आप अपने घर में कितना कैश रख सकते हैं, इनकम टैक्स के यह नियम आपको जानना जरुरी है

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Tax Money Cash
Cash Money Presentation Photo.

Delhi: जब भी किसी के घर मे इतने पैसे मिले जिसके सॉर्स के बारे में घर का सदस्‍य बता ना पाये, तो उन पैसो को सरकार जब्‍त कर लेती है। अक्‍सर ही टीवी न्‍यूज में इनकम टेक्‍स रेड के बारे में आपने देखा होगा। हम जानते है कि संविधान में पैसो को मौलिक अधिकार से निकालकर कानून के दायरे में रखा गया है।

कानून के दायरे में आने कि वजह से संपत्त्‍ति के विषय में पुख्‍ता जानकारी देना सरकार को आवश्‍यक होता है। अक्‍सर ही किसी संकट से निपटने के लिये हम घरों में कैश रख लेते है। लेकिन जब भी हम इनकम टैक्‍स (Income Tax) के बारे में सुनते है, तो हमारे मन में यह ख्‍याल आता है कि आखिर हम कितने पैसे अपने घर में रखे। जिससे कि इनकम टैक्‍स की रेड हमारे घर ना पड़े। तो आइये इस पोस्‍ट से घर में रखे जाने वाले कैश की अधिकतम सीमा (Cast Limit At Home) जानते है।

कमाये पैसे के सॉर्स की होनी चाहिए पूरी जानकारी

2-3 लाख रूपये अगर आपके घर में केश है, तो इन पैसे को कमाने का क्‍या जरिया था। यह आपको पता होना चाहिए। अगर आपने ये पैसे सही ढंग से कमाये है तो इससे संबंधित दस्‍तावेज आपके पास अवश्‍य ही मोजूद रहेंगे।

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अगर आपके पास में पैसे के सॉर्स की पूरी जानकारी है और इससे संबंधित दस्‍तावेज भी आपके पास है तो आपको किसी भी तरह से घबराने कि आवश्‍यकता नही है। क्‍योंकि यह जानकारी होने पर इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) कोई भी कार्यवाही आपके ऊपर नहीं कर पायेगा।

टैक्‍स भी देना है जरूरी

लेकिन कानून के हिसाब से घर मे जितना भी कैश या फिर बैंक में जितनी भी रकम है। उसका टैक्‍स तो आपको भरना ही होगा। अगर आप यह सब करते है, तो किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही आपके ऊपर नहीं होती है। सही ढंग से पैसे ना कमाने वाले लोगों के पास में धन से संबंधित दस्‍तावेज का सही ब्‍यौरा नही होता है। जिस वजह से वह कानून के दायरे में आ जाते है और उनके ऊपर सरकार कार्यवाही करती है।

सीबीआई तथा ईडी रखती है नजर

इनकम टैक्‍स से रिलेटेड जो भी कार्यवाही या फिर कहे कि देख-रेख होती है, वह सीबीआई तथा ईडी के अंतर्गत आती है। अगर कोई व्‍यक्‍ति ऐसा है जो अपने घर के पैसे की जानकारी इनकम टैक्‍स वालों को नही दे पाता है। तो उसपर 137 प्रतिशत धन का जुर्माना देना पड़ता है।

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अगर कोई व्‍यक्‍ति ऐसा है, जो एक बार में ही 20 लाख या उससे अधिक रूपये का ट्रांजेक्‍शन करता है। तो उसपर जुर्माना लगाया जाता है। वही कानून का नियम है कि 50 हजार के ऊपर के ट्रांजेक्‍शन पर पैन नंबर देना बैंक को आवश्‍यक है।

ज्‍यादा ट्रांजैक्‍शन पर देनी होती है आधार और पैन की जानकारी

20 लाख रूपये या फिर उससे ज्‍यादा कोई व्‍यक्‍ति बैंक में 1 साल में जमा करता है। तो आधार और पैन से संबंधित सभी जानकारी देनी होती है। लेकिन अगर ऐसा हो जाये कि व्‍यक्‍ति यह जानकारी ना दे, तो उस पर 20 लाख रूपये का ही जुर्माना लगा दिया जाता है।

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2 लाख से ज्‍यादा पैसे का‍ अगर कोई व्‍यक्‍ति सामान खरीदता है, तो उसको आधार और पैन दोनो की ही जेरॉक्‍स जमा करनी पड़ती है। 30 लाख से ज्‍यादा की संपत्ति लेने पर जॉच एजेंसी उस व्‍यक्‍ति पर नजर जमा कर रखती है।

कैश से संबंधित यह नियम भी जाने

आज का जमाना डेविट तथा क्रेडिट कार्ड का है। ऐसे में इससे संबंधित नियम कि बात करे तो 1 लाख रूपये से अधिक अगर कोई व्‍यक्‍ति भुगतान इसके माध्‍यम से करता है। तो कानून के वह दायरे में आ जाता है। उस पर कार्यवाही की जा सकती है। दोस्‍त तथा रिश्‍तेदार से भी अगर 2 लाख तक की रकम कोई शख्‍स लेता है, तो जांच के दायरे में वह आ जाता है। बैंक में हालांकि इसमें छूट दी जाती है।

चंदा कि रकम भी 2 हजार से ज्‍यादा नहीं होती। वही किसी को भी लोग 20000 से ज्‍यादा का का लोन ना दे सकते ना ही ले सकते है। बैंक से 2 करोड़ कि नगद निकालने पर टीडीएस देना पड़ता है। उम्‍मीद है कि कैश तथा बैंक से संबंधित यह जानकारियॉ आपके ज्ञान में वृद्धि में सहायक होगी।

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