यहाँ अस्पताल से जमाती कोरोना मरीज़ सफ़ीद मिया खिड़की से भागा, प्रशासन खोजने में जुटा

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Image Credits: Twitter

Bagpat, Uttar Pradesh: आज देश को अपनी जनता की सबसे ज्यादा जरुरत है, क्योंकि देश आज कोरोना के महा संकट से जूझ रहा है। उत्तरप्रदेश के बागपत जिले में हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में एडमिट एक कोरोना पॉजिटिव जमाती मरीज़ खिड़की तोड़कर भाग गया है। इसकी सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारियों और डाक्टरों में बेचैनी बढ़ गई है। पुलिस उस जमाती की तलाश में जुट गई है।

दिल्ली निजामुद्दीन के तब्लीग़ी जमात मरकज में देश-विदेश के जमातियों का जमघट लगा था। वहां नेपाल के रहने वाले 37 जमाती भी आए थे। पुलिस ने सभी को वहां से उठाकर बागपत के बालैनी में श्रीकृष्ण इंटर कालेज में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती दिया था। वहां पर एक नेपाली जमाती की तबीयत खराब हो गई थी।

नेपाली जमाती की तलाश में जुटी पुलिस

जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद 4 अप्रैल की रात में उसे खेकड़ा में सीएचसी पर बनाए गए कोविड-19 अस्पताल में भर्ती करा दिया था। वहां से वह सोमवार की रात खिड़की तोड़कर चादर का सहारा लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। डीएम के स्तर पर सुरक्षा में चूक कैसे हुई, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

उत्तर प्रदेश में भी कोरोना के बहुत संक्रमित हैं। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है। इस लॉकडाउन का सही उद्देश्य जानते हुए भी कई लोग इसका उल्लंघन करते हुए सड़कों पर नज़र आ रहे हैं। कोरोना से जंग में लगे डाक्टरों और मेडिकल स्टाफ से अभद्रता और लॉकडाउन के दौरान उत्तरप्रदेश के कई हिस्सों में पुलिसकर्मियों के साथ भी कई घटना सामने आने के बाद CM योगी ने उपद्रवियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है। सीएम योगी ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि गलत हरकत और अभद्रता करने वाले लोगों पर एनएसए के तहत कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेश

सीएम योगी का यह निर्णय पश्चिम उत्तरप्रदेश के कुछ जिलों में पुलिसकर्मियों से हुई घटना के बाद आया है। इससे पहले 1 अप्रैल को यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकलने के लिए मना करने पर कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ घटना को अंजाम दिया था ।

आपको जानकारी हो की अब खबर आई है की तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के लोगों ने पहले गाजियाबाद और अब फिरोजाबाद में भी मेडिकन स्टाफ के साथ बदसलूकी की। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज जलसे में शामिल होकर फिरोजाबाद लौटे तबलीगी जमात के लोगों को क्वॉरंटीन करने के लिए जब मेडिकल टीम पहुंची तो स्थानीय लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की और काम में दिक्कत पैदा की।

Maulana Saad Arrest News

तबलीगी जमात के मौलाना साद के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की क्राइम ब्रांच की टीम अब उसकी खोजबीन कर रही है। साद की तलाश में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है। इसके आवला दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 26 सवालों की लिस्ट तैयार करके नोटिस बनाकर मौलाना साद के घर पर भेजा है।

मरकज और उसके लोग सवालों के घेरे में हैं

जिसमें जानकारी मांगी गई है कि किस तरह इस मरकज में लोग आ रहे थे। जनवरी से लेकर अब तक कितने लोग आए हैं। किस तरह से और किस बुनियाद पर मरकज का आयोजन होता था। सवालों के नोटिस पर मौलाना साद ने अपने चमचों से सन्देश भिजवाया है और कहा है कि उसने खुद को सेल्फ क्वारंटीन किया है और जब मरकज खुलेगा तब वो सवालों के जवाब देगा।

मौलाना साद के मनमानी भरे रवैये ने उनके ऊपर अंधविश्वास करने वाले सैकड़ों लोगो और समर्थकों का जीवन खतरे में डाला और साथ में पूरे भारत को कोरोना के कहर तले दवा दिया। मरकज में भाग लेने वालों में कई को कोरोना के लक्षण थे और उन्हें दूसरे लोगों के बीच छोड़ दिया गया। देश के सभी कोरोना मामलों का 30 फीसदी तब्लीग़ी जमात से जुड़े हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा लगभग 50 प्रतिशत तक का है।

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