Delhi: निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों को ‘कारण बताओ’ नोटिस भिजवाया है। 2019 लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन न करने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP, तृणमूल कांग्रेस TMC और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी CPI राष्ट्रीय दल का दर्जा समाप्त कर सकती हैं। इस नोटिस में उनसे सबाल किया गया है कि क्यों न उनका राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा समाप्त कर दिया जाए। निर्वाचन आयोग ने तीनों पार्टियों को अपनी बात रखने के लिये 5 अगस्त तक का समय दिया है।
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन न होने के बाद CPI, NCP और TMC राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खोने के संकट से झूझ रही थीं।लेकिन साल 2016 में उन्हें राहत की सांस प्राप्त हो गई जब आयोग ने अपने नियमों में फेर बदल करते हुए बताया कि राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के दर्जे की समीक्षा पांच साल के स्थान पर हर 10 साल के गेप पर की जाएगी।
बहुजन समाज पार्टी के पास वर्तमान में 10 लोकसभा सीट और कुछ विधानसभा सीट हैं। इसलिए अब उसके सामने राष्ट्रीय दल का दर्जा खत्म होने के संकट से दूर है। लोकसभा चुनाव में TMC, NCP और CPI ने राष्ट्रीय पार्टी होने के लिये जरूरी मापदण्ड को कंपलीट नहीं किया है।
सूत्रों की खवरो के मुताविक कम से कम 6 प्रतिशत वोट प्राप्त करने होंगे। इसके अतिरिक्त लोकसभा में उसके कम से कम चार सांसद होना चाहिए। पार्टी के पास कुल लोकसभा सीटों की कम से कम 2 प्रतिशत सीट होनी आवश्यक है और इसके प्रत्याशी कम से कम तीन राज्यों से आने चाहिए।
TMC, BJP, BSP, CPI, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, NCP और नेशनल पीपुल्स पार्टी ऑफ मेघालय को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा उपलब्ध है। 23 मई को समाप्त हुए लोकसभा चुनाव में टीएमसी को 22, सीपीआई को 3 और एनसीपी की झोली में पांच सीटें ही प्राप्त कर पाया है।इसलिए इन पर खतरे के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे है।



