प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे के लिए रूस के व्लादिवोस्तोक में गए। बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की और वहाँ उन्होंने कई प्रोग्राम में भाग लिया। EEF प्रोग्राम में प्रधानमंत्री ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन की रूस के इस भाग के लिए रुचि काफी अधिक है, जो उनकी नीति में साफ दिखाई देती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान रूस के इस पूर्वी भाग के सभी 11 गवर्नरों को भारत आने का Invitation दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत-रूस के रिश्ते ऐतिहासिक मुकाम पर जा रहे हैं। भारत और रूस मिलकर Space की दूरियां पार करेंगे और समंदर की गहराइयों को मापेंने में सक्षम होंगे। उन्होंने बोला कि जल्द ही चेन्नई और व्लादिवोस्तोक के बीच शिप चलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत रूस के साथ मजबूत संबंध बनाकर कदम से कदम मिलाकर रूस के साथ चलना चाहता है। भारत में हम सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ आगे की ओर अग्रसर हो रहे हैं, 2024 तक इंडिया को 5 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और रूस के साथ होने पर विकास की गति को 1+1= 11 बनाने का सुनहरा अवसर है। वर्तमान में हमारे देश से कई नेता यहां पर आए और कई विषयों पर मुलाकात की।
Thank you Russia! This has been a productive visit.
The outcomes of this visit will bring Russia and India closer. Gratitude to President Putin, the Government and people of Russia for their hospitality. pic.twitter.com/gFpKXqBaHc
— Narendra Modi (@narendramodi) September 5, 2019
ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम EEF में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने इस प्रोग्राम के लिए मुझे भारत में चुनाव से पहले ही Invitation दे दिया था। 130 करोड़ लोगों ने मुझपर विश्वास जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैंने राष्ट्रपति पुतिन के साथ रूस की प्रतिभा को जानने का अवसर मिला, जिसने मुझे बहुत आकर्षित किया है।
भारत और पूर्वी भाग का संबंध बहुत पुराना है, भारत प्रथम देश है जिसने यहां पर अपना दूतावास खोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोवियत रूस के समय भी भारत-रूस का संबंध घनिष्ठ था। व्लादिवोस्तोक दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बना है, भारत ने यहां पर एनर्जी सेक्टर से लेकर दूसरे रिसॉर्स में ख़र्च किया है।



