
देश की रक्षा में दिन रात खड़े सैनिकों को देश सलाम करता है। अपना घर परिवार सब छोड़ देश की रक्षा में लगे रहते है। अपने परिवार से दूर होने का गम तो एक सेना का जवान ही समझ सकता है। हर दिन नई चुनोतियो का सामना करना पड़ता है। भारत माता के लिए अपने प्राणों की आहुति भी दे देते है। देश की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर कर देते है।
आज उन शहीद हुए जवानों के परिवार को खुशी मिली है। सेना में जवान के बलिदान के बाद उनके परिवार को रहने के लिए आवास दिया जाता था, वो सरकारी नियम अनुसार 3 महीने में खाली करने होता था, लेकिन अब ऐसा नही है, अब सरकार के नियम बदलने जा रहे है। सेना में शहीद हुए सैनिक के परिवार को 3 महीने नही 1 साल की अवधि दी जाएगी।
जिस मकान में वो रह रहे है, अब 3 महीने में नही खाली करना होगा 1 साल तक वहा रह सकते है। शहीद जवान के परिवार के लिए ये खुशी की बात है। बीटा के शहीद होने बाद इतनी जल्दी मकान खाली करने सम्भव नही हो पाता था। सरकार ने उनकी मांगों को देखते हुए यह अवधि बढ़ाकर 1 साल कर दी है।
शहीद जवानों के परिवारों के लिए खुशखबरी: शहीद जवान के परिवार को सरकारी निवास अब 3 महीने में नहीं बल्कि 1 में खाली करना होगा। अवधि बढ़ा दी गई है। pic.twitter.com/oRyRKTntMV
— sanatanpath (@sanatanpath) November 26, 2019
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। ये सेना के सभी तीनों अंगों के लिए पारित किया गया है। रक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार “बैटल कैजुअल्टीज़” परिवारों के लिए सरकारी की तरफ से दिए गए मकान की अवधि तीन महीने से बढ़ाकर एक साल तक कर दी गई है।
Raksha Mantri Shri Rajnath Singh has approved a proposal to extend the period of retention of government accommodation by Battle Casualties from all the three Services to one year from the existing three months.
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) November 26, 2019
रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि “सशस्त्र सेनाओं की आवश्यकता और मांग पर विचार करते हुए रक्षा मंत्रालय ने वर्तमान प्रावधानों की समीक्षा की और “बैटल कैजुअल्टीज़” परिवारों को सरकारी की ओर से दिए गए मकान में रहने की अवधि को बढ़ाने की गुजारिश की।” सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहीद हुए जवान के परिवारों के लिए इतने कम टाइम में आवास खाली करने सम्भव नही हो पाता था।
रक्षा मंत्रालय ने बताया सशस्त्र सेनाओं में शामिल कोई जवान दुश्मन सेना से लड़ते हुए या हवाई हमले में अपने प्राणों को न्यौछावर कर देता है, तो उसके परिजनों को सरकार द्वारा दिये गए मकान में रहने की अवधि तीन माह की होती है, जिसे बढ़ाकर अब एक साल कर दिया गया है। ये ऐलान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया है।
Raksha Mantri Shri Rajnath Singh has approved a proposal to extend the period of retention of government accommodation by Battle Casualties from all the three Services to one year from the existing three months.



