
Patna: वर्तमान समय में रोजगार एक विकट समस्या है। खूब पढ़ा लिखा व्यक्ति हो या फिर कम लिखा पढ़ा फिर भी रोजगार मिलना बहुत ही कठिन हो गया है। आपदा के पहले की स्थिति कुछ इस तरह थी कि विदेशी कंपनियां देश में अपना कब्जा जमा बैठी थीे।
आपदा काल के बाद देश का व्यक्ति जागा और देश में ही अपनी कंपनियां स्थापित करनी शुरू कर दी फल स्वरूप रोजगार के अवसर बढ़े और सरकारी नौकरी से ज्यादा निजी नौकरियों में भी फायदे मिले।
कहते हैं शिक्षा एक अच्छे समाज का निर्माण करती है, साथ ही व्यक्ति के भविष्य को भी निर्धारित करती है, परंतु समय के साथ महंगाई में भी बढ़ोतरी हो रही है। जिस वजह से शिक्षा भी महंगी होती जा रही है। ऐसी स्थिति में हर युवा चाहता है कि वह नौकरी के साथ पढ़ाई भी कर सके, परंतु कभी-कभी ऐसा संभव नहीं हो पाता।
आज के इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे की टाटा मोटर्स कंपनी (TATA Motors Company) की तरफ से युवाओं को बेहतरीन सुविधा दी जा रही है जो एक सरकारी स्कीम के तहत मिल रही है। तो आइए जानते हैं इस स्कीम के बारे में।
टाटा मोटर्स की तरफ से ग्रामीण युवाओं को मिले बेहतरीन रोजगार के अवसर
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान दसवीं पास विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर पाने के लिए प्रशिक्षित करता है। आईटीआई से प्रशिक्षित छात्र-छात्राएं कोई भी औद्योगिक नौकरी करने के लिए तैयार हो जाते हैं, इन छात्रों के लिए टाटा मोटर्स कंपनी की तरफ से रोजगार के साथ पढ़ाई करने के अवसर भी मिल रहे हैं।
इस योजना का उद्देश्य उन युवकों को संगठित रखना है, जो प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद नौकरी मिलने पर भी छोड़ देते हैं, टाटा मोटर्स कंपनी ने आईटीआई प्रशिक्षित विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के तुरंत बाद नौकरी देने का निर्णय लिया है।
आपको बता दें टाटा मोटर्स कंपनी अस्थाई मजदूरों के स्थान पर ट्रेनिंग के पश्चात उन छात्र-छात्राओं को नौकरी दे रहे हैं, जो नौकरी के साथ अपनी शिक्षा भी पूर्ण करना चाहते हो। यह सुविधा केंद्रीय सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजना के कारण मिल पा रही है।
टाटा मोटर्स की सात फैक्ट्रियों में 8000 आईटीआई प्रशिक्षित युवा जॉब करेंगे
एचआर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी रविंद्र कुमार बताते हैं कि उन्होंने सरकार की कौशल्य योजना का पालन करते हुए दूर इलाकों से आए बारहवीं कक्षा के छात्र छात्रा जिन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था से ट्रेनिंग ली है, ऐसे ग्रेजुएट विद्यार्थियों को वे रोजगार मुहैया कराएंगे।
साथ ही फैक्ट्रियों के काम की ट्रेनिंग (Training) भी स्वयं ही देंगे और वे जॉब के साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रख सकें। इसके लिए उन्हें सक्षम बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जैसा कि हम जानते हैं कि व्यक्ति का कौशल ही उसे आगे बढ़ाने में मदद करता है, इसीलिए उन्हें लेटेस्ट डिजिटल स्केल का प्रशिक्षण देकर उन्हें और ज्यादा सक्षम बनाने की कोशिश की जा रही है।
एक रिपोर्ट से पता चला है कि टाटा मोटर्स कंपनी की सात फैक्ट्री (Factory) है, जिनमें करीब 14000 कर्मचारी अपनी सेवा दे रहे हैं। उन 14000 कर्मचारियों में 8000 से भी ज्यादा आईटीआई के छात्र (ITI Students) हैं, क्योंकि केंद्रीय सरकार के तरफ से कौशल योजना पिछले 2 वर्ष से सुचारू रूप से काम कर रही है।
टाटा मोटर्स के द्वारा दी गई जरूरी जानकारी
टाटा मोटर्स कंपनी में कार्यरत जानकार व्यक्तियों ने बताया कि ऑटोप्लांट में अस्थाई कर्मचारी की भर्ती 7 से 9 महीने के अनुबंध में होती है। इस योजना की शुरुआत आपदा महामारी के वक्त से हुई है।
ऐसा करना इसलिए जरूरी हुआ, क्योंकि महामारी के प्रकोप से अस्थाई मजदूरों से काम लेना बहुत ही मुश्किल हो गया था, क्योंकि अस्थाई मजदूर प्रवासी मजदूर थे, जो लॉकडाउन लगने की स्थिति में अपने अपने घर की तरफ चल दिए थे। ऐसे में उनके स्थान पर किस से काम लिया जाए, इस बात को समझते हुए कोशल्य योजना की शुरुआत हुई।
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना का शुभारंभ
आईटीआई से प्रशिक्षित छात्रों के लिए नेशनल अप्रेंटिस प्रमोशन स्कीम और नेशनल अप्रेंटिस टेस्टिंग स्कीम जैसे कार्यक्रम बहुत ही फायदेमंद है। इन कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य लोगों के अंदर के कौशल को सही प्लेटफॉर्म देना है। यह प्लेटफार्म केंद्रीय सरकार के द्वारा दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना से मिला।
ऐसी योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं को रोजगार (Employment) दिया जाएगा और न्यूनतम मजदूरी या उससे अधिक का वेतन देय होगा। इस योजना की खास बात यह है कि यह उन युवाओं के लिए मददगार साबित होगी, जो इस क्षेत्र में अपना 100 प्रतिशत देने के लिए तैयार है।



