Delhi: दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश के साथ साथ उन सभी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के टोल टैक्स (Toll Tax) द्वारा आम जनता और वाहन मालिको को शासन द्वारा नए टोल टैक्स नियम के तहत लोगों को झटका देने की पूरी तैयारी कर ली गई है। एवम एक सितंबर से टोल टैक्स संबंधी नए नियम लागू कर दिए जाएंगे।
अक्सर जब भी हम टीवी पर न्यूज़ और खबरों को सुनते हैं, तो यातायात से संबंधित खबरों में यह न्यूज़ अक्सर सुर्खियों में रहती है की अब शासन द्वारा टोल टैक्स हटा दिया जाएगा या टोल प्लाजा की संख्याओं को कम कर दिया जाएगा, किंतु यह जो सभी खबरे या नियम है, जब तक लागू नहीं होते तब तक हम इन पर विशेष ध्यान नहीं दे सकते है।
1 सितंबर से टोल टैक्स के नए नियम लागू
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा लोकसभा में शासन की इस नई नीति की घोषणा करते हुए कहा गया है। की सभी नेशनल हाईवे पर 60 किलोमीटर के अंदर ही एक टोल प्लाजा होगा और सभी वाहन चालकों को एक ही टोल प्लाजा पर टोल टैक्स शुल्क देना होगा।

शासन की इसी योजना के तहत एक सितंबर से सभी टोल टैक्स प्लाजा पर टोल टैक्स शुल्क (Toll Tax Price) में वृद्धि कर दी गई है और यह टोल टैक्स वृद्धि पूरे भारतवर्ष के टोल प्लाजाओं के लिए अनिवार्य कर दी गई है।
बस के किराए में वृद्धि
शासन द्वारा टोल टैक्स के जो नए नियम लागू किए गए हैं, उसके हिसाब से वाहन मालिकों और वाहन धारीयो की जेब पर असर होने वाला है और वही सवारी गाड़ी जैसे बस आदि के वाहन मालिकों के फायदे में कमी आने वाली है।
इसी बढ़े हुए टोल टैक्स के कारण अब बस के किराए में मनमानी वृद्धि होने की आशंका है, जोकि एक अटल सत्य है शासन की किसी भी योजना का असर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जनता पर ही पड़ता है, जो भी पैसा खर्च होगा वह जनता से ही वसूला जाएगा।

यह हम इसको दूसरे शब्दों में अच्छे से समझ सकते हैं की शासन जो भी योजना आम जनता के भले के लिए चलाती है उसमें आम जनता को जो फायदा होता है, उसका असर उसकी जेब पर ही पड़ता है।
हर कारोबारी अपने फायदे को मद्देनजर रखते हुए उस चीज की कीमत को बढ़ा देती है, जिससे अतिरिक्त जो पैसा होता है। वह आम जनता को ही भुगतना पड़ता है। टोल टैक्स बढ़ने के साथ ही बस का किराया और अन्य व्यवसायिक वाहन के भाडे में भी वृद्धि होगी जिसका असर आम जनता पर ही पड़ेगा।
महंगाई का बढ़ना निश्चित
व्यवसायिक वाहन जिन पर टोल टैक्स के नए नियम लगा दिए गए है। उस वजह से आम जनता द्वारा दैनिक उपयोग में लाई जाने वाली सभी वस्तुओं के दामो में अचानक से वृद्धि हो जाएगी, जिससे महंगाई का बढ़ना निश्चित हो जाता है।
हम जानते हैं कि व्यवसायिक वाहन जो भी नेशनल हाईवे (National Highways) पर दौड़ते हैं उन सभी वाहनों में आम जनता द्वारा उपयोग में ली जाने वाली चीजों का आयात निर्यात होता रहता है, जिससे यदि टोल टैक्स द्वारा व्यवसायिक वाहन के मालिकों के जेब पर असर पड़ता है, तो वह अपने फायदे को ध्यान में रखते हुए अपनी गाड़ी का भाड़ा बढ़ा देता है।

इस बड़ी हुई राशि के साथ वह सामान जब संबंधित कारोबारी के पास पहुंचता है, तो वह कारोबारी भी अपने फायदे को ध्यान में रखते हुए उन सभी दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली चीजों के दामों को बढ़ा देता है और एक आम जनता का उस बढ़ी हुई कीमत में उन वस्तुओं को लेना मजबूरी बन जाता है, जिससे हम कह सकते हैं की महंगाई बढ़ गई है।
महंगाई बढ़ने का एक और कारण पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि होना भी है
टोल टैक्स के अलावा महंगाई बढ़ने का एक और कारण पेट्रोल और डीजल के दामों में अंधाधुंध वृद्धि भी है। जिससे दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली सारी जरूरी चीजों और वस्तुओं के दामों में वृद्धि हो गई है, जिससे महंगाई बढ़ रही है। आज के समय में इस बढ़ी हुई महंगाई के कारण आम जनता का यातायात, करना या सफर करने के लिए भी दस बार सोचना पड़ता है, जब जरूरी रहता है तभी वह सफर करते हैं।




