एक 13 साल का बच्चा 56 कंपनियों का CEO बन गया, अमेरिका तक इसकी रैंकिंग पहुंच गई, कमाल हो गया

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Suryansh CEO
Bihar boy Suryansh became the CEO of 56 companies at the age of 13. Suryansh came up with his first startup in 9th standard.

Patna: दोस्तों हम सब का बचपन से एक ही सपना होता है कि बड़े होकर एक स्ट्रांग कैरियर बना सके। कैरियर का मतलब होता है, एक ऐसी आमदनी जिससे हमारे आज के खर्चे तो पूरे हो ही सके बल्कि इतनी सेविंग भी हो सके कि आने वाले समय में जीवन की सभी प्रकार की इमरजेंसी जरूरतों को भी पूरा किया जा सके।

आज के वर्तमान परिवेश में जहां टेक्नोलॉजी इतनी तेजी से बढ़ रही है, वहां जॉब अपने आप करते जा रहे हैं। इसलिए सरकार भी अब युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देती है कि नौकरी मांगने की वजह नौकरी देने वाले बनो। पिछले कुछ वर्षों में भारत दुनिया भर में सबसे ज्यादा स्टार्टअप करने वाला देश भी बन चुका है।

आज यहां हर दूसरा युवा अपने दिमाग में एक आईडिया रखता है, जिसके जरिए वह कुछ बड़ा कर सके परंतु कुछ लोग ही हैं, जो अपने आइडिया को बिजनेस में कन्वर्ट कर पाते हैं। वही एक 13 साल के बच्चे ने बड़े-बड़े लोगों को हैरान कर दिया। जहां लोग एक कंपनी को चला नहीं पाते वही यह 56 कंपनियों का सीईओ (CEO of 56 Companies) बन चुका है और जल्दी ही उसकी कंपनियां मार्केट में धूम मचाने वाली है। आइए जानते हैं इस सुपर किड के बारे में।

यह बिहार का लाल है रहता है इस जिले में

हम जिस 13 वर्षीय आंत्रप्रेन्योर किड की बात कर रहे हैं वह मुजफ्फरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले प्रखंड कटरा में अम्मा गांव का रहने वाला है। सूर्यांश जब नौवीं कक्षा में पढ़ रहे थे, तभी उन्होंने अपनी पहली कंपनी का स्टार्टअप कर दिया था।

आज वो 14 वर्ष के हैं एवं दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं। बातचीत में सूर्यांश (Suryansh) ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जब उन्होंने जरूरत के लिए किसी वस्तु को ऑनलाइन ऑर्डर किया। तभी उन्हें आईडिया आया कि क्यों ना मैं भी कोई ऐसी इ कॉमर्स कंपनी बनाऊं जो लोगों को सिर्फ 30 मिनट में ही होम डिलीवरी दे सके।

एनजीओ चलाने वाले माता-पिता से मिली प्रेरणा एवं प्रोत्साहन

सूर्यांश के पिताजी संतोष कुमार हैं। जो अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक एनजीओ चलाते हैं। यह एनजीओ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र से जुड़ कर के समाज के अंदर लोगों के हित के लिए काम करती है। सूर्यांश ने जब अपना आईडिया पिताजी के साथ शेयर किया तो पिता संतोष कुमार ने उन्हें काफी प्रोत्साहन दिया जिससे उन्हें अपनी कंपनी को लांच करने की प्रेरणा और बढ़ गई।

आज उनकी कंपनी में पांच और को-फाउंडर हैं, जिनकी मदद से वह 17 से 18 घंटे तक लगातार हार्ड वर्क करते हैं। उनके इस डेडीकेशन को देखते हुए स्कूल ने भी उन्हें घर से पढ़ाई करने का मौका दे रखा है ताकि यह होनहार बच्चा जीवन में वहां पहुंच सके जो वह चाहता है।

नौवीं कक्षा में बनाई थी पहली कंपनी उद्देश्य था लोगों को फास्ट डिलीवरी सर्विस देना

जानकारी के अनुसार सूर्यांश की कंपनी का नाम है सूर्यांश कांटेक्ट प्राइवेट लिमिटेड जो अपने अंदर 56 छोटे-छोटे नए स्टार्टअप को समेटे हुए हैं। जैसे एक वेबसाइट जिसका नाम है http://shadikijiye.com, जिसके जरिए वह लोगों को घर बैठे परफेक्ट दूल्हा-दुल्हन की मैचिंग उपलब्ध करवा रहे हैं।

वही आधुनिक समय में तहलका मचाने वाली क्रिप्टो करेंसी (Crypto Currency) ऑफर करने के लिए मंत्रा फाई डॉट कॉम (Mantrafi) नाम की वेबसाइट भी तैयार कर ली गई है। जल्दी यह पूरे 56 स्टार्टअप्स मार्केट में अपनी सर्विसेज शुरू करने वाले हैं। जिसके लिए सूर्यांश दिन रात मेहनत कर रहा है।

अमेरिका की इस संस्था ने सूर्यांश को दिया ग्लोबली 14 वी रैंक

अमेरिका की जानी-मानी टेक क्रंच एजेंसी जो कि एक लीडिंग मीडिया कंपनी मानी जाती है। उसके “क्रंचबेस” की रैंकिंग के अनुसार सूर्यांश को वर्ल्ड वाइड 14 रैंक दी गई है जो कि, दुनिया के टॉप सीईओ एलन मस्क, मुकेश अंबानी एवं मार्क जुकरबर्ग से भी बेहतर मानी जाती है। ये भी मेट्रोमोनी, क्रिप्टो करेंसी, ई कॉमर्स जैसी कंपनीज पे काम कर रहे हैं।

संतोष कुमार अपने 13 वर्ष के पुत्र द्वारा इतनी कम उम्र में यह सफलता अर्जित करने से काफी गर्व महसूस करते हैं और सूर्यांश को देखकर अब यह प्रतीत होता है कि, भारत फिर से सोने की चिड़िया बनने की ओर अग्रसर हो चला है।

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