मोदी सरकार ने 2.5 लाख गाँवों में कम कीमत का इंटरनेट पहुंचाने दिए 20 हजार करोड़

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Delhi: टेलीकॉम मिनिस्टर रवि शंकर प्रसाद ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया है कि भारतनेट योजना के अंतर्गत भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड को यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड से अब तक कुल राशि 20,431 करोड़ रुपये दे दिए हैं। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश में कम कीमत में इंटरनेट देने के लिए भारतनेट प्रोजेक्ट के अंतर्गत अभी तक कुल राशि 20,431 करोड़ रुपये दे चुके है।

पहले चरण में 10,286 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 10,145 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। भारतनेट योजना के तहत सरकार का उद्देश्य है कि देश के 2.5 लाख गांवों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से कनेक्ट करना है। गुरुवार को संसद में यह इन्फॉर्मेशन दी गई।

भारतनेट योजना के अंतर्गत सैटलाइट मीडिया के माध्यम से ग्राम पंचायतों को कनेक्ट करने योजना है। रविशंकर प्रसाद ने बताया कि औसतन अभी एक वाई-फाई User द्वारा करीब 52 एमबी डेटा प्रति महीने उपयोग किया जाता है। 4 जुलाई, 2018 तक देश में लगभग 345,779 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदेश्य है कि कोई भी गाँव नेट के अभाव में नही रहेगा।सभी गांव को नेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे गांव की सभी ग्राम पंचायतों को जोड़ा जा सके। 1,31,392 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जा चुका है, जिनमें से 1,20,562 गांवों में इंटरनेट सेवा उपलब्ध होने को तैयार है।’

भारतनेट योजना के दोनों चरणों की कुल लागत 45,000 करोड़ रुपये थी।भारतनेट योजना के अंतर्गत देश की 2.5 लाख ग्राम पंचायत में वाई-फाई या किसी दूसरी उचित ब्रॉडबैंड टेक्नॉलजी के माध्यम से ब्रॉडबैंड या इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डिवाइसेज को जोड़ने की परमिशन दी जाएगी।

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