
Photo Credits: JansamparkMP on Social Media
Sidhi: पूरे देश में तेज़ी से विकास के डेवलपमेंट कार्य चल रहे हैं। आने वाले समय में देश की जनता को नई सड़क, एक्सप्रेसवे हाईवे, ब्रिज और टनल देखने को मिलेंगे। इनके माध्यम से सफर और यातायात भी बड़ा आसान और सुखदाई होने वाला है। ऐसे ही दश के एक शहर की एक घाटी में इतनी बेहतरीन टनल बन रही है, जो पूरे देश में कही और नहीं है। मध्य प्रदेश को एक बड़ी सौगात मिल रही है।
रीवा-सीधी मार्ग पर मोहनिया घाटी में मध्य प्रदेश की इकलौती टनल (Rewa-sidhi Mohaniya Gaht Tunnel) बन रही है। इस टनल के ऊपर नहर, फिर सड़क होने वाली है। हमारे सूत्रों को सरकारी अधिकारी ने बताया की 2.79 किमी लंबी इस टनल में 3-3 लेन की सड़क होगी। मतलब टोटल 6 टनल 6 लेन की रहने वाली है। मोहनिया टनल प्रोजेक्ट 1004 करोड़ का बताया जा रहा है। इस टनल के पूरी तरह से तैयार हो जाने से रीवा-सीधी के बीच की दूरी 7 किमी कम हो जाएगी।
मध्य प्रदेश में सिविल इंजीनियरिंग (Civil Emgineering) का सबसे शानदार उदाहरण देखने को मिला है। यह टनल 7 स्थानों पर आपस में जुडेगी। रीवा-सीधी टू-लेन सड़क प्रोजेक्ट के तहत मोहनिया टनल का काम तय समय से 8 महीने पहले ही पूरा हो जाएगा। MP के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (MP CM Shivraj Singh Chouhan) ने हाल ही में प्लानिंग कमीशन के ज़रिये मोहनिया टनल के कार्य की प्रगति की समीक्षा की थी। चौहान ने समय से पहले ही इस के काम पूरा होने पर एनएचएआई और निर्माण एजेंसी की तारीफ की थी।
NHAI के अधिकारियों ने CM चौहान को बताया था कि टनल प्रोजेक्ट (Tunnel Project) में 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वैसे तो इस प्रोजेक्ट को मार्च 2023 में पूरा करना था, लेकिन जुलाई 2022 में यह प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जायेगा। इस सिविल इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट की प्रगति से मुख्यमंत्री चौहान बहुत उत्साहित और खुश नज़र आये।

इस टनल का काम साल 2023 तक पूरा होना था मगर ठेका कंपनी ने तो इसी साल सुरंग खोद दी। इस बात से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इतने खुश हुए की टनल को लेकर उन्होंने बहुत तारीफ की। तारीफ हो भी क्यों ना हो इतने कम समय में 6 लेन की सुरंग बनाना बहुत बड़ा काम है।
नेशनल हाइवे 39 में बन रही मोहनिया टनल (Mohaniya Tunnel) का निर्माण तय समय से डेढ़ साल पहले ही पूरा हो गया है, सुरंग को पहाड़ खोद कर आर-पार निकाल दिया गया, अब सिर्फ फिनिशिंग और सुरंग को चमकाने का काम रह गया है। अब तो बस जल्द से जल्द काम निपटाने और लोकार्पण की तयारी की जा रही है।
समय से पहले तैयार मोहनिया घाटी की टनल.
रीवा – सीधी की घटे की दूरी.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समय से पहले काम करने पर की तारीफ.#JansamparkMP pic.twitter.com/n58d02hcMZ— JD Rewa (@jdjsrewa) September 26, 2021
जानकारी हो की इस मोहनिया टनल प्रोजेक्ट (Mohaniya Gaht Tunnel Project) में 2290-2290 मीटर की 2 टनल है। तीन-तीन लेन की इन दोनों टनल की चौड़ाई 13-13 मीटर है। जिसकी ऊंचाई साढ़े 6 मीटर रखी गई। इन दोनों टनल को इंटर कनेक्ट करने दोनों को 3 स्थानों से जॉइंट किया गया, जिससे एक टनल में जाने के बाद गाड़ी चालक चाहे तो बीच में ही मुड़कर दूसरे टनल से वापस लौट सकता है।
बता दें की मोहनिया टनल प्रोजेक्ट को सिविल इंजीनयिरंग का बेहतरीन नमूना इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि ये मध्यप्रदेश का पहला ऐसा प्रोजेक्टर है, जिसमें सड़क के नीचे नहर और उसके नीचे सुरंग बनाई गई है। मोहनिया टनल प्रोजेक्ट में अब केवल 15-20 प्रतिशत काम ही बचा हुआ है। जो मई 2022 तक पूरा हो जायेगा।
नायाब इंजीनियरिंग ने असंभव को किया संभव
सीधी जिले में बन रही अद्भुत टनल
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➡️देखिए विशेष प्रस्तुति…🗓️30 जनवरी 2022
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मोहनिया घाटी में जो टनल बन रही है, उसकी सबसे खास बात यह है कि उसके ऊपर से नहर बहती है। बाणसागर डेम से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए अलग अलग केनाल का निर्माण किया गया है और केनाल के ऊपर एक्वाडक्ट बनाया गया है । MP वाली केनाल के ऊपर ब्रिज और UP वाली केनाल के नीचे टनल निकलती है। मतलब ये ऐसा पहला निर्माण है, जहाँ नीचे टनल और उसके ऊपर नहर और उसके भी ऊपर सड़क बनी दिखेगी।
नीचे टनल, बीच में नहर फिर सड़क मिलेगी देखने
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प्रदेश के सीधी जिले में बन रही अद्भुत टनल में देखने को मिलेगा इंजीनियरिंग का अनूठा उदाहरण। ये देश की पहली टनल होगी जिसके ऊपर नहर और उसके ऊपर सड़क बनाई जा रही है। नहर निर्माण से किसानों को भी लाभ होगा।@SidhiCollector #MPKaMegaInfra pic.twitter.com/3uQVjK7ffI— Jansampark MP (@JansamparkMP) January 30, 2022
इस टनल के प्लेन एरिया में 95 प्रतिशत काम कर लिया गया है। अभी टनल के अंदर सड़क बनाने और लाइटिंग का काम चल रहा है। टनल के अंदर लाइटिंग, कैमरा, एक्जास्ट और अन्न जरुरी उपकरण लगाने का काम शेष है। टनल के एक ओर 12.5 किलो मीटर और दूसरी तरफ 500 मीटर की एप्रोच रोड का काम पूर्ण हो भी गया है।



