सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने सर्वसम्मति से अयोध्या विवादित भूमि राम लला को दे दी। मुस्लिम समुदाय को अयोध्या में कहीं और सरकार द्वारा पांच एकड़ भूमि देने का आदेश जारी कर दिया है। इसके बाद बीजेपी नेता उमा भारती ने बताया कि कोर्ट ने दिव्य फैसला लिया है। उमा भारती ने कहा कि “मैं लालकृष्ण आडवाणी जी के निवास उनको मत्था टेकने आयीं हूं।”
उमा भारती ने यह भी कहा कि लाल कृष्ण आडवाणी जी वह इंसान हैं जिन्होंने छद्म-धर्मर्निपेक्ष को चेतावनी दी थी और उन्हीं के बदौलत आज हम यहां तक पंहुचे हैं। जानकारी के मुताबिक अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर श्री श्री रविशंकर ने कहा यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। मैं इसका स्वागत करता हूं। समाज में शांति, स्नेह और भाईचारे का माहौल बना रहना चाहिए।
गृहमंत्री अमित शाह ने अपने Tweet में लिखा कि श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आये सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का मैं स्वागत करता हूँ। मैं सभी धर्म समुदायों और धर्म की जनता से अपील करता हूँ कि हम इस फैसले को सहजता से स्वीकार करते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के अपने संकल्प के प्रति अटल रहें।
उन्होंने कहा कि दशकों से चले आ रहे श्री राम जन्मभूमि के इस कानूनी विवाद को आज इस फैसले से आखिरी रूप मिला है। मैं भारत की सभी न्यायमूर्तियों और न्याय प्रणाली का अभिनन्दन करता हूँ।
#WATCH Uma Bharti,BJP on #AyodhyaVerdict: Court ne ek nishpaksh kintu divya nirnaya diya hai. Main Advani ji ke ghar mein unko maatha tekne aayi hoon, Advani ji hi veh vyakti the jinhone pseudo-secularism ko challenge kiya tha…unhi ki badaulat aaj hum yahan tak pahunche hain. pic.twitter.com/YYtY4RCz06
— ANI (@ANI) November 9, 2019
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि कानूनी विवाद के लिए कोशिश करने वाली सभी संस्थाएं, पूरे देश का संत समाज और भारी संख्या में जनता जिन्होंने इतने वर्षों तक इसके लिए कोशिश की मैं उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ।
सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने बताया कि अगर हमारी समिति को मंजूर नही होगा तो हम पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। यह हमारा अधिकार है और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अंतर्गत भी है। इससे पहले मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने Media से वार्तालाप करते हुए कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हैं।
यह राज्य सरकार पर निर्भर करेगा कि वह हमें कहां भूमि देते है। यह भारत के लिए बहुत बड़ा विवादित मामला था। जिस पर फैसला होना आवश्यक था, मैं फैसले से खुश हूं। अयोध्या विवादित जमीन को लेकर सभी मे खुशी की लहर है।



