File Image
Delhi: दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में काफी वक़्त तक चले CAA विरोध प्रदर्शन का मास्टरमाइंड शरजील इमाम (Sharjeel Imam) को बताया है। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दायर अपनी चार्जशीट में कहा है कि शाहीन बाग में रहने वाले लोग पहले विरोध प्रदर्शन नहीं करना चाहते थे। उसके बाद शरजील इमाम (Sharjeel Imam) ने उन पर गंभीर परिणाम भुगतने की की बात कही थी।
आपको बता दें कि शरजील इमाम उन 15 लोगों में शामिल है, जिन्हें दिल्ली उपद्रव मामले में धरा गया है। चार्जशीट में कहा गया, ‘सड़क जाम करने से पहले इमाम ने शाहीन बाग में CAA/NRC के खिलाफ गलत जानकारी के पर्चे बांटे गए, जो समुदाय विशेष बहुल क्षेत्र है।’ उन्होंने स्थानीय निवासियों की भावनाओं को उकसाया, जिसकी वजह से विरोध तेज हुआ।
अपने दावों की पुष्टि करने के लिए पुलिस ने गवाहों के बयान सोशल मीडिया पोस्ट, व्हाट्सएप चैट और मोबाइल फोन से तमाम ऐसी बातें बरामद की है। आरोप पत्र में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने शुरू में सड़क को बंद कर दिया था, जो स्थानीय नहीं थे। इसमें कहा गया है कि स्थानीय निवासी इस नाकाबंदी के खिलाफ थे।
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने दावा किया कि जामिया समन्वय समिति (जेसीसी) बनाने का उद्देश्य भी एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था। चार्जशीट के अनुसार यह मुस्लिम बहुसंख्यक इलाकों में छात्रों, महिलाओं और बच्चों को जुटाने के लिए बनाया गया था कि ताकि पूरी सड़क को जाम किया जा सके।
दिल्ली पुलिस के आरोपपत्र में कहा गया है कि JCC ने एक विशेष समुदाय के अधिक से अधिक महिलाओं और बच्चों को प्रदर्शनस्थल पर जाने के लिए कहा, ताकि पुलिस से प्रभावी कार्रवाई करने से रोकने के लिए बाध्य किया जा सके। इसने आगे दावा किया कि जेसीसी ने इन विरोध स्थलों पर लोगों को जुटाने और उपडाव के लिए सिम कार्ड का इस्तेमाल किया।
पुलिस के हवाले से ऐसी बात सामने आई है कि जेसीसी सदस्यों ने महिला प्रदर्शनकारियों के बीच रोज के हिसाब पैसा वितरित किया गया था, ताकि 24 घंटे इन विरोध स्थलों पर पर्याप्त संख्या में लोग जमा रहें। जेसीसी मीडिया टीम की स्थापना सफूरा ज़र्गर ने की थी, जिन्होंने नागरिकता कानून के विरोध प्रदर्शन (Shaheen Bagh CAA Protest) से संबंधित संदेशों, ऑडियो और वीडियो की को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
जेसीसी कार्यालय में शाम को नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जाती थीं और प्रमुख सदस्यों ने विरोध स्थलों की खातिर आम साजिश के लिए आगे की रणनीति और योजनाओं को बनाने में भाग लिया जाता था। यह पूरा काम योजनाबध् तरीके से किया गया था और देश की सरकार को अस्थिर करने के मकसद से था।



