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Delhi: पिछले साल महामारी के कारण पूरे देश में राष्ट्रीय लोक डाउन घोषित था। ऐसे में कई जगह के लोगों ने पैदल अपने घर वापसी स्टार्ट कर दी थी। कई लोग बहुत दुखद परिस्थिति में अपने घर से एवं अपने घर के लिए चले थे। इनमें से कुछ लोग पैदल कुछ लोग, कुछ लोग ट्रक, बस एवं कुछ लोग साइकिल से भी अपने अपने घर लौटे रहे थे।
बिहार के दरभंगा की साइकिल गर्ल ज्योति पासवान के पिता मोहन पासवान की मृत्यु हो गई है। जानकारी के मुताबिक मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। ज्योति पासवान पिछले साल कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन में अपने पिता को साइकिल पर बिठा कर गुड़गांव से दरभंगा लाने पर चर्चा का विषय बन गई थी। हर कोई व्यक्ति उसकी तारीफ करते थक नही रहा थे।
ज्योति के परिवार ने पिता की मृत्यु की पुष्टि की है। बिहार की रहने वाली बेटी ज्योति ने जो किया लोग उसे एक एक अजूबा मान रहे थे। जिसे देश आज तक नहीं भूला है। आपको बता दें कि पिछले साल लगे लॉकडाउन में बिहार की बेटी ज्योति ने अपने पिता को गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा तक साइकिल में बैठा कर के रास्ता तय किया था, ये हर किसी के लिए संभव नही था लेकिन बेटी ने अपने पिता के लिए ये सब कर एक नई कहानी लिख दी थी।
इस महामारी में लोग अपने बुजुर्गों को ही घर से निकल कर बाहर कर रहे थे। कई जगह ये देखने को मिला लेकिन कई लोग ऐसे भी थे जो अपनो के लिए अपनी जान की परवाह किये बिना अपनो की देखभाल में लगे थे। ज्योति ने उन सभी लोगो के लिए प्रेरणास्रोत बनी जो अपनो का साथ छोड़ देते है। इस लड़की ने 1200 किलोमीटर तक की यात्रा तय की थी।
ज्योति की उम्र केवल 15 साल है और उन्होंने अपने घायल पिता को ग्राम से लेकर दरभंगा तक साइकिल में पीछे बिठाकर के साइकिल चलाई थी। लेकिन इस साल एक बार फिर किस्मत ने ज्योति के साथ गलत कर दिया है। इस 15 साल की बच्ची ने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया है। उसके पिता ने हमेशा के लिए अपनी बेटी का साथ छोड़ दिया है।
Handed over the condolence letter sent by Congress GS @priyankagandhi G to Jyoti Paswan (Cycle Girl) on demise of her father Mohan Paswan G. She had conversation with Jyoti over phone and assured all support to Jyoti and her family. Congress stand with her in their hard times. pic.twitter.com/zBrX5WnKlH
— Dr. Maskoor Usmani (@MaskoorUsmani) June 3, 2021
बिहार के दरभंगा की रहने वाली साइकिल गर्ल ज्योति पासवान के पिता मोहन पासवान का हार्ट अटैक से निधन हो गया। उन्होंने सोमवार को पैतृक गांव सिरहुल्ली में अंतिम सांस ली। रिपोर्ट के अनुसार, ज्योति पासवान के पिता मोहन पासवान के चाचा की मृत्यु 10 दिन पहले हो गयी थी। उन्हीं के श्राद्ध कर्म के भोज के लिए समाज के लोगों के साथ मोहन पासवान बैठक किए थे।
मीटिंग समाप्त होने के बाद मोहन पासवान खड़े होते ही जमीन पर गिर पड़े और उनकी मृत्यु हो गई। ग्रामीणों की मानें तो मोहन पासवान की मृत्यु हृदय गति रुकने से हुई है। पिता की मृत्यु के बाद से ज्योति के परिवार का रो-रोकर बहुत बुरा हाल हो गया है।
Bihar: Father of 'Cycle girl' Jyoti died of cardiac arrest yesterday in Darbhanga
Jyoti had cycled around 1200 km carrying her injured father from Gurugram to their native place in Darbhanga amid #COVID lockdown, last year in May
(Visuals from last year) pic.twitter.com/wYtDi9mRoQ
— ANI (@ANI) June 1, 2021
पिता की मृत्यु के बाद प्रियंका गांधी की बात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही संभावना जताई जा रही है कि ज्योति के भविष्य के लिए प्रियंका या उनकी पार्टी कोई बड़ा ऐलान कर सकती है। दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड के सिरहुल्ली गांव की 15 साल की ज्योति पिछले साल लॉकडाउन के दौरान अपने पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बैठाकर गुरुग्राम से 8 दिन का रास्ता तय कर के दरभंगा पहुंचकर सुर्खियों में आई थीं।
ज्योति के इस बहादुरी के कारण ही उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था। ज्योति देश के गरीबों के दर्द एवं कठिनाइयों में उनका साथ देते हुए उनकी लाडली बेटी बन गई। गरीबी की समस्या के वजह से ऐसी विषम परिस्थितियों से जूझना के बाद भी ज्योति ने हार नही मानी थी।



