
Jabalpur: देश में कई तरह के यातायात के मार्ग है जैसे रेल मार्ग, सड़क मार्ग, वायु मार्ग, जलमार्ग आदि। इन सभी मार्गों के लिए अलग-अलग नियम संकेतों के रूप में या फिर किसी भाषा विशेष के रूप में बनी होती है, परंतु आज हम बात करेंगे सड़क मार्ग और उसके नियमों से संबंधित नियम के संकेतों की।
जैसा कि हम जानते हैं सड़कों एवं हाईवे (Highway) पर पैदल यात्रियों, छोटे वाहन और बड़े वाहनों के लिए कई तरह के संकेत बने होते हैं। चौराहे पर लाल हरे और पीले रंग के लाइट भी लगे होते हैं, जो एक संकेत की तरह काम करते हैं। आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे सड़कों और हाईवे पर नारंगी हरा और पीले रंग के पत्थर या माइलस्टोन (Highway Road Milestone) की। हम जानेंगे की इन माइलस्टोन को सड़कों के किनारे लगाने का क्या कारण है।

आपको बता दें सड़कों और हाईवे के किनारे नजर आने वाले माइलस्टोन इस बात का संकेत देते हैं कि अभी हमारी मंजिल कितनी बाकी है। जान ले की माइलस्टोन पर लगे रंग ही उनकी पहचान है उन पर लगा रंग हमें विशेष जानकारी देता हैतो आइए जानते हैं माइलस्टोन के अलग-अलग रंगों (Different Colours) और उनके उद्देश्य के बारे में।
जाने माइलस्टोन का पीला रंग किस बात का संकेत है
तो हम सबसे पहले बात करेंगे माइलस्टोन के पीले रंग (Yellow Color Milestone) का जो हाईवे और सड़कों पर सबसे ज्यादा नजर आने वाला पत्थर है। माइलस्टोन का पीला कलर नेशनल हाईवे को रिप्रेजेंट करता है। इस पत्थर को नेशनल हाईवे पर लगाया जाता है। नेशनल हाईवे शहरों और राज्यों को जोड़ने वाली सड़क होती हैं, जिसकी देखरेख और उसके सुधार निर्माण का जिम्मा केंद्र सरकार का होता है।
ग्रीन माइलस्टोन का उद्देश्य
हमारा दूसरा और सबसे ज्यादा नजर आने वाला ग्रीन माइलस्टोन (Green Milestone) होता है। तो आपको बता दें कि यह ग्रीन माइलस्टोन स्टेट हाईवे को रिप्रेजेंट करता है यह बताता है कि आप इस वक्त स्टेट हाईवे पर है।
राज्य सरकार द्वारा बनाए गए हाईवे और सड़कों पर हरे रंग का माइलस्टोन लगाया जाता है इससे यह साबित होता है कि इस हाईवे का जिम्मा किसी राज्य की सरकार पर है। यह हाईवे मुख्य तौर पर एक राज्य या शहर को दूसरे राज्य शहर से जोड़ता है।
ब्लैक या ब्लू वाले माइलस्टोन का उद्देश्य
यदि आप किसी लंबे सफर पर जा रहे हैं और अपने सफर के दौरान आपने ब्लू या ब्लैक स्ट्रिप बाला माइलस्टोन (Black or Blue Milestone) देखा है तो इसका मतलब यह है कि आप किसी बड़े शहर या फिर जिले की बॉर्डर में है और कुछ ही समय बाद वहां प्रवेश करने वाले हैं।
Each Milestone on Indian highways is identified with color and each color has its own significance.#roadways #roadsafety #constructionmanagement #projectmanagement #constructiontechnology #heavymachinery #constructionbusiness #constructionindustry #prospectabuildx pic.twitter.com/DIJS1E4K5g
— Prospecta BuildX India Pvt. Ltd. (@ProspectaBuildX) March 12, 2021
ब्लैक या ब्लू स्ट्रिप वाला माइलस्टोन (Milestone) देश के बड़े शहरों और किसी बड़े जिले को रिप्रेजेंट करता है। इस हाईवे की सड़क को उस जिले की प्रशासन देखभाल करती है और उसकी मरम्मत कराती है।
ऑरेंज माइलस्टोन का उद्देश्य
अब हम बात करेंगे ऑरेंज स्ट्रिप वाली माइस्टोन (Orange Milestone) की। जिसे हम राज्य की जिलों के अंदर आने वाले गांव की सड़कों पर देख सकते हैं। आपको बता दें ऑरेंज पट्टी वाली माइलस्टोन गांव की सड़क को रिप्रेजेंट करता है। नारंगी रंग की माइलस्टोन को हम काफी ज्यादा देख पाते हैं, क्योंकि एक शहर के अंदर काफी सारे गांव होते हैं, जहां पर हमें यह माइलस्टोन आसानी से दिख जाता है।
Indian Highways Milestone Colour Codes pic.twitter.com/whp2EpL7xc
— Sagarsinh Rathore (@Sagar14939444) February 29, 2020
माइलस्टोन के ऊपर एक नंबर लिखा होता है, जो हमें बताता है कि हम उस गांव से कितनी दूरी पर है या हम उस गांव में प्रवेश करने वाले हैं। पहले गांव की सड़के कच्ची हुआ करती थी। उसके बाद प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण हुआ और इसी योजना के तहत इन्हीं माइलस्टोन को लगाया गया, जिन्हें ऑरेंज कलर से रिप्रेजेंट करते हैं। इन सड़कों के निर्माण का जिम्मा गांव के मुखिया द्वारा प्रधानमंत्री की चलाई जा रही योजनाओं द्वारा होता है।



