डॉक्टरों ने 7 वर्षीय बच्चे के लिवर ट्रांसप्लांट के लिए दिये 11 लाख रुपये। डॉ भगवान का रूप होता है

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Photo & News Courtesy: ANI on TWitter
देश के कुछ डाक्टरों ने एक कहावत सच सावित कर दी, ‘डॉक्टर भगवान के रूप में होते हैं’। दिल्ली साकेत के मैक्स आस्पताल के डॉक्टरों ने एक 7 साल के बच्चे के लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 1 नही 2 लाख नहीं पूरे 11 लाख रुपये का बंदोबस्त किया। इस लड़के का नाम अली हमजा है और इसके माता-पिता बहुत गरीब होने के कारण इलाज के लिए पूरे पैसे देने में स्वंय को असमर्थ बताया था। ये देखते हुए डॉक्टरों ने अहम फैसला लिया।

डॉ शरत वर्मा ने डॉक्टरों की टीम को Lead किया, हर्ष की बात ये रही कि बच्चे का लिवर ट्रांसप्लांट करने में डॉ को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नही हुई जिससे उन्होंने सफलतापूर्वक उस बच्चे का लिवर ट्रांसप्लांट कर दिया। ये कामनामा दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने किया है। डॉ शरत ने बताया कि जब वो ट्रीटमेंट के लिए आया था, तो उसका लिवर पूरी तरह काम करना बंद कर दिया था।

लिवर फेल हो चुका था। उसे पीलिया भी था और उसकी स्थिति खराब होते जा रही थी। उसका बचना मुश्किल हो गया था।वो कोमा में जाता जा रहा था। हमने उस बच्चे के माता-पिता को बुलाकर सब समझते हुए लिवर ट्रांसप्लांट के लिए कहा, उन्होंने कहा की हम गरीब है हमारे पास इतना पैसा नही है कि हिम आपरेशन का सोच सके।

जानकारी के मुताविक पेडिऐट्रिक लिवर ट्रांसप्लांट 15 लाख की लागत पर किया जाता है, हमने उनके लिए लगभग 11 लाख रुपये का बंदोबस्त किया। अली के पिता उसे अपना लिवर देने जे लिए तैयार थे लेकिन पैसा नही था।


अली की बीमारी की जानकारी उसकी बीमारी की प्रारम्भ स्टेज में ही चल गया था। उसके पिता को जैसे ही उसकी बीमारी की जानकारी मिली उन्होंने जल्द से जल्द उसे अच्छा ट्रीटमेंट दिलाने के लिए हर सम्भव प्रयास किय।

अली के पिता मोहम्मद रेहान ने बोला कि मैं डॉक्टरों की पूरी टीम का बहुत ही आभारी रहूंगा। कि उन्होंने मुसीबत में हमारी हेल्प की। हम अली के आपरेशन के लिए सिर्फ 3 लाख रुपये का ही बंदोबस्त कर पाए, बाकी पैसों का बंदोबस्त दिल्ली के मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने किया। ऑपरेशन खत्म होने बाद डॉ ने कहा आपरेशन सफल हुआ।इस बड़ी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन के बाद पिता और बच्चा दोनों ठीक हैं।

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