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Chennai: आज का जमाना ऐसा है कि पेरेन्ट्स को अगर अपने बच्चो को पढ़ाना हो उच्च शिक्षा दिलाना हो तो एक मोटी रकम स्कूल, कॉलेज विभाग को देनी पड़ती है। आज का परेन्ट्स अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा दिलाने में ही अपनी मेहनत की कमाई की सारी रकम खर्च कर देता है।
गरीब परिवार आज ऐसी स्थिति में है, जोकि उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बिल्कुल काबिल नही रहा। क्योंकि शिक्षा एक कार्पोरेट के समान हो गई है। जिसमें सिर्फ पैसो वालो को ही जगह दी जाती है। आज के हालातो को देखते हुये गरीब परिवार तो बिल्कुल भी अपने बच्चो को उच्च शिक्षा नही दिलाता है।
कुछ लोग आज भी ऐसे है जिनके पास भले ही पैसे ना हो पर उनकी उच्च शिक्षा हासिल करने की ख्वाहिश इतनी बड़ी होती है कि इसके लिये वह कुछ भी करने को तैयार हो जाते है।
विनिशा वह लड़की जो स्कूल जारी रखने के लिये बेचती है मूंगफली
आज की हमारी कहानी उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देखने वाली एक लड़की की है। वह लड़की जो चाहती है कि वह उच्च शिक्षा हासिल कर जीवन में कुछ ऐसा करे जिससे उसके परिवार वाले उस पर गर्वित हो।
आज की कहानी केरल राज्य में रहने वाली बारहवी की एक छात्रा विनिशा (Vinisha) की है। विनिशा वह लड़की जोकि अपनी शिक्षा जारी रखने के लिये मूंगफली अपने स्कूल के खतम होने के बाद में बेचती है।
आज उसके शिक्षा हासिल करने के हौसले इतने बुलंद है कि उसे देखकर हर कोई प्रेरित होता है। इतनी छोटी उम्र में परिश्रम करता हुआ उसे देख लोग उसकी सराहना करते नहीं थकते। हालांकि कुछ लोग ऐसे भी है जो उस पर फब्तिया कसते है।
विनिशा 12वी की है स्टूडेंट, रोज शाम 4 से 8 बजे लगाती है ठेला
आपको बता दे कि विनिशा चेरथला में रहती है। उसका परिवार आर्थिक रूप से बहुत ही गरीब है। उसके परिवार में उसके पिता है जोकि मजदूरी करते है। वही विनिशा अभी कक्षा 12वी की स्टूडेंट है।
विनिशा रोज अपनी क्लास खत्म हो जाने के बाद में शाम 4 बजे से लेकर रात के 8 बजे के समय तक मूंगफली का ठेला लगाया करती है। जब वह यह काम करके फ्री होती है तो अपने घर जाकर पढ़ाई करती है।
अपनी माता की असमर्थता के कारण लेना पड़ा यह काम अपने हाथ में
विनिशा को यह काम इसलिए करना पड़ता है, क्योंकि खबर मिली है उसकी एक बड़ी बहन है। जिसकी शादी करने के लिये उसके परिवार वालो को कर्ज लेना पड़ा था। अधिक कर्जा हो जाने के कारण परिवार वाले काफी परेशान थे। ऐसे में विनिशा ने अपने परिवार की हालत को देखते हुये मूंगफली बेचने का डिसिजन लिया।
आपको बता दे कि ऐसा नही है कि सिर्फ विनिशा ही उनके परिवार में मूंगफली बेचने का काम करती है दरअसल विनिशा की माता यही काम करती थी। वह भी मुंगफली बेचती थी। लेकिन कुछ साल पहले ही उनके पैरो ने उनका साथ छोड़ दिया। पैरो में दर्द और बीमारी की वजह से विनिशा की मॉ यह काम करने में असमर्थ हो गई। इस कारण विनिशा को यह काम करना पड़ा।
पिता की घर चलाने में करती है सहायता
घर में जब विनिशा ने देखा की परिवार की आर्थिक स्थिति ओर भी कमजोर होने वाली है। तो उसकी पढ़ाई पर इसका कोई भी असर ना हो यह सोचकर ही विनिशा ने अपनी मॉं का काम अपने हाथ मे ले लिया। यह काम करके विनिशा अपनी पढ़ाई भी जारी रखती है और साथ में घर का गुजारा करने में अपने पिताजी का हाथ भी बटाती है।
विनिशा 4 सालो से बेच रही मूंगफली
विनिशा अपने इस कार्य के बारे में जानकारी देते हुये कहती है कि यह कार्य दरअसल वह आज से नही बल्कि पूरे 4 सालो से कर रही है। वह कहती है कि कई लोग ऐसे है जोकि उसका मजाक बनाते है तथा कमेंट करते है। लेकिन वह कहती है कि इन सब पर वह ध्यान नहीं देती है।
वह कहती है कि वह लोग जो उनका मजाक बनाते है उनपर वह ध्यान ना देकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंन्द्रित रखती है। वह कहती है कि मुझे आगे और भी पढ़ना है। में उच्च शिक्षा हासिल कर कुछ बड़ा करना चाहती हूँ।



