शख्स ने अपने ऑफिस लंच टाइम में UPSC की पढ़ाई की और पहली रैंक लाकर IAS ऑफिसर बना

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IAS Pradeep Singh Malik
IAS Pradeep Singh Malik shared UPSC time management strategy who got 1st rank in this exam. How Pradeep Singh Malik cracked UPSC.

Delhi: हर कोई अपने लाइफ़ मे देखे गए सपने को पुरा करना चाहता है। कोई कुछ अलग करना चाहता है। तो कोई UPSC की परीक्षा मे पास होकर देश की सेवा करना चाहता है। क्योंकि हमे बहुत से ऐसे लोग मिलेंगे, जो UPSC की तैयारी कई सालो से करते आ रहे हैं।

उनका यह एक जुनून सा बन गया है कि वह इस परीक्षा मे पास हो और पहली रैंक प्राप्त करे। वह इसमें पास होने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। ताकि वह इस कठिन परीक्षा मे पास हो जाए और अपने सपने को पुरा कर सके।

प्रदीप सिंह ने UPSC की परीक्षा मे पुरे भारत में प्राप्त किया पहला रैंक

ऐसे ही UPSC का सपना देखना और उसमे पहली रैंक प्राप्त करने वाले एक व्यक्ति के बारे में हम आज आपको जानकारी देंगे। आइए इस पोस्ट के जरिए जानते हैं कि इस मंजिल तक पहुंचने के लिए प्रदीप ने क्या क्या प्लानिंग की थी।

UPSC HQ
Union Public Service Commission

बता दे कि यह व्यक्ति हरियाणा के जिले सोनीपत मे निवास करने वाले प्रदीप सिंह हैं। जिन्होंने वर्ष 2019 की यूपीएससी सिविल सेवा एक्जाम मे पुरे भारत में प्रथम रैंक प्राप्त कर टाप किया था। प्रदीप सिंह ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कम्पलीट होने के बाद स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की कोचिंग की थी।

उसके बाद दिल्ली (Delhi) में आकर अपनी पहली नौकरी टैक्स आफ़िसर के रुप मे किया था। इतना ही नही वह यूपीएससी की परीक्षा मे 4 बार शामिल भी हुए थे। लेकिन उनको इसमे सफ़लता प्राप्त नहीं मिली थी।

प्रदीप की परीक्षा मे पास होने की यह थी प्लानिंग

बता दे कि जब प्रदीप ने अपनी पहली नौकरी जो कि इनकम टैक्स डिपार्ट्मेन्ट मे ज्वाइन की थी। तब वह राजेन्द्र नगर मे रहते थे। लेकिन उनकी यह पोस्टिंग बसंत कुंज मे थी। जिससे वह आफ़िस मेट्रो और बस से आना जाना किया करते हैं और उन्हें इस आने जाने मे करीब डेढ़ से 2 घंटे का वक्त लग जाता था।

प्रदीप सिंह बताते है कि उन्होने जब पहली बार UPSC की परीक्षा दिए थे। तो वह उस समय परीक्षा मे पास नही हो पाए थे। क्योंकि वह इस एक्जाम की तैयारी के साथ साथ नौकरी भी करते थे। जिससे उनकी तैयारी पुरी नही हो पाती थी। इस पहली एक्जाम से उन्हे यह एहसास हुआ कि उनकी एक्जाम की तैयारी के लिए उन्हें एक सही समय की आवश्यकता है। ताकि वह UPSC की परीक्षा मे पास हो सके।

कैसे करते हैं प्रदीप टाइम मेनेजमेन्ट

प्रदीप कहते है कि मैं अपनी नौकरी छोड़ नही सकता था। इसीलिए मैने अपने समय का पुरा उपयोग करने का प्रयास किया। मुझे नौकरी के बचे हुए समय यानि आने जाने मे जो 2 घंटे का वक्त लगता था।

उसी वक्त मे वह यूट्युब से अपनी पढ़ाई प्रारंभ की। साथ ही प्रदीप आफ़िस का काम भी जल्दी खत्म करते थे। ताकि लंच ब्रेक मे भी जो समय मिले उसमे पढ़ाई कर सके।

आफ़िस के स्टाफ़ ने भी किया प्रदीप का बहुत सपोर्ट

प्रदीप के अनुसार इस UPSC की परीक्षा की तैयारी के लिए समय निकालना बहुत जरूरी है। क्योकी बिना समय के यूपीएससी की परीक्षा मे सफ़ल होना बहुत ही मुश्किल होता है।

वह बताते है कि जिस दिन आफ़िस का काम जल्दी निपट जाता था। वह अपने सिनियर्स से कहकर जल्दी घर चले जाते थे। क्योकि इस बचे समय मे वह पढ़ाई कर सके। इतना ही नही उनकी इस तैयारी मे उनके आफ़िस का पुरा स्टाफ़ भी उन्हे बहुत सपोर्ट करता था।

कैसे पूरी की प्रदीप ने अपनी ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई

UPSC मे प्रथम रैंक लाने वाले प्रदीप की पढ़ाई के बारे मे बात करे तो उन्होने अपनी कक्षा 7 तक की पढ़ाई अपने बचपन के गाँव टिवरी के सरकारी स्कूल से किया है और इसके बाद की सारी पढ़ाई इन्होंने सोनीपत से किया है। क्योकि इनका पुरा परिवार सोनीपत (Sonipat) चला गया था।

उन्होने वही रहकर वर्ष 2008 मे अपनी 12वी की पढ़ाई शंभु दयाल आधुनिक स्कूल से पूरी की और दीनबन्धु छोटू राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल जो की सोनीपत मे ही स्थित है, वहाँ से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।

सुखबीर सिंह जो कि प्रदीप सिंह (IAS Pradeep Singh Malik) के पिता हैं। वह हिन्दुस्तान टाइम्स मे अपने बच्चों के बारे मे बताते है कि 2000 दशक के शुरुआत मे ही अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए मैं अपने पुरे परिवार को लेकर सोनीपत मे शिप्ट हो गया था।

प्रदीप से कहा था कि IAS बनने के लिए कोशिश लगातार करते रहो। इस पढाई के लिए पैसे की चिंता मत करो। प्रदीप ने अपने पिता के कहने पर आज IAS बन दिखाया। जिससे प्रदीप का पुरा परिवार प्रदीप पर गर्व आज कर रहा है।

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