वीं और 12वीं की पढ़ाई पानीपत से पूरी की। उसके बाद उन्होंने अपनी कॉलेज की शिक्षा भी हरियाणा के एक नामचीन कॉलेज इसराना कॉलेज से पूरी की।
आपको बता दें प्रीति बेनीवाल ने बीटेक और एमटेक किया हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एमटेक की डिग्री हासिल कर उन्होंने ग्रामीण बैंक में क्लर्क की जॉब हासिल कर ली थी। वर्ष 2013 से लेकर वर्ष 2016 तक उन्होंने इसी ग्रामीण बैंक में क्लर्क के पद पर नौकरी की साथ ही वह सरकारी नौकरी (Government Job) की तैयारी भी कर रही थी।
एक बार फिर उनकी किस्मत ने साथ दिया और वर्ष 2016 में वे एफसीआई मैं असिस्टेंट जनरल 2 पद के लिए चयनित हुई। इस पद पर भी उन्होंने काफी वर्षों तक काम किया और लगातार बड़ी जॉब की तैयारी करती रही।
दुर्घटना के बाद लोगों ने छोड़ा साथ
जानकारी के मुताबिक प्रीति बेनीवाल जब एफसीआई मैं प्रमोशन के लिए एग्जाम देने जा रही थी। उसी दौरान ट्रेन से उतरते वक्त पैर स्लिप हो जाने की वजह से वे पटरी पर जा गिरी, उसी दौरान ट्रेन के चलने का समय हो चला था।
इस हादसे के बाद वे गंभीर रूप से घायल हो गई थी जिस वजह से उनकी 14 सर्जरी करनी पड़ी। साथियों ने 1 वर्ष तक बेड रेस्ट भी करना पड़ा। एक बार फिर उन पर समय की मार पड़ी जब उनके ससुराल वालों ने और उनके पति ने उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया। इसी दौरान उन्होंने अपने को मजबूत बनाया और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी प्रारंभ कर दी।
सफलता हासिल कर लोगों को दिया जवाब
इतने बड़े ट्रेन हादसे (Train Accident) के बाद और ससुराल पक्ष के द्वारा छोड़े जाने के बाद भी प्रीति बेनीवाल ने अपनी हिम्मत नहीं हारी, बल्कि इन परिस्थितियों का सामना करते हुए यूपीएससी की तैयारी में लग गई।
पहले और दूसरे प्रयास में असफल रही, परंतु जब उन्होंने तीसरी बार परीक्षा दी तो वह 754 वी रैंक हासिल कर सिविल सेवा का हिस्सा बनी। उनकी सफलता ने हालातों पर छोड़ने वाले लोगों को एक जोरदार तमाचा मारा। एक कहावत है तभी किसी के हालातों पर हंसना नहीं चाहिए क्योंकि हालात बदलने में वक्त नहीं लगता।



