ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन की मेन टनल का पहला ब्रेक थ्रू सफल हुआ, कर्मचारियों में ख़ुशी की लहर

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Rishikesh Karnprayag rail line main
Rishikesh Karnprayag rail line main tunnel first break through completed. Its first breakthrough in the excavation of Tunnel 12.

Rishikesh: ऋषिकेश तथा कर्णप्रयाग रेल लाइन (Rishikesh Karnprayag Rail Line) जोकि देश के प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्‍ट (Dream Project) का एक भाग है उसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। खबर है कि नरकोटा खांकरा 2 किमी का मेन टनल फर्स्‍ट ब्रेक थ्रू, जिसे आर पार कहा जाता है, उसका शुभारंभ होने के साथ ही इस रेल लाइन के निर्माण कार्य को शभारंभ कर दिया गया है।

ऋषिकेश तथा कर्णप्रयाग के बीच मे रेलवे लाइन का निर्माण काफी समय से बनाने की योजना चल रही थी। यह रेल लाइन आरवीएनएल तथा मैक्‍स कंपनी बना रही है। इस कार्य का शुभारंभ सोमवार को हो पाया। दरअसल इसके कार्य का शुभांरभ रविवार को ही हो जाता। लेकिन ग्रामीणो के विरोध की वजह से ब्रेक थ्रू नही किया जा सका था।

सोमवार को कंपनी मैक्‍स तथा आरवीएलएल के अधिकारी ने जाकर मेन टनल का पहला ब्रेक थ्रू पूर्ण किया। इसके शुभारंभ होने के बाद में कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी तथा सभी मजदूर ने साथ में मिलकर टनल के अंदर ही सेलीब्रेशन किया।

ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का हुआ शुभारंभ

आपको बता दे कि इस ब्रेक थ्रू को रविवार के दिन पूरा होना था। परन्‍तू रविवार के दिन इस ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन में बनने वाले 2 किलोमीटर के मेन टनल, जो कि नरकोटा से खांकरा के बीच बन रहा है, उसका विरोध ग्रामीणो के द्वारा कर दिया गया था। जिस वजह से यह ब्रेक थ्रू नही बन पाया था।

इस टनल के विरोध में सभी ग्रामीण प्रात: काल से ही धरने पर टनल के मेन गेट पर बैठ गये थे। इसका विरोध ग्रामीण इसलिए कर रहे थे क्‍योंकिे इस टनल के निर्माण के लिये कार्य करने के दौरान जो ब्‍लास्‍ट किये जा रहे थे। इससे उनके घरो को छति पहुँच रही थी।

ग्रामीणो का कहना है कि उनके मकान यहॉं पर होने वाले ब्‍लास्‍ट के कारण जर्जर हो गये। मकान जर्जर होने के बाद में भी उन लोगो को किसी भी प्रकार का मुआवजा नही दिया गया है। इसलि‍ए वह इस ब्रेक थ्रू का विरोध कर रहे है।

ग्रामीणो न‍े किया विरोध तो कंपनी के अधिकारियो ने मोर्चा संभाला

जब ग्रामीण इस रेल लाइन के विरोध के लिये धरने पर बैठे, तो आरवीएनएल के बड़े अधिकारी तथा प्रशासन की पूरी टीम वहा मौके पर पहुँची। उन्‍होंने ग्रामीणो को समझाया। पर सभी ग्रामीण अपनी मांग को लेकर अडिग रहे। जिसके बाद इसे रविवार को पूर्ण नही किया गया।

फिर सोमवार को सुबह इस ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन को 2 किलोमीटर तक नरकोटा से खांकरा के मध्‍य मेन टनल को ब्रेक थ्रू किया। जिसके साथ ही इस रेल परियोजना के निर्माण का कार्य शुरू हो गया।

मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्‍ट का है यह हिस्‍सा

यह जो ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन बनाई जा रही है, यह देश के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी (PM Narendra Modi) का एक प्रकार से ड्रीम प्रोजेक्‍ट है। यह प्रोजेक्‍ट नरेन्‍द्र मोदी जी द्वारा ड्रीम प्रोजेक्‍ट के अंतर्गत शुरू किया गया। इस रेल लाइन में जो पैकज है वह 7A है, जिसके पोर्टल दो में यह पहला मुख्‍य टनल ब्रेक थ्रू हुआ है। जोकि एक प्रकार से उपलव्धि की तरह है।

इसे एक उपलब्धि की तरह इसलिए देखा जा रहा है, क्‍योंकि जो ब्रेक थ्रू (Break through) निर्मित की गई है, वह इस पूरी परियोजना की सबसे पहली मुख्‍य टनल ब्रेक थ्रू है। इस ब्रेक थ्रू का निर्माण कार्य पूरी परियोजना में सबसे पहले किया गया है। जो‍कि काफी जल्‍दी भी पूरी हो गई है।

कंपनी के सभी कर्मचारी ओर अधिकारी ने मनाया जश्‍न

इस टनल के निर्माण में 500 से भी ज्‍यादा कर्मचारी और मजदूर कार्य कर रहे है। वह दिन रात कार्य करते है। इस मेन टनल को आर पार मैक्‍स कंपनी के द्वारा किया गया है। ऋषिकेश कर्णप्रयाग की जो रेल परियोजना है, वह पूरे 125 किलोमीटर की है, इसके 7 किलामीटर के दायरे पर मैक्‍स कंपनी कार्य कर रही है।

जब यह ब्रेक थ्रू हुआ तो कंपनी के सभी कर्मचारी ने जश्‍न मनाया। यह जो ब्रेक थ्रू किया है, वह परियोजना की सबसे पहली मुख्‍य टनल है। मैक्‍स कंपनी के जो जनरल मैनेजर है उनका नाम राजेश कुमार है।

वह बताते है कि इस कार्य के साथ ही इस परियोजना के पहले ब्रेक थ्रू का निर्माण कार्य नरकोटा से खांकरा के मध्‍य पूर्ण हो गया। वह कहते है कि यह कार्य मैक्‍स कंपनी के सभी कर्मचारी, इंजीनियर, तथा एक्‍सपर्ट के सपोर्ट तथ उनकी मेहनत के कारण हो सका है।

इस कंपनी की पूरी टीम ने प्रतिदिन दिन रात परिश्रम किया है, तक जाकर यह लक्ष्‍य पूर्ण हो पाया है। उन्‍होंने यह भी बताया कि यह पूरे राज्‍य में पहली मुख्‍य टनल है। जोकि आर पार हुई है। यही कारण है कि हर कोई इस कार्य के संपन्‍न होने पर खुश है।

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