Jabalpur: हम अगर दुसरे देश मे सड़क की बात करे, तो वहा सड़क निर्माण का काम काफ़ी विकसित है। आजकल एक से बढ़कर एक हाइवे सड़क (Highway Road) का निर्माण हो चुका है। जिनसे वहा के लोगो को अपनी यात्रा मे सुविधा के साथ साथ आनन्द भी उठा मिलता है। अगर हमारे भारत देश कि भी बात की जाए तो यह भी अब सड़क निर्माण के बारे में पीछे नहीं है। क्योंकि अब यहा पर भी एक से बढ़कर एक एक्सप्रेसवे एवं हाइवे का निर्माण हो रहा है।
बताया जा रहा है कि भारत मे हाइवे सड़क निर्माण का कार्य अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार से ही बहुत अधिक जोरो शोरो से चल रहा है। कही पुरानी सड़क को एक्सप्रेस वे और हाइवे के निर्माण मे, तो कही पहले की छोटी सड़को का पुर्निर्माण और उनकी चौड़ाई बढ़ाने का काम यह सभी काम तेजी से चल रहे है। जिन्हे ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट कहा जा रहा है।
आपने देखा ही होगा कि पहले किसी ट्रक को उत्तर भारत से दक्षिण भारत मे आवगमन करने के लिए उनको लगभग दस से पंद्रह दिन का समय लग जाता था। परंतु अब हाइवे के निर्माण से उसी ट्रक को किसी भी स्थान मे जाने के लिए कुछ ही दिन का समय लगता है। यहा तक कि अब लोग भी अपने वाहनों से एक हजार या दो हजार किलोमीटर की यात्रा करने मे हिचकिचाते नही।
खबर है कि अभी कुछ ही दिन पहले मध्यप्रदेश मे नितिन गडकारी (Nitin Gadkari) ने जो कि केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री है। उन्होने एक कार्यक्रम में बताया कि इस महिने के लास्ट तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) के निर्माण का कार्य पुरा हो जायेगा। जिसकी लम्बाई 1,382 किलोमीटर बतायी जा रही है।

इस सड़क मे पहले दो सबसे बड़े महानगरों के बीच की यात्रा तय करने मे 24 घंटे का समय लगता था। लेकिन अब इस दिल्ली से मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण से अब 24 घंटे से घटकर 12 घंटे मे सफ़र तय कर सकेंगे।
बता दे कि यह दिल्ली से मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा। जो लोगों के लिए मार्च 2023 मे प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस 8 लेन एक्सप्रेसवे की लागत की बात करे, तो इसमे कुल 1 लाख करोड़ का खर्चा आई है।
भारत में इस एक्सप्रेसवे के आलावा और कई सारे एक्सप्रेसवे भी है। जिनमे से हम आज इस पोस्ट मे आपको 5 सबसे बड़े एक्सप्रेसवे (Top 5 Expressway In India) के बारे में बताएगे। जिससे आप अपने वाहन से भी सफ़र करने मे आनंद व सुविधा जनक महसूस करेंगे।
नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे
आपको बता दें कि नागपूर-मुंबई एक्सप्रेसवे (Nagpur-Mumbai Expressway) जिनको पहले हिन्दू सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग कहा जाता था। इस मार्ग का पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी मे 11 दिसम्बर को किया है। बता दे कि 6 लेन और 701 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस मार्ग महाराष्ट्र के एक बहुत बड़े शहर नागपुर और महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई को आपस मे जोड़ता हैं।

यह अभी तक का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे है और देश के सबसे लंबे ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना मे से भी एक है। वही इसकी लागत की बात करे, तो इसके निर्माण में 55,000 करोड़ रुपये की लागत लगी है।
बताया जा रहा है कि यह एक्सप्रेस वे महाराष्ट्र के 10 जिले नागपुर, अमरावती, जालना, अहमदनगर, वाशिम, वर्धा, औरंगाबाद, बुलडाना, नाशिक, ठाणे से होता हुआ जाता है। जिसमें इन शहरों के सफर को और भी कम समय यानि 16 घंटे के मार्ग को 8 घंटे का कर दिया गया है।
इस एक्सप्रेस वे आपकी यात्रा को और अधिक आनन्दमयी बनाने के लिए इस मार्ग के कई जगहो पर वन्य जीव अभ्यारण और कई ब्रेक पाइट्स बनाए गए है। जिसमे खाने पीने एवं EV चार्ज की भी सुविधा है।
यमुना एक्सप्रेसवे
बता दे कि यह एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) उतर प्रदेश के आगरा और ग्रेटर नोएडा को आपस मे जोड़ता है। इस एक्सप्रेसवे को ताज एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है। बता दे कि इस एक्सप्रेस वे का कार्य वर्ष 2007 मे प्रारंभ हुआ था। जो 165.5 किलोमीटर लम्बाई का 6 लेनो का बना हुआ है।

वही इसकी लागत की बात की जाए तो इसमे टोटल 12,839 करोड़ रुपये का खर्चा आया है। यह एक्सप्रेस वे पुर्वान्चल एक्सप्रेस वे और नागपुर-मुंबई एक्सप्रेस वे के बाद तीसरा सबसे बड़ा मार्ग है।
यह मार्ग उतर प्रदेश के 6 जिलो से होते हुए आगरा में शामिल होता है। जिसका सफ़र अब 4 घंटे से कम होकर 1 घंटे 40 मिनट का हो चुका है। रास्ते के जगहो पर रेस्ट स्टाफ़, खाने पीने और पेट्रोल पम्प की भी व्यवस्था हो चुकी है।
इस एक्सप्रेस मार्ग के निर्माण से जेवर मे बन रहे नोएडा इंटर नेशनल हवाई अड्डा मे आने जाने यात्रियो को भी सुविधाएं होगी। साथ ही इस मार्ग पर मेट्रो ट्रेन के मार्ग की योजना को भी हरी झंडी मिल चुकी है। इसका भी कार्य जल्द प्रारंभ कर दिया जाएगा।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे
बता दे कि मुंबई -पुणे एक्सप्रेस (Mumbai-Pune Expressway) मार्ग को यशवंत चव्हाण एक्सप्रेस वे के नाम से भी पहचाना जाता है। जिसका उदघाटन वर्ष 2001 मे हुआ था। जो 6 लेन का एक्सप्रेस वे और 94.5 किलोमीटर लम्बा बनाया गया है। यह मार्ग महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई को उसी के एक शहर पुणे से जोड़ता है।

बता दे कि इस एक्सप्रेस वे को तैयार करने मे कुल 1600 करोड़ रुपये का खर्चा आया है। यह मार्ग महाराष्ट्र के मुंबई, पनवेर, कलन्बोली, लोनावाला, खालापुर, तालेगाव दाभाडे मे शामिल होता है।
इस मार्ग पर आपको खंडाला और लोनावाला के खुबसुरत नजारा निहारने को मिलेगा। इस मार्ग को देश के सबसे व्यस्त एक्सप्रेस वे मे से एक माना जाता है, क्योकि इस मार्ग पर करीब 60 हजार गाडि़या 1 दिन मे चलती है। इसलिए इस रास्ते पर वाहनो के रुकने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
पुर्वान्चल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) का उद्घाटन 16 नवम्बर 2021 को सुल्तानपुर मे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। जो कि उतर प्रदेश के लखनऊ और गाजीपुर मार्ग को जोड़ता है। इसका कार्य अक्टूम्बर 2018 मे प्रारंभ कर दिया गया था। जो 6 लेनो का 340.8 किलोमीटर की लम्बाई का है।
बता दे कि इस एक्सप्रेस वे के उद्घाटन पर भारतीय वायुसेना के 30 लडाकू विमान उतारे गए थे। यह एक्सप्रेस वे उतर प्रदेश के नौ जिलो को जोड़ता है जिनमे लखनऊ, अमेठी, बारांबंकी, अयोध्या, सुल्तानपुर, आजमगड, अम्बेडकरनगर, गाजीपुर और मऊ शामिल हैं। इस एक्सप्रेसवे को तैयार करने मे 22.494 करोड़ रुपये खर्च आया है।
यह पुर्वान्चल एक्सप्रेस वे मुंबई-नागपुर के बाद का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। जिसमे लोग अपनी लम्बी यात्रा कम समय यानी 15 घंटे से 10 घंटे मे ही तय कर सकेंगे। इस एक्सप्रेस वे मे सबसे अच्छी बात यह है कि यहा हर एक 100 किलोमीटर के अन्तराल मे खाने पीने की सुविधा, रेस्ट स्टाप और पेट्रोल पम्प की सुविधा भी उपलब्ध है।
अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे
यह अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेस वे (Ahmedabad–Vadodara Expressway) 6 लेन का एक्सप्रेसवे है। जिसकी लम्बाई की बात करे, तो यह 93.1 किलोमीटर की है। इस वे को नेशनल एक्सप्रेसवे (National Expressway 1) और महात्मा गांधी एक्सप्रेसवे (Mahatma Gandhi Expressway) के नाम से भी पहचाना जाता है।

बता दे कि इस वे का उद्घाटन 16 अगस्त 2004 को हुआ था। जो उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के द्वारा किया गया था। इस मार्ग के निर्माण मे 2125 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यह एक्सप्रेस वे दो प्रमुख गुजरात के शहरों अहमदाबाद और वडोदरा को जोड़ने वाला मार्ग है।
यह एक्सप्रेस वे गुजरात के दो शहर नडियाद और आनंद से होकर जाता है। इसके अलावा दो देश के चार बड़े शहरों पूर्व मे कोलकाता, पश्चिम मे मुंबई, उतर मे दिल्ली और दक्षिण में चेन्नई को जोड़ता है। जो गोल्डन क्वाड्रिलैटरल का हिस्सा भी है।
बता दे कि वे कि सबसे अच्छी बात यह है कि इस मार्ग पर 4 रेल्वे ब्रीज, 23 अन्डर पास 20छोटे पुल, 4 बड़े पुल, 15 फ़्लाईओवर, है। जो आपके इस यात्रा को और भी सुविधा जनक बनायेगा। इस एक्सप्रेसवे के दोनों साइड फ़ेन्सिग की गई जिससे मवेशियो को एवं दो पहियो वाहन को रोका जा सके।




