
Churu: किसी ने सही कहा है सफलता के लिए जरूरी नहीं कि आप किसी बड़ी डिग्री के धारक हो या किसी पैसे वाले परिवार के सदस्य। बल्कि देखा गया है कि दुनिया की जितने भी बड़े बड़े वैज्ञानिक या शोधकर्ता रहे हैं ज्यादातर बहुत गरीब एवं छोटे परिवार से आते थे।
शिक्षा की बात करें तो ज्यादातर वैज्ञानिकों ने तो शुरुआत में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी। परंतु उन्होंने अपने आप को किसी एक विषय किसी एक वस्तु पर शोध के दौरान खुद को इतना झोंक दिया की असाधारण अविष्कार कर बड़े वैज्ञानिक के तौर पर जाने जाते हैं।
ऐसे ही एक कहानी हम लेकर आए हैं जिसमें राजस्थान (Rajasthan) के बहुत ही छोटे से गांव के रहने वाले एक शख्स जिसे बचपन से हवाई जहाज (Airplane) देखने का शौक था और एयरपोर्ट पे गार्ड द्वारा एरोप्लेन देखने से मना कर दिया। ये बात उसे दिल पे ऐसी लगी कि उन्होंने जिद ठान ली कि एक दिन खुद का एयरक्राफ्ट (Aircraft) बनाकर ही दम लूंगा। नतीजा कई सालों की मेहनत के बाद आज वह एक व्यक्तिगत एयरक्राफ्ट बना चुके हैं। आइए जानते हैं इनकी पूरी कहानी।
राजस्थान के बेहद छोटे गांव का रहने वाला है बजरंग
दोस्तों हम जिस साधारण परंतु असाधारण इंजीनियर और वैज्ञानिक की चर्चा कर रहे हैं, उसका नाम बजरंग (Bajrang) है। जो कि राजस्थान राज्य में आने वाले चुरू (Churu) जिले के राजुलदेसर (Rajaldesar) गांव के अंतर्गत दस्सूसुर ग्राम का रहने वाला है। पेशे से मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाने वाले बजरंग को बचपन से ही हवाई जहाज देखने और उसमें बैठने का शौक था। बजरंगी के पिताजी एक साधारण किसानी का काम करते हैं एवं पेशे से मिस्त्री भी हैं।
वही परिवार में बजरंग के दो बड़े भाई भी हैं, जो व्यवसाय के तौर पर किसानी का काम करते हैं अर्थात हम यह कह सकते हैं कि बजरंग छोटे ग्राम में रहने के साथ-साथ बहुत ही साधारण परिवार को बिलॉन्ग करते हैं जिनके लिए हवाई जहाज पर बैठने का सपना देखना भी बड़ी बात होगी।
एयरपोर्ट गार्ड द्वारा रोके जाने की घटना दिल पे लगी जिससे बना लिया खुद का एयरक्राफ्ट
जैसा हर आम इंसान का सपना होता है कि बड़े होकर एक न एक दिन हवाई जहाज का सफर करेंगे, बिल्कुल वैसे ही बजरंग भी बचपन से हवाई जहाज में बैठने का शौकीन था। परंतु इनका जज्बा एक साधारण इंसान से बहुत ऊपर निकला। एक दिन वह जयपुर एयरपोर्ट गए हवाई जहाज का टेकऑफ देखने के उद्देश्य से परंतु सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें रनवे तक जाने की अनुमति नहीं दी।
इस घटना से है बजरंगी को यह जिद आ गई कि अब मैं स्वयं का हवाई जहाज बनाऊंगा भले ही इसमें कितना भी वक्त लग जाए और कहते हैं ना जीतना है तो जिद करना ही पड़ेगा इसका नतीजा आज हमारे सामने है।
बहुत ही साधारण शिक्षा एवं डिग्री के बावजूद किया यह बड़ा इनोवेशन
यदि हम बजरंगी की पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने सिर्फ पांचवी तक की पढ़ाई ही की है और उसके बाद उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया था शिक्षकों के अनुसार बजरंगी के वास्तविक नाम ब्रजमोहन है। पढ़ाई तो छोड़ दी परंतु, बजरंगी कमाल की प्रतिभा के धनी हैं जिनका दिमाग एक इंजीनियर की तरह ही काम करता है।
Bajrang of #Dasusar village of #Ratangarh tehsil of #Churu district of #Rajasthan, has taken everyone by surprise by making an aircraft. 5th pass Bajrang has made an #aircraft by spending 15 lakh rupees.#india #indiamarket #technology #socialmedia #aviation pic.twitter.com/aVGDbdeTa5
— IndiaMARKET (@IndiaMarket_App) August 5, 2022
उन्होंने मोबाइल रिपेयरिंग एवं कंप्यूटर के व्यवसाय को चुना और गांव में ही एक छोटी सी दुकान खोल ली। बजरंगी ने बताया एयर क्राफ्ट बनाने के लिए एक बड़ी रकम की जरूरत थी, जिसके लिए वह अपने मोबाइल की दुकान से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा सालों से जोड़ते आ रहे थे।
मारुति की वैगनआर कार का इंजन इस्तेमाल किया गया एयरक्राफ्ट बनाने में
बजरंगी से बातचीत के दौरान बताया कि मैं पिछले 8 साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। इस एयरक्राफ्ट को बनाने के लिए कई तरह के टेक्निकल पार्ट्स उन्होंने स्वयं तैयार किए हैं और इंजन के तौर पर मारुति के सुप्रसिद्ध कार वैगनआर के पेट्रोल इंजन (Car Engine) को फिट किया है। इसे पूरा करने में करीब 15 RS लाख रुपए का खर्च आया है। दोस्तों 10 से 12 ऐसे लोग भी थे, जिनको बजरंगी के इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट पर भरोसा था तो उन्होंने आर्थिक तौर पर सहायता भी प्रदान की।



