
Delhi: पढ़ाई करने की कोई उम्र नही होती। यही बात सच कर दिखाई दादी अम्मा ने। 96 साल की उम्र में साक्षरता परीक्षा में टॉप करने वाली कार्तियानी अम्मा (Karthyayani Amma) को केरल (Kerala) के एजुकेशन मिनिस्टर सी रवींद्रनाथ ने लैपटॉप गिफ्ट किया है। उन्होंने अलपुझा जिले के चेप्पाड गांव में अम्मा के घर जाकर एक नया लैपटॉप दिया। जिसे पाने की खुशी अम्मा के चेहरे पर साफ देखी जा सकती है।
बता दें, उन्हें ‘Dell’ कंपनी का लैपटॉप गिफ्ट किया गया है जिसकी कीमत 25, 000 हजार रुपये है। केरल की रहने वाली अम्मा ने हाल ही में साक्षरता परीक्षा में 100 में से 98 नंबर लाकर पहला स्थान हासिल किया था। साक्षरता परीक्षा (लिटरेसी परीक्षा) की आयोजन 5 अगस्त को हुआ था, जिसमें करीब 42933 लोगों ने हिस्सा लिया था। अम्मा उन्हीं लोगों में से सबसे सबसे बुजुर्ग महिला थीं।
कार्तियानी अम्मा ने बताया था कि साक्षरता परीक्षा में 100 में 98 अंक आने पर उनके चेहरे पर एक अलग सी मुस्कान दिखाई दे रही थी। वह काफी प्रश्न हुई थी, इसी के साथ वह 100 साल की उम्र तक कक्षा 10 को पास करना चाहती हैं। साक्षरता परीक्षा के लिए केरल सरकार ने ‘अक्षरालक्षम साक्षरता मिशन’ नाम का अभियान चलाया था, जिसका उद्देश्य केरल में 100 फीसदी साक्षरता करना है।
कहा हुआ जन्म
कार्तयायनी अम्मा (Karthyayani Amma) का जन्म 1922 में हुआ। एक भारतीय महिला हैं, जो 96 वर्ष की आयु में साक्षरता परीक्षा पास करने के बाद राष्ट्रीय सेलेब्रिटीज़ बन गईं। उन्होंने राज्य के मंत्रियों सी रवींद्रनाथ और पिनाराई विजयन से मुलाकात की और नारी शक्ति पुरस्कार प्राप्त किया। कार्तयायनी अम्मा कार्तयायनी अम्मा राष्ट्रीयता इंडिया के लिए जानी जाती है, 96 साल की उम्र में साक्षरता परीक्षा उत्तीर्ण करके एक मिसाल कायम कर दी।
Scored 98 out of 100 in her class 4 exam, results declared this week. Karthyayani Amma was asked what will she do with education at this age, she replies she took the exam because she wanted to study, not because others wonder why. Says she now wants to take a computer course pic.twitter.com/D1AdLqEkas
— Smita Prakash (@smitaprakash) November 1, 2018
कार्तयायनी अम्मा भारत में केरल राज्य के चेप्पड़ की रहने वाली हैं। एक बच्चे के रूप में उसे काम करना पड़ा और इसलिए उसने स्कूल जाना बंद कर दिया। उन्होंने ज्यादा पढ़ाई नही की। शिक्षा के सीमित संसाधन के चलते पढ़ाई छोड़ दी। उन्होंने शादी की और उनके छह बच्चे थे, जो सड़क पर सफाई करने वाले और नौकरानी के रूप में काम करते थे। वह एक शाकाहारी हैं जो हर सुबह 4 बजे उठती हैं।
2018 तक, कार्तयायनी अम्मा बुजुर्ग लोगों के लिए सामाजिक आवास, लक्षम वीडू कॉलोनी में रह रही थीं। वह अपनी बेटी, जिसने साठ साल की उम्र में एक परीक्षा उत्तीर्ण की थी, उससे सीखने का शौक फिर से जीवित हो गया। अगस्त 2018 में, उन्होंने केरल राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अक्षराक्षम (“मिलियन लेटर”) कार्यक्रम में हिस्से के रूप में 40,362 अन्य लोगों के साथ एक परीक्षा दी।
Karthyayani Amma has an important message for all of us. The 98 year old Amma has been an inspiration for learners of all ages. Here's she explaining how to tackle #COVID19outbreak.
Let's listen and learn. pic.twitter.com/3LlZsoS0UZ
— CMO Kerala (@CMOKerala) March 22, 2020
वह अपने जिले में परीक्षा देने वाली सबसे बुजुर्ग महिला में से एक थीं। उन्हें उनके परपोते, जो नौ और बारह साल के थे, उनसे पढ़ने और लिखने की शिक्षा ली। पढ़ने, लिखने और गणित पर परीक्षित, कार्तयायनी अम्मा ने संभावित 100 अंकों में से 98 अंक प्राप्त किए, जिससे उन्हें शीर्ष ग्रेड मिला। उन्होंने बताया कि मैंने बिना किसी कारण के बहुत कुछ सीखा परीक्षण मेरे लिए बहुत आसान था।
परीक्षा में अपनी सफलता के बाद, कार्तयायनी अम्मा एक राष्ट्रीय हस्ती बन गईं। फिल्म स्टार मंजू वारियर दीवाली के दौरान उनसे मिलीं थी। सी रवींद्रनाथ (केरल के शिक्षा मंत्री) ने उन्हें एक लैपटॉप दिया था। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने उन्हें योग्यता का प्रमाण पत्र दिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उसकी महत्वाकांक्षा 100 साल की उम्र में अगले स्तर की परीक्षा पास करने की थी। कार्तयायनी अम्मा 2019 में कॉमनवेल्थ ऑफ़ लर्निंग गुडविल एम्बेसडर बनीं।
मार्च 2020 में, उन्हें भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा प्रस्तुत नारी शक्ति पुरस्कार 2019 पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने उसके लिए दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी। अम्मा ने पहले कभी उड़ान नहीं भरी थी, लेकिन उन्हें एक पूर्व पुरस्कार विजेता एम एस सुनील के साथ राष्ट्रपति भवन के लिए उड़ान भरी थी पुरस्कार पाने वाली एक अन्य साथी केरल की भगीरथी अम्मा थीं, जो 105 साल की उम्र में अक्षराक्षम परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली सबसे उम्रदराज महिला बनी हैं।
96 year old Karthyayani Amma became the topper with 98% score in equivalency programme exam of Kerala Literacy Mission. She received the certificate of merit from CM Pinarayi Vijayan. CM congratulated her and others who appeared for the exam. pic.twitter.com/qkZAuHQZgy
— CMO Kerala (@CMOKerala) November 1, 2018
जिला कलेक्टर एम अंजना ने केंद्र सरकार के नारी शक्ति पुरस्कार के लिए चुने जाने पर 98 वर्षीय कार्तयायनी अम्मा को शुभकामनाएं दी है। मीडिया से बातचीत के दौरान सुश्री अंजना ने कहा कि यह जिले और केरल राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण (केएसएलएमए) के लिए गर्व का पल है। KSLMA द्वारा आयोजित अक्षरलक्षम साक्षरता परीक्षा में पहली रैंक हासिल करने के बाद, कार्त्यायनी ने 2018 में 100 में से 98 अंक हासिल करने के बाद प्रसिद्धि हासिल की।
वह कभी स्कूल नहीं गई थी और घरेलू सहायिका और सफाई कर्मचारी के रूप में काम करती थी। नॉनजेनेरियन को अपनी बेटी से प्रेरणा मिली थी। एक स्कूल छोड़ने वाली अम्मिनियम्मा ने सतत शिक्षा कक्षाओं में भाग लेने के बाद दसवीं कक्षा के समकक्ष परीक्षा पास की थी। कार्तयायनी अब 10वीं कक्षा की समकक्ष परीक्षा पास करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्हें कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग गुडविल एंबेसडर के रूप में भी चुना गया था।
Karthyayani Amma was among the 15 women who were conferred with Nari Shakti Puraskar on the occasion of #WomensDay2020. pic.twitter.com/J3yHhPe7sO
— InUth (@InUthdotcom) March 9, 2020
केरल में साक्षरता मिशन की टॉपर रहीं 96 साल की कार्तियानी अम्मा को कनाडा की कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग संस्था ने अपना गुडविल एम्बेसडर बनाया है। अम्मा यह परीक्षा देने वाली सबसे बुजुर्ग महिला थीं। उन्हें परीक्षा में 98% अंक मिले थे। राज्य सरकार ने भी अम्मा को सम्मानित किया था।
घर जाकर अम्मा को किया सम्मानित
कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग संस्था अलग-अलग देशों में शिक्षा को प्रोत्साहित करने का काम करती है। अम्मा समकक्ष परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। इसलिए संस्था के गुडविल वाइस प्रेसिडेंट बालासुब्रमण्यम ने व्यक्तिगत तौर पर उनके घर जाकर सम्मानित भी किया। ये उनके लिए बहुत गर्व की बात थी। सम्मान मिलते ही उनके होसलो में चारचांद लग गये।
राज्य में 100 फीसदी साक्षरता के लिए केरल साक्षरता मिशन अक्षरलाक्षम अभियान चला रहा है। अम्मा ने अभियान में खुद को नामांकित किया था। 5 अगस्त 2018 को हुई साक्षरता परीक्षा में अम्मा शामिल हुईं और 40 हजार लोगों के बीच टॉपर घोषित की गई थीं। यह सफलता सच में अध्भुत रही।



