छा गए CM योगी: इस शहर में राम वन पर्यटक बनाकर कराएंगे त्रेतायुग की अनुभूति, लगाएंगे पहला पौधा

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Presentation File Photo

Ayodhya: इस जिले में देवांगना हवाई पट्टी के पास रामायण काल के पौधों से ‘राम वन’ तैयार किया जाना है। इसमें पहला पौधा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार जुलाई को रोपेंगे। अभी उनकी रूपरेखा तैयार नही हुई है उस विषय को लेकर। लेकिन संभावित कार्यक्रम की तैयारी वन विभाग ने स्टार्ट कर दी है। मुख्य वन संरक्षक बुंदेलखंड जोन झांसी पीपी सिंह ने मंगलवार को उस जगह का जयजा लेने गए।

जानकारी के मुताबिक चित्रकूट में भगवान राम ने साढ़े 11 वर्ष गुजारे थे। यहां के पेड़-पौधों से उन्हें बेहद प्रेम था। माता सीता के लिए यंहा के फूलों से आभूषण बनाया करते थे। उनसे जुड़े स्थलों को देखने के लिए देश-दुनिया से लाखों भक्तगण प्रतिवर्ष यहां का मनमोहन आनंद लेने आते हैं।

अब उनको त्रेतायुग की अनुभूति कराने के लिए प्रदेश की योगी सरकार रामायण काल का राम वन डिजाइन करने में लग गई है। यह देवांगना हवाई पट्टी के नजदीक 35 एकड़ भूमि में बनेगा। इसके अलावा कामदगिरि, लक्ष्मण पहाड़ी और रामशैया के पास भी पौधे लगाये जाएंगे।

देवांगना हवाई पट्टी के पास तैयार होने वाले राम वन में चंदन, अशोक, बरगद, आम, पलाश, चमेली, धामन, कुंद, रीठा समेत 88 प्रजाति के पौधे लगाकर वँहा की शोभा में चार चांद लगाएंगे। मुख्यमंत्री योगी के संभावित कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को मुख्य वन संरक्षक बुंदेलखंड जोन झांसी पीपी सिंह ने देवांगना घाटी में राम वन के लिए चिह्नित भूमि का भर्मण किया।

कहा जा रहा है चार जुलाई को प्रदेश में पौधारोपण का महा अभियान चलाने की तैयारी है। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री चित्रकूट के रामवन से करेंगे। रामचरित मानस की एक चौपाई जिसे सच करने के लिए योगी जी ने विचार बना लिया है।

यह चोपाई उस प्रकार है ‘एक बार चुनि कुसुम सुहाए। निज कर भूषन राम बनाए।। सीतहि पहिराए प्रभु सादर। बैठे फटिक सिला पर सुंदर।’ चित्रकूट में रामायण कालीन ‘राम वन’ को डिजाइन करेंगी। रामायणकालीन 88 प्रजाति के पौधे जैसे चंदन, अशोक, बरगद, आम, पलाश, चमेली, धामन, कुंद, रीठा समेत अनेकों चुनिदा पौधे से तैयार किए जाएंगे।

35 एकड़ में रामवन को तैयार करने के लिए योगी सरकार सफल सावित हो रही है। तपोभूमि चित्रकूट के जंगलों में भगवान राम ने साढ़े 11 वर्ष व्यतीत किये थे। देश दुनिया से लाखों भक्तगण प्रतिवर्ष भगवान राम से जुड़े स्थानों को देखने आते हैं। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए सरकार अब रामायणकालीन ‘रामवन’ तैयार करने में जुट गई। ताकि राम के भक्तों को त्रेतायुग की अनुभूति हो सके।

यह वन देवांगना हवाई पट्टी के नजदीक तैयार किया जाएगा। जिसके लिए वन विभाग ने 35 एकड़ भूमि चिन्हित की है। इसके अलावा कामदगिरि, लक्ष्मण पहाड़ी और रामशैय्या के बाद भी रामायणकालीन पौधे लगाये जायेंगे। अयोध्या की तर्ज पर प्रयाराज में आध्यात्मिक पर्यटन के लिए देश, विदेश से आने वाले सनातनधर्मियों को आकर्षित करने के लिए राम वन गमन मार्ग के तीर्थों को चिह्नित किया जा रहा है।

जिस रास्ते भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण और मां सीता के साथ 14 वर्ष के वनवास की यात्रा पर निकले थे, उसके किनारे के शहरों, कस्बों के तीर्थ स्थलों को मनमोहक स्वरूप दिया जाएगा। अयोध्या की सीमा से शृंगवेरपुर से होते हुए प्रयागराज के बीच दो दर्जन से अधिक तीर्थ स्थल पर्यटन के अनुसार डेवेलोप किए जाएंगे।

संत तुलसी दास के रामचरित मानस के अलावा अन्य धर्मग्रंथों में वन गमन के दौरान भगवान राम के पड़ावों को चिह्नित किया जा रहा है। वन गमन के दौरान प्रभु श्रीराम शृंगवेरपुर में शृंगी ऋषि के आश्रम अपना समय व्यतीत किया था।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सत्ता में आने के बाद भगवान श्रीराम की जन्मस्थाली के अलावा जिस-जिस स्थल से राम का रिश्ता रहा, वहां-वहां विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। चित्रकूट के जंगलों में भगवान राम ने साढ़े 11 वर्ष गुजारे थे। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए सरकार अब रामायणकालीन रामवन तैयार करके राम भक्त को त्रेतायुग की अनुभूति कराएगी।

इसके अलावा प्रदेश सरकार ने जिले में एक पहाड़ी पर हवाई अड्डे का निर्माण कार्य करवा रही है। चित्रकूट में 57 लाख 53 हजार 700 पौध लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वन विभाग की ओर से 29 लाख 97 हजार 700 व अन्य विभागों 27 लाख 56 हजार पौधों का रोपण करेगा। जिसमें लगभग दस लाख पौधे रामायण कालीन होंगे।

चित्रवन विभाग की ओर से जो रामवन तैयार किया जाएगा उसमें भगवान राम व सीता से जुड़ी यादों को भी नया रूप दिया जाएगा। स्फटिकशिला में भगवान राम द्वारा सीता के श्रंगार चित्रों को लगाया जाएगा। जिससे देश विदेश से आये राम भक्तों को त्रेतायुग की अनुभूति हो सके।

भगवान राम की नगरी अयोध्या और उनके वनवास के केंद्र चित्रकूट के बीच राम वन गमन पथ पर गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ेंगी। अवध को चित्रकूट से जोड़ने के लिए राम वन गमन पथ बनेगा। प्रतापगढ़, चित्रकूट के बीच राम वन गमन पथ हाईवे के लिए वही रास्ता चुना गया है, जिस रास्ते भगवान राम के वन जाने की बात होती है। यह पथ अवध की सीमा रहे श्रृंगवेरपुर इलाहाबाद से गुजरेगा।

राम वन जाते समय श्रृंगवेरपुर में श्रृंगेरी ऋषि के यहां कुछ समय व्यतीत किया था। प्रतापगढ़ और चित्रकूट के बीच प्रस्तावित रास्ते में शामिल छोटी सड़कों को हाईवे का रूप मिलेगा। तकरीबन 150 किमी लंबा हाईवे पहले चरण में टू या थ्री लेन का होगा। भविष्य में इसे फोर लेन बनाने की प्लानिग है।

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