डॉक्टर बने भगवान्, गरीबों के लिए शुरू की क्लिनिक, मात्र 1 रुपया फीस चार्ज करते हैं

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One Rupee Clinic Odisha
Doctor Opens One Rupee Clinic In Odisha. A doctor Shankar Ramchandani in Odisha's Sambalpur district has opened a 1 Rupee clinic to provide treatment to the poor and needy people.

Photo Credits: Twitter

Sambalpur, Odisha: आज के दौर में हर किसी को डॉक्टर (Doctor) के पास जाना ही पढता है और डॉक्टर की जरुरत हर किसी को पढ़ ही जाती है। पूरी दुनिया में डॉक्टर को भगवान (Doctor As God) का दर्जा दिया गया है, क्योंकि वही एक ऐसा इंसान है, जो किसी को नई जिंदगी देकर जान बचा सकता है। यही वजह है कि कई लोगों के लिए डॉक्टर भगवान् के समान है।

जब कोई बीमार हो या किसी पीड़ा में हो, तो उसे डॉक्टर में ही भगवान दिखता है। अगर किसी को मुश्किल समय एक अच्छा डॉक्टर मिल जाए, तो उसके लिए उससे अच्छा कुछ हो ही नहीं सकता। ओडिशा के संबलपुर जिले (Odisha Sambalpur district) में एक डॉक्टर ने गरीबों और असहाये लोगों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए एक वन-रुपी क्लिनिक (One Rupee Clinic) शुरू किया है।

इस क्लीनस में फीस मात्र 1 रुपया है (1 Rupee Clinic in Odisha)

ओडिशा के संबलपुर जिले में एक डॉक्टर ने गरीबों और जरूरतमंद लोगों (Needy People) को इलाज उपलब्ध कराने के लिए एक वन-रुपी क्लिनिक शुरू किया है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, शंकर रामचंदानी (Shankar Ramchandani) ने जिले के बुर्ला टाउन में कच्चा मार्केट क्षेत्र में क्लिनिक (One Rupee Clinic Odisha) को खोला है, जहां मरीजों को इलाज के लिए मात्र 1 रुपया फीस का देना होता है।

रामचंदानी बुर्ला के वीर सुरेंद्र साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मेडिसिन डिपार्टमेंट के मेडिसिन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद (Shankar Ramchandani, an assistant professor in the department of medicine at Veer Surendra Sai Institute of Medical Sciences and Research VIMSAR) पर हैं।

इस परोपकारी क्लिनिक का उद्घाटन हाल ही में शुक्रवार को किया गया था और पहले दिन इलाज के लिए यहां 33 मरीज आ गए। क्लिनिक सुबह में 7 बजे से 8 बजे तक और शाम में 6 बजे से 7 बजे तक खुलता है। डॉक्टर रामचंदानी ने कहा कि यह वन रुपी क्लिनिक उनकी लंबे समय से मौजूद गरीबों (Poor) की सेवा करने की भावना का एक हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि वे हमेशा से अपने नौकरी के घंटों के बाद गरीबों और वंचितों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना चाहते थे, क्योंकि उन्होंने सीनियर रेजिडेंट के तौर पर VIMSAR ज्वॉइन कर लिया, उन्हें निजी प्रैक्टिस करने की इजाजत नहीं थी।

असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत है

मीडिया को उन्होंने बताया कि उन्हें हाल ही में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर प्रमोट किया गया है और अब उन्हें नियमों के मुताबिक, अपने काम के घंटों के बाद निजी प्रैक्टिस करने की परमिशन है। डॉक्टर शंकर ने कहा कि वे गरीबों और जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए एक रुपये फीस को चार्ज करते हैं, ताकि उन्हें यह महसूस नहीं हो कि वे मुफ्त सेवा ले रहे हैं।

उन्हें यह आईडिया लोगों की परेशानियों को देखकर आया

उन्होंने बताया कि वे बहुत से बूढ़े लोगों और दिव्यांगों को देखते है, जो नियमित तौर पर अस्पताल के ओपीडी में आते हैं और डॉक्टरों से परामर्श करने के लिए घंटों लाइन में इंतजार करते हैं। ऐसे में उन्हें एक क्लिनिक (Doctor Clinic) खोलने का मन हुआ, जहां उन्हें डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े।

रामचंदानी की पत्नी शिखा, जो एक डेंटल सर्जन हैं, वे भी उन्हें इस वन रुपी क्लिनिक (One Rupee Clinic) में मदद कर रही हैं। एक रुपए फीस (1 Rupee Fees) लेने के बारे में रामचंदानी ने कहा कि मैं गरीब और जरूरतमंद लोगों से एक रुपया लेता हूं, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि वे लोग फील करें कि वे मुफ्त में सेवा का लाभ ले रहे है। उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि इलाज के लिए कुछ पैसे का भुगतान किया गया हैं।

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