साथियों को बचाने झील में कूदे भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल अब नहीं रहे। कांगो के शांति मिशन में थे।

0
602

Photo Credits: Twitter(Major Surendra Poonia)

Democratic Republic of Congo में तैनात Indian Army के अधिकारी गौरव सोलंकी की झील में डूबने से अपनी जान नही बचा पाए। लेफ्टिनेंट कर्नल गौरव सोलंकी को मध्य अफ्रीकी देश में संयुक्त राष्ट्र के अभियान में एक सैन्य पर्यवेक्षक के रूप पर Posting किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के अंतर्गत डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में तैनात गौरव सोलंकी पिछले शनिवार से उनकी तलाश जारी थी उनका कुछ भी पता नही था ,लापता हो गए थे।

लेफ्टिनेंट कर्नल गौरव सोलंकी के साथ एक Group भी था जो पिछले रविवार रवांडा और कांगो की बॉर्डर के बीच स्थित चेगेरा द्वीप के पास कीवु झील कायकिंग घूमने के लिए गया था। सेना के अनुसार वह कायकिंग की कीवु झील में घूमने गए थे जिसके बाद से उनका कुछ पता नही है वह लापता हो गए थे।

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार गौरव सोलंकी के सहयोगी अफसर झील में डूब रहे थे उनकी जान बचाने के लिए लेफ्टिनेंट कर्नल गौरव भी अपनी Life जैकेट उतारकर बिना कुछ सोचे झील में कूद गए। जिसके बाद उनके सहयोगी तैरना जानते थे वो तैरकर झील के किनारे पर आ गए लेकिन गौरव तैरने में सफल नही हो पाए और झील में ही डूब गए।
https://twitter.com/MajorPoonia/status/1172777170420125696
एक अधिकारी की जानकारी के मुताविक कायकिंग ट्रिप के बाद गौरव सोलंकी को छोड़ सभी वापस आ गए। लापता गौरव अधिकारी की तलाश के लिए हेलीकॉप्टर और स्पीड बोट से खोज एवं बचाव अभियान प्रारम्भ किया गया। जिसके बाद सोलंकी का शव गुरुवार को चेगेरा द्वीप से कुछ दूरी पर मिला।

सूत्रों की जानकारी के मुताविक, गौरव सोलंकी ने कांगो में अपना कार्य पूरा कम्पलीट कर लिया था और वह अगले कुछ दिनों में भारत में अपने रेजिमेंट में सम्लित होने वाले थे।

DRC में संयुक्त राष्ट्र दफ्तर को मोनुस्को के नाम से पहचाना जाता है। विदेशी भूमि पर भारतीय सेना की सबसे बड़ी तैनाती कांगो में है। उत्तर किवु प्रांत की राजधानी गोमा में भारतीय ब्रिगेड का मुख्यालय बना है। शांति मिशन के अंतर्गत मोनुस्को में फिलहाल 2,613 भारतीय सैनिक की Posting हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here