इस शहर में भिखारी बनकर घूमने वाली महिला के बैंक खाते में लाखों रुपये मिले, कैसे हुई यह हालत

0
824
Beggar woman in khandwa
Beggar woman in khandwa Madhya Pradesh has 7 lakhs ru in bank account. Retired BSNL Govt employee old woman Sheela is beggar now.

Khandawa: पूरे देश में हर शहर में सभी सिग्नल और चौराहों पर आपको भीख मांगते हुए भिखारी दिख जायेंगे। यहाँ तक से देश की अलग अलग टूरिस्ट स्थानों पर में खिखारी दिख जायेंगे। जिन भिखारियों को आप बेसहारा और गरीब समझकर एक, दो, पांच या दस रुपये दे देते हैं, कभी कभी वे आपसे भी रहीस निकल सकते हैं।

जिस भिखारी को बिना पढ़ा लिखा समझे, वह अच्छा ख़ासा पढ़ा लिखा निकल जाये, तो आपके चेहरे का रंग ही उड़ जायेगा। आज हम आपको एक भिखारी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अपनी सरकारी नौकरी में अपनी सेवा देने के बाद 2005 में रिटायर हुई।

बता दें की मध्य प्रदेश के खंडवा (khandwa Madhya Pradesh) में कोतवाली थाना परिसर में वाहनों के नीचे अपनी गुजर बसर करने वाली महिला का नाम शीला (Sheela Joshi) है जो की सुरेश जोशी की पत्नी है। महिला बीएसएनएल (BSNL) के खंडवा कार्यालय में पोस्टेड थी। वे अपनी पूरी नौकरी करने के बाद साल 2005 में रिटायर (BSNL Retired) हुई थी। हमारे सूत्रों को पता चला की ऐसा बताया जाता है कि कुछ समय बाद उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई और वे दिमागी रूप से सही नहीं रही।

ऐसा कहा जाता है कि इन महिला ने बहुत वक़्त से कोतवाली थाना परिसर में अपना बसेरा बना रखा है। वह यहां थाने की बाउंड्री दीवाल के पास खड़े एक ट्रक के नीचे बिस्तर डालकर रह रही है। आस पास और आने जाने वाले लोगों द्वारा उसे जो भी खाने को दिया जाता, उसे ही खाकर वह अपना पेट पालती है। कभी-कभी तो भीख (Begging) भी मांगती है।

फिर कुछ ऐसा हुआ, जिसका किसी को भी अंदाज़ा नहीं था। हाल ही में अचानक उसका बेटा अरविंद जोशी बैंक के सभी पेपर के साथ उन्हें लेने वहां पहुंच गया। अरविंद ने बताया कि उनकी मां शीला जोशी ने लगभग 10 साल से अपनी पेंशन बैंक से नहीं निकाली है। इसके अलावा BSNL विभाग से उन्हें मिले रुपये भी बैंक खाते में जमा है। यह सब मिलकर लगभग सात लाख रुपया (7 Lakhs Ru) से अधिक है।

Money

अब उनका बेटा इन रुपयों से अपनी मां का इलाज करवाना चाहता है। इसके लिए उसे अब लेने आया है। उसका कहना है की वह उन्हें बैंक में ले जाकर वहां मां के हस्ताक्षर करवाएगा और इसके बाद वह रुपये निकालकर अपनी मां का इलाज़ करवाएगा। सवाल यह है की इतने साल से वह कहाँ था। वहीं दूसरी तरफ मां शीला ने बेटे अरविंद के साथ जाने से इंकार कर दिया है।

विक्षिप्त महिला शीला का कहना है कि उनका बेटा रुपयों को लेने के लिए परेशान कर रहा है। वह रोज यहां आता है और उसे कहता है कि उसके साथ बैंक चले और पैसे निकलवा दें। वह उसके रुपये लेना चाहता है। उसकी यह हालत भी बेटे की वजह से ही हो रखी है। आपको बता दें की महिला पूरी तरह से विक्षिप्त नहीं है, अगर उसे सही इलाज मिले, वह सही होकर अच्छा जीवन जी सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here