
Delhi: पूर्वोत्तर भारत के वेसे तो बहुत से राज्य ऐसे है, जो अपनी वादियों की खूबसूरती और प्रकृति के अनुपम द्रश्य के लिए जाने जाते हैं। उन प्रकृति के धनी राज्यों में अरूणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) का नाम भी आता है। अरूणाचल प्रदेश वह राज्य है जिसे भारत का प्रदेश द्वार कहते है।
भारत के इस राज्य में ही सबसे पहले सूर्य की किरण पड़ती है। अरुणाचल प्रदेश मे बहुत से ऐसे स्थल है जो कि दर्शनीय है जिनका नाम पर्यटन स्थलों की लिस्ट में शुमार है। इन्हीं पर्यटन स्थलों में सबसे प्राचीन शहर ज़िरो (Ancient City Ziro) में एक बहुत ही छोटा हिल स्टेशन है। यह हिल स्टेशन चारो ओर से धान के खेत से घिरा है।
वही इस हिल स्टेशन (Hill Station) में चीड़ के सुन्दर पेड़ है, जिनके बीच यह हिल स्टेशन मोजूद है। आपको बता दे कि इस पूरे क्षेत्र मे घने जंगल है। जहा पर आदिवासियों के घर हैं। अरुणाचल प्रदेश का यह छोटा सा शहर ज़िरो (Ziro) समुद्र तल से लगभग 1500 मीटर ऊँचाई पर है।
अरुणाचल प्रदेश का यह स्थान जन्तुओं तथा पौधों के मामले मे काफी धनी है। इस स्थल में प्रकृति की विविधता काफी ज्यादा है। यहि विशेषता प्रकृति प्रमियों को इस जगह कि पसंद आती है, इसलिए लोग इस स्थान को आदर्श मानते है।
इस जगह में जो आदिवासी निवास करते है उनको अपाटनी आदिवासी कह्ते है। यह लोग प्रकृति को ईश्वर की तरह मानकर भगवान कि तरह पूजा करते हैं। इस जगह के आदिवासी केवल खेती नहीं करते, बल्कि उसके अलावा हस्तशिल्प और हैन्डलूम के विभिन्न उत्पादों को बनाते है और अपना अच्छे से जीवनयापन करते हैं। आपको बता दे कि अन्य आदिवासीयों के जेसे अपाटनी आदिवासी लोग को खानाबदोश नहीं कहा जाता हैं। क्योकि यह लोग जाईरो क्षेत्र के परमानेंट निवासी होते हैं।
ज़िरो शहर तथा इसके आस-पास के सभी पर्यटक स्थलों के बारे मे जाने
आपको बता दे कि ज़िरो एक ऐसा प्रमुख पर्यटक आकर्षक स्थल हैं। जोकि काफी हरी-भरी और शाँन्त है। इस जगह में कई स्थल है जो देखने योग्य है, इस जगह में टैली घाटी, तरीन मछली केन्द्र, ज़िरो पुटु तथा कर्दो में स्थापित ऊँचा शिवलिंग (Largest Shivalinga of Siddheshwar Nath at Ziro) हैं।
The largest Shivalinga of Siddheshwar Nath at Ziro,Arunachal Pradesh has a mention in Shiva Puran also. This Shivaliga is of 25 ft length and 22 ft width. pic.twitter.com/5tuPbIFBvn
— Itishree (@Itishree001) December 25, 2019
आपको बता दे कि आदिवासी अपाटनी द्वारा कई तरह के त्योहार मनाते हैं। इन त्योहारों में से मार्च में मनाया गया म्योको त्यौहार प्रमुख है यह काफी प्रसिद्घ है। वही जनवरी में सेलिब्रेट किया जाने वाला त्यौहार मुरुंग तथा जुलाई में मनाया जाने वाला द्री त्यौहार भी बहुत प्रसिद्घ हैं।
ज़िरो का मौसम होता है काफी आर्द्रता भरा
ज़िरो स्थल ऐसा स्थल है जहा की जलवायु बहुत ही मनमोहक होती है। इस जगह में हमेशा ही मौसम के अनुसार परिवर्तन होता रहता है। पर्यटन स्थल ज़िरो में पर्यटक पूरे वर्ष भर आते हैं। इस स्थान पर जलवायु यहा भूभाग तथा भूभाग की स्थिति पर पूरी तरह निर्भर होता है।
10 unexplored but picturesque Hill Stations of India
1. Ziro, Arunachal Pradesh pic.twitter.com/ovuBvUqFx2
— Colours of Bharat (@ColoursOfBharat) November 4, 2022
यह जगह चुकी काफि मौसम परिवर्तनीय है, इसलिये इस जगह में अक्टूबर ओर नवम्बर महिने मे जाना सही होता है। क्योंकि यह महीने मौसम के अनुसार परिवर्तनीय होते हैं। जिस कारण इस जगह में घूमने का अलग ही मजा आता है। इस जगह मे केवल सर्दियों को छोड़कर पूरे साल आर्द्रता पाई जाती है।
इस तरह पहुँचे अरुणाचल प्रदेश की इस जगह में
आपको बता दे कि ज़िरो पर्यटन स्थल (Tourist Place) पर पहुचना बहुत ही आसान है। इसके लिए आपको राज्य अरुणाचल प्रदेश मे जाना होगा। अगर आप इसकी राजधानी जो कि ईटानगर है वहां पहुँच जाते है, तो आसानी से इस जगह पर पहुच सकते हैं।
Ziro Valley Arunachal Pradesh.
A paradise for peace seeker’s ❤️#incredibleindia pic.twitter.com/jS1pIJ750T— 𝕸ä𝕹ä (@dipshreeee) June 10, 2021
जब आप इस जगह पर पहुच जाएंगे तो टैक्सी, शेयर्ड या फिर टैक्सी लेकर बहुत ही आसानी से क़रीब 5 घंटे में ही इस जगह पर पहुँच जाएंगे और यहा पहुच कर इसकी खूबसूरती का आनंद ले पाएंगे। वरुण धवन और कृति सेनन स्टारर भेड़िया मूवी (Bhediya 2022 Movie) की भी शूटिंग इसी शहर जिरो की सुन्दर वादियों में हुई है।



