देश की पहली प्राइवेट रॉकेट कंपनी सैटेलाइट लॉन्च करने के खर्चे को 50 प्रतिशत तक घटाने की राह पर है

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Skyroot Aerospace satellite
After successful mission, Skyroot Aerospace plans to launch satellite in half of the cost of established launch companies.

Hyderabad: प्राइवेट स्‍पेस कंपनी (Private Space Company) जो की रॉकेट लॉन्‍च करती है। गिनी चुनी संख्‍या मे विश्‍व में मौजूद है। उनमें से एक भारत की स्‍काईरूट एयरोस्‍पेस है। स्‍काईरूट एयरोस्‍पेस ऐसी प्राइवेट स्‍पेस कंपनी है, जिसने अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक रॉकेट लान्‍च किया है।

इसका मुख्‍यालय हैदराबाद में है। खबर है कि यह स्‍टार्टअप (Startup) कंपनी जल्‍द ही अगले साल 2023 में अपने खुद का कृत्रिम उपगृह लॉन्‍च करेगी। यह उपग्रह ऐसा होगा जोकि पृथ्‍वी के आर्विट में अपना चक्‍कर पूरा करेगा।

भारत की स्‍काईरूट जो 2023 में करेगी रॉकेट लान्‍च

वैसे तो सेटेलाइट (Satellite) को बनाने में काफी पैसे खर्चा कंपनिया करती है। लेकिन इस प्राइवेट स्‍पेस कंपनी की सबसे अधिक खास बात यह है कि यह अन्‍य जो दूसरी स्‍पेस कंपनी है, उनसे काफी कम लागत में सेटेलाइट को लान्‍च करती है।

यह कंपनी बहुत ही कम कहा जाये की आधी कीमत में यह कंपनी सेटेलाइट लान्‍च करती है, तो गलत नहीं होगा। यह बात हम ऐसे ही बिना प्रूफ के नहीं कह रहे है, दरअसल स्‍काईरूट कंपनी (Skyroot Aerospace Cpmpany) के फाउंडर द्वारा यह न्‍यूज एक इंटरव्‍यू के दौरान दिया गया है।

कई बड़ी कंपनी ने किया है इसमें निवेश

इस विषय में स्‍काईरूट कंपनी के द्वारा जानकारी देकर बताया गया कि रॉकेट लॉन्‍च के लिये 6.8 करोड़ डॉलर की रकम जुटाई गई है। इन पैसे की सहायता से कम से कम 2 सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जा सकते है।

कहा जाता है कि यह स्‍टार्टअप लगभग 400 ग्राहको के कॉन्‍टैकट में है। इस स्‍टार्टअप में सोवरेन वैल्‍थ फंड तथा जीआईसी जैसी बड़ी सिंगापुर की कंपनियों ने भी निवेश किया हुआ है।

अभी कुछ समय पहले ही किया था सफलतापूर्वक रॉकेट लान्‍च

बहुत सी कं‍पनिया स्‍पेसएक्‍स एलॉन मस्‍क की कंपनी के स्‍टारलिंक वाली ब्रॉडबैंड सेवा को ट्रांसफर सप्‍लाई चैन को ट्रेक तथा समुद्री तट से दूर पर स्थित ऑयल रिंग पर नजर रखने के लिये नेटवर्क का निर्माण कर रही है। ऐसे में अगले आने वाले कई सालो में बहुत से छोटे सेटेलाइट आपको हजारो के नंबर में लॉन्‍च होते दिखेंगे।

स्‍काईरूट एयरोस्‍पेस (Skyroot Aerospace) की अगर हम बात करे तो अभी हाल ही में उसने सफलतापूर्वक रॉकेट लान्‍च भी किया है। जब इस कंपनी ने यह कारनामा किया, तो वह हमारे देश की ऐसी पहली प्राइवेट कंपनी बन गई थी जोकि रॉकेट लॉन्‍च करने में सफल है। 

जब स्‍काईरूट ने कम कीमत पर रॉकेट लान्‍च कर दिखाया जब वह इसमें सफल हुये तो अन्‍य कॉप्‍टीटर कंपनिया जेसे रिचर्ड बैंसन की कंपनी जिसका नाम वर्जिन ऑर्बिट है।

वह तथा कैलीफोर्नियो के मुख्‍यालय वाली कंपनी रॉकेट लैब यूएसए इन्‍होंने भी सेटेलाइट लान्‍च करने की कीमत को लगभग 50 प्रतिशत तक लेस करने की बात कही है।

अंतरिक्ष इकॉनोमी होगी 13 अरब डॉलर की 

इंडियन स्‍पेस एसोसिएशन के डायरेक्‍टर जनरल, वही जो लेफ्टिनेट जनरल है उनका नाम ए के भट्ट है। वह स्‍काईरूट की इस सफलता के बारे में बताते है कि स्‍काईरूट ने जो सफल रॉकेट की लान्‍चिंग कर ली है उससे पूरी दुनिया में प्राइवेट अंतरिक्ष कंपनी में भारत की विश्‍वसनीयता बढ़ गई है।

इस कंपनी के द्वारा जो दावा किया गया था, वह क्षमता अंतरिक्ष में प्रदर्शित हो चुकी है और आगे भी यह स्‍वयं को अंतरिक्ष में प्रदर्शित करेगी। भट्ट ने यह भी बताया कि इस अंतरिक्ष प्राइवेट कंपनी के भारत में आ जाने से अब हमारे देश की अंतरिक्ष इकॉनोमी लगभग 13 अरब डॉलर की हो जायेगी। इस प्रकार बात करे स्‍पेस लॉन्‍चिंग की तो 2025 तक इसमें भी बहुत तेजी आयेगी ये भी आगे तेजी से बढ़ेगी।

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