
Delhi: कहते हैं हुनर की कोई उम्र नहीं होती, पिछले कई सालों में इस बात को साबित करने के लिए एक से बढ़कर एक हुनर बाज देखने को मिले हैं। जो अपनी उम्र से कहीं ज्यादा कर गए। चाहे वह गायकी में संगीत का क्षेत्र हो खेल का मैदान हो पढ़ाई हो या कंप्यूटर टेक्नोलॉजी लगभग सभी क्षेत्रों में छोटे बच्चों ने बड़ी सफलता के झंडे गाड़े हैं। इस छोटी उम्र में ऐसा ऐसा परफेक्शन तो हम कह सकते हैं, जैसे पूर्व जन्म से ही कोई हुनर लेकर के इस दुनिया में आए हैं।
हम आज ऐसे ही एक विलक्षण बच्चे की बात करने वाले हैं, जिसने 10 साल की उम्र में पूरी दुनिया में अपनी क्षमताओं की धाक जमा दी। जिस उम्र में बच्चे यह डिसाइड नहीं कर पाते कौन से कपड़े पहनने चाहिए या क्या खाना है, कैसे रहना है, इन सब चीजों की कोई सुधि नहीं होती उस उम्र में यह बच्चा बड़ी-बड़ी कंप्यूटर की प्रोग्रामिंग को खेल की तरह खेलते हुए कर लेता है।
अपनी सोच के जरिए कुछ इस तरीके से काम करता है, बड़े-बड़े लोग भी समझ नहीं पाते। दुनिया के टॉप 10 प्रोग्रामर्स में भी इनका नाम शामिल हो चुका है। आइए जानते हैं बिहार के इस 10 वर्षीय यश शर्मा के हुनर की कहानी।
बिहार के जिले से ताल्लुक रखता है हमारा यह लिटिल मास्टर
कहते हैं पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। ऐसे ही कुछ हुआ यश शर्मा (Yash Sharma) के साथ जब बाकी के बच्चे खेलकूद की जिद करते हैं एवं घर से बाहर भागते थे, अपने दोस्तों के साथ वक्त बिताने के लिए उस समय 10 वर्ष की उम्र में यश शर्मा अपने पिताजी के लैपटॉप से चिपका रहता था।
पूरे समय कोई ना कोई कंप्यूटर एवं उसकी कोडिंग से संबंधित वीडियोस देखना बुक्स पढ़ने में गुम रहता था। यह बताते हैं, यश शर्मा के पिता जो बिहार के छपरा जिले के अंतर्गत आने वाले बहुत ही छोटे से गांव के रहने वाले हैं।
कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की सभी भाषाओं में है माहिर
यश शर्मा कंप्यूटर की लगभग सभी प्रकार की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में माहिर है। जावास्क्रिप्ट, एडवांस जावा, एचटीएमएल, पीएचपी जैसी लैंग्वेज में बहुत ही सरलता से प्रोग्रामिंग कर लेते हैं। इसके साथ ही एसक्यूएल सर्वर जैसे डेटाबेस पर भी बहुत ही सुगमता से काम करते हैं।

इन सभी लैंग्वेज में सुगंधा से काम करने की वजह से या शर्मा आज एक स्वनिर्मित एक प्रेयर बन चुके हैं, जो ना केवल एक अच्छे प्रोग्रामर है, बल्कि अपनी स्वयं की कंपनी बनाने के कारण इस कम उम्र में एक सफल उद्यमी बनकर उभरे हैं। जहां यह रोजगार पाने की नहीं बल्कि कई लोगों को रोजगार देने की सोच रखते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
अपनी स्वयं की वेबसाइट के जरिए दे रहे हैं कस्टमर को बेस्ट सपोर्ट
यश शर्मा का कहना है की इंटरनेट या कंप्यूटर टेक्नोलॉजी का एक ही उद्देश्य है कि, लोगों की जिंदगी को कितने बेहतर ढंग से आसान किया जा सके। इसीलिए वह अपनी प्रोग्रामिंग स्किल के जरिए कस्टमर को एक ही छत के नीचे ए टू जेड सभी तरह की समस्याओं का समाधान एवं उनके व्यापार को बढ़ाने के लिए आवश्यक टूल्स उपलब्ध करवा सकें।
इसके लिए उन्होंने बकायदा एक कंपनी रजिस्टर्ड की है, जिसकी वेबसाइट का नाम http://CHOTACEO.COM है। इसके जरिए अपने से जुड़े छोटे बड़े सभी प्रकार के व्यापारियों को बिजनेस tech-support दे रहे हैं।
वर्ल्ड के टॉप अंडर टेन डेवलपर्स में आता है इनका नाम
आपको बताना चाहेंगे दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां बेहतर टेक एक्सपर्ट एवं प्रोग्रामर को ढूंढने की उद्देश्य से हर साल सैकड़ों टूर्नामेंट करवाते हैं। जिसमें जीतने वाले को बेहतर राशि के साथ-साथ अच्छी पोस्ट ऑफर की जाती है। इसी प्रकार के टैलेंट हंट के जरिए एक से एक बढ़कर स्किल्ड प्रोग्रामर प्रकाश में आए।

ऐसे ही वर्ल्ड के टॉप अंडर 10 डेवलपर्स की प्रतियोगिता में भी यश शर्मा ने अंडर 10 में आकर अपनी जगह बनाई। जो काम कई लोग 18 वर्ष की उम्र में भी नहीं कर पाते वह सारी सफलताएं उन्होंने सिर्फ 10 साल में अर्जित करके निश्चय अपनी योग्यता एवं दिमाग का लोहा बनवा लिया। यश आज कई बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं और हम देश के ऐसे मेधावी और होनहार बच्चे को उसके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं।



