कश्मीर में लोगो ने सुरक्षा बलों की जवानों के साथ मनाई ईद और गले लगाया। Eid in Kashmir

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Kashmir Eid News
Eid prayers offered peacefully in Jammu and Kashmir. Security Forces circulated Sweets to Kashmir People. Eid Prayers Peaceful In Kashmir, Says Police Amid Severe Restrictions.

Info & Photo Credits: Geeta Sharma on Twitter




भारत दुनिया का सबसे शान्तिप्रिय देश हैं। भारत में सभी धर्मों का एक सामान सम्मान है। आज 2019 के सावन सोमवार का अंतिम सोमवार था, जो सभी हिन्दुओं ने बढ़ी ही धूम धाम से मनाया। अनेक शहरों में सावन सोमवार पर बाबा भोलेनाथ की शोभा यात्रा भी निकाली गई। इत्तेफाक से आप ही के दिन बकरीद का त्योहार भी पढ़ा, जो देश के सभी मुसलमानों ने मनाया।

आज का दिन जम्मू कश्मीर के लिए बहुत ख़ास था। कुछ विदेशी मीडिया प्लेटफॉर्म यह खबर फैलाने में लगे हैं की जम्मू कश्मीर में माहोल ख़राब है या कश्मीर की जनता बहुत नाराज़ है, वगैरह वगैरह। किन्तु सच में ऐसा कुछ भी नहीं है। UK Based विदेशी मीडिया BBC ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से झूठे और पुराने वीडियो अपलोड करके यह भ्रम फैलाने की कोशिश की थी की कश्मीर में जनता सड़क पर है और कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना को लाठीचार्ग और फायरिंग करनी पड़ी है।



किन्तु यह न्यूज़ और वीडियो गलत और फेक पाया गया था। आज कश्मीर में ईद का त्यौहार बड़ी ही ख़ुशी के साथ मनाया गया। जानी मानी पत्रकार और समाज सेविका गीता शर्मा (Geeta Sharma) ने अपने ट्विटर अकाउंट से अनेकों फ़ोटो साँझा करते हुए जानकारी दी और बताया की “कौन कहता है जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीरी खुश नहीं हैं?”

आगे गीता शर्मा ने जानकारी देते हुये लिखा की “ये तस्वीर जम्मू कश्मीर के अखनूर इलाके की हैं जहाँ ईद के मौके पर पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय मुस्लिम भाइयों को गले लगाया और मुँह मीठा कराया।”
https://twitter.com/BeingGeetaS/status/1160940853612838918
यहाँ साफ़ देखा जा सकता है की सभी आतंक की चपेट में रहे कश्मीर के इलाकों पर अब जनता चैन की सांस ले रही है और पुलिस और सेना सुरक्षा बलों के साथ ईद की खुशियाँ मना रही है। कश्मीर पुलिस घर घर जाकर और बाज़ारों में लोगो को मिठाई खिला कर मुँह मीठा कर रही है।



आज कश्मीर की जनता ने सुरक्षा बालों के जवानों और अफसरों को लगे लगाया। जम्मू कश्मीर में धारा 370 और 35 A ख़त्म होने के बाद अमन चैन और खुशियों का माहोल कायम है।

यह खबर और फ़ोटो के रूप में सबूत उन सभी देशविरोधी पत्रकारो और झूठ परोसने वाले मीडिया प्लेटफॉम को गलत साबित करने के लिए काफी हैं। अगर गीता शर्मा जैसे पत्रकार और समाज सेवक ना हों तो यह देशविरोधी ताकतें देश की जनता को गुमराह करने में सफल हो जाएँ और देश में भाईचारे का माहोल बनते बनते बिगड़ जाये। हमें और आप सभी को अपने कर्तव्यों को समझने की जरुरत है।



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