मोदी सरकार का मलेशिया को संदेश, जाकिर नाइक देने के बदले कही बड़ी बात। अब वीडियो डाल

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Image Credits: ANI

Delhi: भारत की मोदी सरकार इस संकट के दौर का सही दिशा में उपयोग कर रही है। इस शतरंज की विषयक पर भारत ने सही दांव खेलते हुए मलेशिया से भगोड़े ज़ाकिर नाईक (Zakir Naik) के प्रत्यर्पण का एक औपचारिक आग्रह किया है। मलेशिया से नाईक नाईक को भारत में प्रत्यर्पण की कोशिश में लगी भारत की केंद्र सरकार ने बीते साल भी मलेशिया को ज़ाकिर के प्रत्यर्पण के लिए सन्देश भेजा था।

उस समय यानी की पिछले साल मलेशिया की बागडोर महातिर मोहम्मद संभाल रहे थे। जिन्होंने भारत को रोकने और नानुकूऱ करने का प्रयास किया था। परंतु अब सत्ता बदल चुकी है और महातिर मोहम्मद का राज़ नहीं है। इस दौर में कोरोना महामारी से खस्ता हुई मलेशिया की अर्थव्यवस्था के कारण, उस पर बहुत दबाव है। भारत ही है जो मलेशिया को इस संकट की घडी से उबार सकता है, क्योंकि भारत मलेशिया के पाम ऑयल के सबसे बड़े ख़रीदारों में से एक है। मतलब ज़ाकिर नाईक के प्रत्यर्पण को बहुत बल मिल रहा है।

न्यूज़ एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत सरकार मलेशिया सरकार के साथ ज़ाकिर नाईक के प्रत्यर्पण की बात कर रही है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ज़ाकिर के केस की जांच कर रही है, आपको बता दें की जांच शुरू होने से पहले ही ज़ाकिर नाइक भागकर मलेशिया में बैठ गया था। अब ज़ाकिर नाइक मलेशिया में बैठकर भारत और हिंदुत्व के खिलाफ जहर उगल रहा है।

मलेशिया में ज़ाकिर नाईक के सबसे बड़े विरोधी रहे मलेशिया के पूर्व गृहमंत्री मुहियुद्दीन यासीन अब देश के प्रधानमंत्री हैं। वे ज़ाकिर नाईक के कड़े विरोधी रहे हैं, और इसके साथ ही उसे भारत सौंपने की वकालत भी कर चुके हैं। पिछले वर्ष अगस्त में जब ज़ाकिर ने मलेशिया के हिंदुओं को पॉइंट करते हुए उनकी वफादारी पर शक किया था, तो हाल ही में प्रधानमंत्री पद संभालने वाले मुहियुद्दीन यासीन ने उस वक़्त भी ज़ाकिर के खिलाफ सख्त बयान दिया था।

ज़ाकिर नाइक ने उस समय कहा था कि मलेशिया के हिन्दू मलेशिया से अधिक भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी के वफादार हैं। उसके बाद यासीन ने ज़ाकिर नाइक को चेतावनी देते हुए कहा था “कानून से ऊपर कोई नहीं है, डॉक्टर जाकिर नाइक भी नहीं”। उसके बाद ज़ाकिर नाईक पर कार्रवाई करते हुए उनके सार्वजनिक भाषणों पर रोक लगा दी गयी थी और अब ज़ाकिर का नया वीडियो आने के बाद उस पर कड़ी कार्यवाही संभव है।

भारत से फरार चल रहा मुस्लिम उपदेशक कहे जाने वाला जाकिर नाइक मलेशिया में बैठकर भारत और भारतीयों के खिलाफ जहर उगलने हुए एक वीडियो में देखा गया है। मनी लॉन्ड्रिंग केस और ईसिस से लिंक के मामले में भारत में वांछित जाकिर नाइक का एक वीडियो ट्विटर पर वायरल हो रहा है, इस वीडियो में ज़ाकिर गैर-मुस्लिमों को मुस्लिम देशों में परेशांनी में डालने की बात और आईडिया देता सुना जा रहा है।

ज़ाकिर (Zakir Naik) इस वीडियो में कह रहा है कि कोई गैर-मुस्लिम (जो किसी दूसरे धर्म को मानने वाला हो) अगर सोशल मीडिया पर इस्लाम के विरोध में कुछ लिखता है या बोलता है, तो उसे मुस्लिम देश (Arab Country) में आने पर तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाए।

भारत का भगोड़ा जाकिर आगे बोलता है ‘मैंने सुना है कि कुवैत के एक वकील ने लोगों से कहा कि अगर खाड़ी देश में कोई गैर-मुस्लिम इस्लाम की बुराई करता है, तो उसकी सूचना उस तक पहुंचा दी जाये, उन्हें कानून के दायरे के अंदर लाया जाएगा।’ वह कहता है कि यह वकील जिनेवा में मानवाधिकार के मुद्दे भी उठाते है। जाकिर किसी वकील की बात बताते हुए आईडिया देता है कि उसे भारत में भी उन गैर-मुस्लिमों का एक डेटाबेस अर्थात लिस्ट बनानी चाहिए, जो इस्लाम पर सवाल उठाते हैं।

जाकिर नाइक कहता है, ‘उस वकील के बारे में सुना, बहुत उम्दा है। परन्तु मुझे लगता है कि खाड़ी देशों में सोशल मीडिया पर उनकी कौम के खिलाफ लिखने वाले बहुत कम ही गैर-मुस्लिम (जो की मुस्लिम नहीं है) होंगे। इसलिए, मैं उस वकील को सुझाव देता हूं कि सिर्फ मुस्लिम देशों में ही क्यों, भारत में भी उन गैर-मुस्लिम लोगो की लिस्ट बनाई जाये, जो इस्लाम पर सवाल उठाते हों, ऐसा डेटाबेस तैयार किया जाना चाहिए।’ जाकिर नाइक इस वीडियो में कहता है की भारत में उनकी कौम पर उंगली उठाने वाले लोग अघिकतर बीजेपी से जुड़े लोग हैं और अघिकतर लोग पैसे वाले भी हैं।

भगोड़ा जाकिर आगे कहता है, अधिकतर भारतीय नेताओं का पैसा यूएई, खाड़ी देशों में रखे हुए हैं और उनमें से विदेश जाने वाले आधा से ज़ादा लोग मुस्लिम देशों या खाड़ी देशों में जाय करते हैं।’ जाकिर के मुताबिक़ वह कुवैत के वकील को सलाह देता है कि भारत में उन सभी गैर-मुस्लिमों का डेटाबेस तैयार करके कंप्यूटर में स्टोर करे। अगली बार जब भी वो किसी भी मुस्लिम देश आएं, तो उन पर केस कीजिए और उन्हें गिरफ्तार करके जेल में डाल दीजिये।

बेतुकी बाते करने वाला ज़ाकिर नाइक कहता है की यदि ऐसा 5 से 10 लोगों के साथ किया गया, तो अधिकतर लोग उनकी कौम पर सवाल उठाना छोड़ देंगे। ऐसा करने से कम से कम 25 प्रतिशत लोग तो डर जाएंगे और सवाल या टिप्पणी करना छोड़ देंगे। इसका सीधा मतलब है की इसकी बेतुकी बातों और दहशतगर्दी पर सवाल उठाने वालो को डराओ और दबाओ।

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