अब पानी वाले इस सी प्लेन से कुछ ही मिनट में गोरखपुर से वाराणसी की यात्रा होगी, खर्चा भी जान लो

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Seaplane service Ramgarh Tal UP
Seaplane service from Gorakhpur's Ramgarh Tal soon. UP CM Yogi Adityanath Announces Seaplane Services from Ramgarh Tal. People will travel Gorakhpur to Kashi via Seaplane soon.

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Gorakhpur: पूरे देश के साथ साथ उत्तर प्रदेश में भी कई विकास कार्य हो रहे है। UP में योगी सरकार डेवलपमेंट में खास ध्यान दे रही है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर और काशी (Gorakhpur and Kashi) के बीच सी प्लेन चलाने (Seaplane service) की घोषणा करने के अलावा अन्न बातों पर विचार किया जा रहा है।

जागरण की खबर के मुताबिक रामगढ़ताल (Ramgarh Tal) में सी प्लेन उतारने की तैयारी चल रही है और इसके लिए जो मानक तय हैं, उस पर रामगढ़ताल पूरी तरह से खरा साबित हुआ है। यह सुविधा लोगो तक आपने वाले समय में मुहैया हो जाएगी और ताल की लंबाई, चौड़ाई और गहराई तय मानक को परिपूर्ण करती है।

उत्तरप्रदेश के अधिकारियों का कहना है कि ताल में सीप्लेन उतारने में कोई परेशानी नहीं आएगी। गोरखपुर से वाराणसी के बीच (Between Gorakhpur To Varanasi) 162 किलोमीटर की दूरी पूरी करने में एक व्यक्ति को लगभग 5000 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। यह दूरी तय करने में लगभग 40 से 50 मिनट का समय लगेगा।

आपको बता दें की देश के मोदी सरकार ने पूरे देश में 100 सीप्लेन चलाने की घोषणा की है। इस योजना के तहत पहला सी प्लेन गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट से केवडिया (एकता की मूर्ति) तक चलाया जा रहा है। स्पाइसजेट को इसकी जिम्मेदारी सौपी गई है।

ऐसे ही गोरखपुर से वाराणसी के बीच भी सी प्लेन (Sea Plane) का संचालन किया जाना है। अब इसके लिए सभी तैयारियां शुरू की जा सकती हैं। ‘आटर 300’ श्रेणी के इस सी प्लेन का निर्माण जापान में हुआ है। आपको बता दें की एक सी प्लेन में एक बार में 12 लोग बैठ सकते हैं।

इस योजना को सुचारु करने के लिए ताल में सी प्लेन उड़ने और उतरने के लिए पानी में ही एक हवाईअड्डा बनाना पड़ेगा। इसकी लंबाई लगभग 1160 मीटर और चौड़ाई 120 मीटर होनी तय है। हवाईअड्डा वाली जगह में पानी की गहराई कम से कम 1.8 मीटर होनी जरुरी है।

सिटी के किनारे भी डेवलपमेंट करना होगा। किनारे की ओर लगभग 1.8 एकड़ भूमि खली होना जरूरी है। यहां टर्मिनल आदि का निर्माण किया जायेगा। ताल में होने वाली दूसरी गतिविधियों के लिए स्थान तय करना है और हवाईअड्डा से अन्न चीज़ो के बीच पर्याप्त दूरी का होना जरुरी है।

यह पहले से ही वाटर स्पोर्ट्स (Water Sports) के शुरू होने के बाद रामगढ़ ताल का महत्त्व और लुक बदल गया है। रंग-बिरंगी नावों से रामगढ़ ताल सुन्दर और भव्य दिखने लगा है। कुछ लोह ने टाक में नाव की सवारी कर आनंद लेते है और कुछ लोग यहाँ घूमने आते हैं।

ऐसे में सीप्लेन के लिए तय सभी मानक रामगढ़ताल में पूरे हो जा रहे हैं। उत्तर से दक्षिण तक इसके लिए जगह 4.2 किलोमीटर में पाई गई है। इसी तरह पूरब से पश्चिम में यह ताल 2.5 किलोमीटर में फैला है। गर्मी में ताल की अधिकतम गहराई 2.5 मीटर, तो वही बरसात के समय अधिकतम गहराई 4 मीटर है। सबसे पास के एयरपोर्ट से एरियल दूरी 3 किलोमीटर की है। यह सभी मानक रामगढ़ताल में फिट बैठ रह है।

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