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Patna: पटना शहर का ऐतिहासिक महत्व जो सबसे अलग बनाता है। पटना शहर की गिनती उन विशेष प्राचीन नगरों में से एक है, जो अति प्राचीन काल से आज तक प्रसिद्ध है। ईसा पूर्व मेगास्थनीज (350 ईपू-290 ईपू) ने अपने भारत घूमने के पश्चात लिखी अपनी किताब इंडिका में इस नगर का उल्लेख किया है।
पलिबोथ्रा (पाटलिपुत्र) जो गंगा और अरेन्नोवास (सोनभद्र-हिरण्यवाह) के संगम पर बसा हुआ था। उस किताब के आकलनों के हिसाब से प्राचीन पटना (पलिबोथा) 9 मील (14.5 KM) लम्बा तथा 1.75 मील (2.8 KM) चौड़ा था।
सोलह लाख (2011 की जनगणना के अनुसार 1,683,200) से भी अधिक आबादी वाला पटना का मुख्य शहर, लगभग 15 KM लम्बा और 7 KM चौड़ा है। 136 वर्ग किलोमीटर (53 वर्ग मील) के क्षेत्र और 20 लाख से अधिक लोगों की आबादी के साथ, पटना शहर भारत में 18 वां सबसे बड़ा बना हुआ है।
प्राचीन बौद्ध और जैन तीर्थस्थल वैशाली, राजगीर या राजगृह, नालन्दा, बोधगया और पावापुरी पटना शहर के नजदीक ही अवस्थित हैं। पटना सिक्खों के लिये बहुत ही पवित्र स्थल है। सिक्खों के 10वें तथा अंतिम गुरु गुरू गोविन्द सिंह का जन्म स्थान पटना ही है। प्रत्येक वर्ष देश-विदेश से लाखों सिक्ख श्रद्धालु पटना में हरमन्दिर साहब के दर्शन करने आते हैं तथा मत्था टेकते हैं।
पटना एवं इसके नजदीक के प्राचीन भग्नावशेष-खंडहर नगर के ऐतिहासिक गौरव के गवाह बने मौन खड़े हुये हैं जो नगर की प्राचीन गरिमा को आज भी प्रदर्शित करने में पीछे नही हटे हैं। ऐतिहासिक और प्रशासनिक महत्व के अतिरिक्त, पटना शिक्षा, वाणिज्य और चिकित्सा का भी एक प्रमुख केन्द्र बना हुआ है।
पटना (Patna) के श्रीकृष्ण साइंस सेंटर में ओशियन गैलरी (महासागर दीर्घा) का निर्माण हो रहा है। 600 वर्गफुट में बनी इस गैलरी (Ocean Gallery) में कुल 13 प्रदर्श होंगे जिसके द्वारा लोगों को समुद्र के अंदर पाये जाने वाले विभिन्न तथ्यों के बारे में बताया जायेगा, इससे छोटे बच्चे भी सफलता (Success) से समझ सकेंगे।
इसके साथ ही समुद्र (Sea) से जुड़े विज्ञान और जीव जंतु की भी बड़े ही रोचक तरीके से विभिन्न प्रदर्श के जरिये लोगों को जानकारी दी जायेगी। इसमें समुद्र के पानी की रंग, घनत्व और मनुष्य के शरीर पर सागर के जल का कितना भार रहता है, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जायेगी।
इस गैलरी (Ocean Gallery) खासियत यह होगी कि इसमें अंदर जाते ही लोगों को सागर के अंदर दाखिल होने का एहसास होगा। इतना ही नहीं ऑग्यूमेंटेड रियलिटी स्क्रीन के साथ से दर्शकों को उतरी ध्रुव के जीवो के साथ होने महसूस होगा। इसके अलावा पनडुब्बियों के अंदर छुपे विज्ञान और उसके विभिन्न प्रकार के क्षमता को भी प्रदर्श के जरिये जानकारियां दी जाएंगी।
केंद्र के निदेशक (Director) अमिताभ द्वारा बताया गया है कि इस नयी गैलरी का लगभग 70% कार्य पूर्ण हो चुका है। इस गैलरी की बुनियाद पूरी तरह तैयार हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस गैलरी के निर्माण का मुख्य उद्देश्य लोगों को मनोरंजन के साथ समुद्री विज्ञान की जानकारी देना और इनसे अवगत कराना है।
Ocean Gallery will be in future in Patna Bihar Like this. pic.twitter.com/LgGnW7Xddx
— sanatanpath (@sanatanpath) September 25, 2021
इस गैलरी के माध्यम से दर्शकों को सोनार तकनीक के जरिये सागर में चलने वाली गर्म और ठंडी जल धाराएं क्यों चलती हैं, इसके बारे में संक्षिप्त में बताया जायेगा। इसके अलावा महासगर के पानी में प्रदूषण के क्या-क्या तत्व हैं और इससे होने वाले नुकसान के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जायेगा।
मनोरंजन और आकर्षण का केंद्र होने के कारण छोटे बच्चों को ज्ञान भी मिलेगा और मनोरंजन के साथ मिला ज्ञान नन्हे बच्चे के मस्तिष्क में सरलता से प्रवेश करता है और सदेव के लिए यह स्मरण भी रहता है, जो भविष्य में उनके अनेक क्षेत्रों में सहयोग का काम भी कारत है।



