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Jabalpur, Madhya Pradesh: नागरिकता कानून का जबलपुर सहित देश के काफी शहरों में भारी विरोध किया जा रहा है। किन्तु उसके दूसरे पहलु को कोई भी ध्यान नहीं दे रहा। जबलपीर शहर (Jabalpur City) में नेपियर टाउन (Napier Town) समेत अन्य पांच डकैतियों में बांग्लादेशी गिरोह (Bangladeshi Group) के होने की बात सामने आई है। इस मामले में डकैत बांग्लादेशी गिरोह के मुख्य आरोपित को केरल (Kerala) के कुन्नूर जिले की जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। केरल जीआरपी ने उस उस संदेही को शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और हांथपाइके मामले में गिरफ्तार किया है।
जबलपुर साइबर पुलिस (Jabalpur Cyber Police) को वह लूट के मोबाइल का लोकेशन बांग्लादेश (Bangladesh) के चिटगांव में एक्टिव मिला था। इसके बाद सर्विलांस सेल की सहायता से पता चला कि मोबाइल डकैत मानिक सरकार (Manik Sarkar) उर्फ मोटू सरकार (Motu Sarkar) चला रहा है।
जबलपुर पुलिस की टीम केरल रवाना की गई
मध्यप्रदेश जबलपुर क्राइम ब्रांच (Jabalpur Police MP) और ओमती थाने (Omti Police Station) का बल कई बार पश्चिम बंगाल (West Bengal) भी गया। मध्यप्रदेश की जबलपुर पुलिस ने बीएसएफ (BSF) से भी सहायता ली, किन्तु वह शातिर बांग्लादेशी डकैत हाथ नहीं आया। इंटर स्टेट ग्रुप में फोटो शेयर होने के बाद भेजी गई टीम पुलिस सूत्रों के मुताबिक हर जिले के एसपी को इंटर स्टेट या बड़े गिरोह की गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के फोटो, अपराध आदि का ब्योरा इंटर स्टेट ग्रुप में शेयर करना होता है।
जबलपुर से केरल तक चोरी और डकैती की वारदातों में अवैध बांग्लादेशियों घुसपैठियों का हाँथ। जबलपुर SP Amit Singh ने एक टीम केरल भी रवाना की ताकि पकड़े गए बांग्लादेशी से पूछताछ की जा सके pic.twitter.com/tIXamELCXl
— UploaderLeaks (@UploaderLeaks) February 2, 2020
केरल की कुन्नूर में हुई डकैती में भी केरल की पुलिस को उस बांग्लादेशी शातिर की तलाश थी। जबलपुर एसपी अमित सिंह के निर्देश पर ओमती थाने की एक टीम केरल के कुन्नूर पहुंची। जबलपुर पुलिस वहां कोर्ट से अनुमति लेकर जेल में उस बांग्लादेशी शातिर से पूछताछ करेगी।
CCTV फोटो मिलान में जबलपुर की डकैती का सुराग मिला
इसी के तहत केरल पुलिस ने आरोपी मानिक सरकार की फोटो शेयर की थी। फोटो का मिलान जबलपुर की डकैती (Jabalpur Loot) में सीसीटीवी में कैद लोगो से किया गया। पीडि़त परिवार से भी इन तस्वीरों की पहचान कराई गई। इसके बाद ओमती थाने के एसआई सतीश झारिया की अगुवाई में 3 सदस्यीय टीम को केरल रवाना किया गया।
आपको बता दें की पूरे देश में बांग्लादेशियों ने घुशपैठ कर रखी है और उनमे से अधिकांश बांग्लादेशी नागरिक भारत में गलत कामो जैसे चोरी और लूट में शामिल रहे है। बांग्लादेश में बेरोजगारी और गरीबी से ग्रसित लोग बंगाल के रास्ते भारत आ जाते हैं और अपने जीवन यापन के लिए गलत गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं, ऐसे में इन अवैध घुशपैठियों पर लगाम लगाने की सख्त जरुरत है।



