Delhi: राजस्थान का सियासी उठा पठक थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पालयट के खेमे ने स्पीकर के नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती देकर स्पष्ट कर दिया है कि वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। हाईकोर्ट ने पायलट खेमे को राहत देते हुए फिलहाल कार्रवाई पर रोक लगा दी है। सचिन पायलट और अन्य बागी विधायकों को कांग्रेस की ओर से अयोग्य ठहराए जाने संबंधी नोटिस पर चुनौती देने वाली याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए प्रस्तावित कार्रवाई को मंगलवार तक के लिए टाल दिया है।
सचिन पायलट (Sachin Pilot) लगातार खुद को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाने की मांग करते रहे और जब तक उनकी यह मांग मान नहीं ली जाती, उन्होंने पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलने तक से इनकार कर दिया, कांग्रेस ने एक ऑडियो टेप (Rajasthan Audio Clip) जारी करके केंद्र सरकार में मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर राजस्थान में अपनी सरकार के खिलाफ बागी विधायकों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है।
राजस्थान बीजेपी के प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने अशोक नगर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष को भेजी लिखी शिकायत में कहा, महेश, जोशी, रणदीप सुरजेवाला और अन्य आरोपी बीजेपी की प्रतिष्ठा को नुकसान पुहंचाने के लिए अक्सर झूठे और भड़काऊ भाषण देते हैं ताकि राज्य में कांग्रेस के सियासी संकट के लिए बीजेपी को दोष दिया जा सके।
बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) ने आज राजस्थान की कांग्रेस सरकार को लोकतंत्र के लिए बड़ी दिक्कत बताते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है। मायावती ने राजस्थान के राज्यपाल से मांग की है की जल्द से जल्द राजस्थान में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें, ताकि लोकतंत्र के लिए खतरा बन चुकी गहलोत सरकार राजस्थान में लोकतंत्र की और दुर्दशा न कर सके।
मायावती ने कहा की राजस्थान में पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा के 6 विधायक जीते थे, गहलोत ने लोकतंत्र की धज्जियाँ उड़ाते हुए कानून को तोडा और बसपा के 6 विधायको को कांग्रेस में शामिल कर लिया। मायावती ने कहा की पहले बसपा के विधायको को कांग्रेस में शामिल करवाया और अब फ़ोन टैप करवाकर गहलोत लोकतंत्र को और नुक्सान पहुंचा रहे है।
1. जैसाकि विदित है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने पहले दल-बदल कानून का खुला उल्लंघन व बीएसपी के साथ लगातार दूसरी बार दगाबाजी करके पार्टी के विधायकों को कांग्रेस में शामिल कराया और अब जग-जाहिर तौर पर फोन टेप कराके इन्होंने एक और गैर-कानूनी व असंवैधानिक काम किया है। 1/2
— Mayawati (@Mayawati) July 18, 2020
मायावती ने कहा की गहलोत की सरकार दिन प्रतिदिन गैर लोकतांत्रिक कार्य कर रही है और लोकतंत्र के लिए खतरा बन चुकी इस सरकार को अब बर्खास्त कर देना चाहिए। आपको बता दें की पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला था, राज्य में 200 विधानसभा सीटें है और बहुमत का आंकड़ा 101 का है, कांग्रेस के सिर्फ 100 विधायक आये थे, पर गहलोत ने बसपा के 6 विधायकों को कांग्रेस में शामिल करवा लिया और कुछ और निर्दलियों और छोटी पार्टियों के समर्थन से सरकार बना ली थी।
2. इस प्रकार, राजस्थान में लगातार जारी राजनीतिक गतिरोध, आपसी उठा-पठक व सरकारी अस्थिरता के हालात का वहाँ के राज्यपाल को प्रभावी संज्ञान लेकर वहाँ राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करनी चाहिए, ताकि राज्य में लोकतंत्र की और ज्यादा दुर्दशा न हो। 2/2
— Mayawati (@Mayawati) July 18, 2020
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, राजस्थान में कांग्रेस की राजनीतिक नौटंकी हम देख रहे हैं। षड्यंत्र, झूठ और कानून को ताक पर रखकर कैसे काम किया जाता है, यह उसका मिश्रण है। उन्होंने कहा कि कुछ ऑडियो टेप के माध्यम से आरोप लगाया जा रहा है कि BJP द्वारा कांग्रेस पार्टी को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इसमें कोई तथ्य नहीं है, बल्कि सारा षड्यंत्र उन्हीं के घर में रचा जा रहा था।



