भारत ने बनाया दुनिया का सबसे अच्छा रिग, अब तेल के कुओं की ड्रिलिंग में भी परचम होगा

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ONGC Drilling Oil Rig
The MEIL installed C4R1 rig in Rajahmundry Asset of ONGC, which can control pressure up to 5,000 PSI, and it's used first time in India.

Photo Credits: Twitter

Delhi: इस वक़्त देश की सरकार पूरे देश में हर क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के अपने मिशन को पूरा करने के रथ पर सवार है। देश के ही अंदर हर तरह की इंडस्ट्री स्थापित की जा रही है। अब जो उपकरण देश के बाहर विदेशों से खरीदे जाते थे और उनका रखरखाव भी महंगा पढता था, अब वही उपकरण भारत में ही बनने लगे हैं।

एमईआईएल (MEIL) ने अभी जिस रिग (Rig) का निर्माण किया है, वह ONGC के आंध्र प्रदेश स्थित राजमुंदरी असेट के लिए है। MEIL का कहना है कि यह 2000-HP Rig है, जो 3,000-HP पारंपरिक रिग के बराबर सर्विस दे सकता है। यह रिग जमीन में 6,000 मीटर (6 KM) की गहराई तक ड्रिल करने में सक्षम है।

रिपोर्ट्स बताती है की MEIL को प्रतिस्पर्धी बोली में ONGC से 47 रिगों का ऑर्डर मिला है। इनमें से 20 वर्कओवर रिग हैं और 27 भूमि ड्रिलिंग रिग (Drilling Rig) बताई गई हैं। अब भारत को समुन्दर में भी ड्रिलिंग के लिए विदेशी उपकरणों की मदत नहीं लेनी होगी।

एमईआईएल भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में जोरहाट के पास सिबसागर, आंध्र प्रदेश में राजमुंदरी, गुजरात में अहमदाबाद, अंकलेश्वर, मेहसाणा और खंभात, त्रिपुरा में अगरतला और तमिलनाडु के कराइकल में ओएनजीसी के असेट के लिए सभी रिगों का निर्माण और आपूर्ति करेगा।

इसने निर्माण में कुछ खास बांतों का ध्यान रखा गया है। सिक्योरिटी और रखरखाव के चलते डाउन टाइम को कम करने के लिए इन रिगों को पूर्ण स्वचालन के साथ बनाया गया है। ये रिग ओएनजीसी ड्रिलिंग के काम में शामिल होने वाली ऐसी पहली रिग हैं। कहा बताया जा रहा है कि ये रिग आने वाले दिनों में कुओं की ड्रिलिंग तकनीक में भी बहुत योगदान देगी।

एक मीडिया रिपोर्ट में एमईआईएल में रिग्स प्रोजेक्ट के टेक्निकल हेड सत्य नारायण के हवाले से बताया गया की इस रिग को स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। इसके अलावा इसे यहीं अपने संसाधनों से ही बनाया गया है। यह रिग एक कम्प्यूटरीकृत स्वचालित ड्रिलर के केबिन से लैस है। यह रिग की रखरखाव लागत को काफी कम कर देने वाला है।

एमईआईएल असम में जोरहाट के पास सिबसागर, आंध्र प्रदेश में राजमुंदरी, गुजरात में अहमदाबाद, अंकलेश्वर, मेहसाणा और खंभात, त्रिपुरा में अगरतला और तमिलनाडु के कराइकल में ONGC के असेट के लिए सभी रिगों का निर्माण और आपूर्ति करेगा। इससे ड्रिलिंग भी आसान होगी और विदेशी उपकरणों का खर्चा भी बचेगा।

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