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Delhi: विश्व का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका माना जाता है, लेकिन बिहार ने विश्व के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है, यह अनोखी मिसाल राज्य के सात शहरों ने मिलकर कर दिखाई, जिसके बाद बिहार का पूरी दुनिया में परचम लहरा गया है।
जानकारी के मुताबिक पूर्णिया कटिहार भागलपुर मधेपुरा सहरसा खगड़िया समस्तीपुर ने अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश को इस रेस में पीछे कर दिया है। अमेरिका में विश्व का सबसे अधिक मक्का उत्पादन होता है, मगर बिहार के 7 जिलों ने मिलकर अपना नाम का इस रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया है और अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है।
पूर्णिया Purnia में किसानों द्वारा मक्के की अधिकतर पैदावार से हजारों मजदूरों को भी रोजगार मिलता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मक्का का रेट उसकी क्वालिटी और मास्चराईजेशन पर निर्भर करता है। यहां 14 प्रतिशत से नीचे मास्चराइजेशन वाले मक्के की कीमत 1500 से 1550 रुपये प्रति क्विंटल है। जबकि इससे अधिक मास्चराइजेशन वाले मक्के की कीमत लगभग 1450 रुपये प्रति क्विंटल होती है।
पीला सोना के नाम से भी प्रसिद्ध मक्का की खेती पूर्णिया और सीमांचल में बड़े पैमाने पर होती है। यहां किसान प्रति एकड़ 50 क्विंटल तक मक्का का उत्पादन कर लेते हैं। इस मामले में पूर्णिया ने विश्व के सबसे अधिक उत्पादकता वाले क्षेत्र अमेरिका के मिडवेस्ट हार्टलैंड को पीछे छोड़ अपना नाम रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया है।
अमेरिका में मक्का की उत्पादन क्षमता 48 क्विंटल प्रति एकड़ तक है। मक्का व्यवसायी और पूर्णिया के गुलाबबाग मंडी अनाज संघ से मिली जानकारी के अनुसार गुलाबबाग मक्का के मामले में एशिया की सबसे बड़ी मंडी बन गई है। यहां से कई देशों में मक्का को भेजा जाता है। यहां से मक्का विशाखापतनम समेत कई पोर्ट पर जाता है जहां से जहाज के माध्यम से कई देशों में मक्का का निर्यात किया जाता है।
गुलाबबाग मंडी में सैकड़ों व्यपारी मक्के की खरीद में कगे हुए हैं। हजारों मजदूरों को भी इससे रोजगार के अबसर मिल जाते है। मक्का का भाव उसकी क्वालिटी औ मास्चराईजेशन पर होता है। जिला कृषि पदाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार पूर्णिया जिले में 65 हजार हेक्टेयर में मक्के की खेती होती है। रबी सीजन में यहां करीब साढ़े छह लाख मीट्रिक टन मक्के का उत्पादन हुआ है।
#गुलाबबाग पुर्णिया बिहार मंडी एशिया की सबसे बड़ा मक्का मंडी है। यहां ।मक्के की खेती में #पूर्णिया ने अमेरिका को पछाड़ा, बंपर पैदावार से लाखों लोगों को मिल रहा रोजगार @PurneaTimes pic.twitter.com/VNqqRi6voU
— Ragib Ali 🇮🇳 (@RagibAli843153) June 1, 2021
उन्होंने कहा कि पूर्णिया जिले में लगभग दो लाख किसान मक्का की खेती करते है। जबकि 50 हजार से अधिक लोग इस रोजगार से जुड़े हैं। यहां से अधिकतर देशों में भी मक्के की पूर्ति की जाती है। यहां के मक्के की क्वालिटी विश्व की सबसे अच्छी क्वालिटी में से एक मानी जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मक्का का समर्थन मूल्य 1850 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। बिहार में इस बात को लेकर लोग काफी उत्साहित है कि उन्होंने विश्व के सबसे अधिक शक्तिशाली देश को पीछे पछाड़ते हुए अपने देश का परचम लहरा दिया है। अधिकतर लोग रोजगार की तलाश में डर डर भड़कते रहते थे लेकिन इसकी पैदावार से लोगो को रोजगार के अबसर अपने ही देश मे मिल गए।




