मध्य प्रदेश के पूर्व CM शिवराज की 5 रुपये भर पेट थाली कमलनाथ सरकार ने की खत्म।

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Bhopal, Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के आटे ही शिवराज सरकार ने जो गरीबों के पेट के लिए 5 रुपये में खाने की थाली की दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के तहत सभी गरीबो को खाना खिलाने की प्रणाली को समाप्त कर दिया है। जिससे सभी गरीबो में आक्रोश की भावना आ गई है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अप्रैल 2017 से गरीबों को 5 रुपये में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाली थाली अब समाप्त हो गई है।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आते ही कमलनाथ सरकार का सीधा निशाना अब शिवराज सरकार के द्वारा चलाई गई सभी महत्वपूर्ण योजना में कैची चलाने का काम कर रही है। अब कमलनाथ सरकार में शिवराज सरकार की गरीबों को 5 रुपये में खाना खिलाने की दीनदयाल अंत्योदय रसोई पर कैची चला दी है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अप्रैल 2017 से निर्धनों को 5 रुपये में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना भर पेट कहना खिलाया जाता था।जिससे सभी गरीबो में खुशी की लहर आ गई थी, लेकिन ये खुशी की लहर ज्यादा समय तक नही टिक सकी। जब मीडिया की एक टीम सोमवार को शहर के सुल्तानिया हॉस्पिटल के सामने दीनदयाल रसोई घर गई तो वहाँ वहां दरबाजे में ताला लगा हुआ मिला।



20 जून से रसोई घर close होने का नोटिस भी लगा हुआ था। इस बात पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार पर तीखा प्रहार किया। 5 रुपये में भर पेट खाना खाने के लिए जब गरीब मजदूर रसोई घर जा रहे है, तो वहाँ ताला लगा हुआ मिल रहा है जिससे उनकी उम्मीद टूट गई है। गरीब मजदूरों को 5 रुपये में भर पेट खाने की उम्मीदो पर पानी फिर गया है।

खवरो के अनुसार जब करोंद एक सख्स से बात की तो उन्होंने बताया की वो प्रतिदिन यहाँ भोजन करने आते थे। लेकिन अब वहा ताला लगा होने के कारण वो दुसरो के दिये हुए भोजन पर आश्रित हो गए है। उनका कहना है कि 5 रुपये में भरपेट खाना कहा मिलेगा। खाने के लिए दीनदयाल अंत्योदय रसोई पर आश्रित रहने वाले वो सख्स ही नही अपितु सभी गरीब मजदूर उसी रसोई घर पर निर्भर हो गए थे।

गरीब मजदूरी करने वाले लोगो ने अपनी बातें सुनाई की कुछ का कहना था कि प्रतिदिन इतने पैसे नही मिलते है, मजदूरी करके की बाहर जाकर भरपेट खाना खा ले। इसलिए प्रतिदिन दीनदयाल अंत्योदय रसोई घर मे जाकर भरपेट भोजन करते थे और जबसे ये रसोई घर बंद हो गया है, तब से भरपेट खाना भी नही खाया।




कभी कभी तो भूखे पेट ही सोना पड़ता है। कमलनाथ सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सरकार की तारीफ करते हुए बताया है कि वह इस योजना को और अच्छे ढंग से सुचरित करेंगे। जिससे गरीब मजदूरों को सही भोजन प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि अब दीनदयाल योजना को हम एक सही रूप प्रदान कर रहे है। उन्होंने महत्वपूर्ण योजनाओ को समाप्त की बात का खंडन करते हुए बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून कांग्रेस ने 2013 में प्रारंभ कर दिया था।

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