
Photo And Info Credits: Twitter(@SharadTalks)
Patna: बिहार के नौजवान पूरे भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। बिहार से निकलकर मज़दूरी से लेकर बड़े बड़े इंजीनियर और अन्न प्रोफेशन के कामगार पूरी दुनिया में मिल जायेंगे। बिहार से सबसे ज्यादा IAS-IPS Officers और नेता (Leader) भी निकलते रहे है। ऐसे ही एक अन्न बिहार के लाल ने नया मुकाम हासिल किया है।
अब बिहार में छात्र नेता (Student Leader) भी बहुत है। इसके बाद बिहार के शरद सागर ‘हार्वर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ एजुकेशन के’ छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए हैं। 50 देशों के 1200 से ज्यादा छात्रों ने शरद सागर के पक्ष में वोट किया है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी छात्र संघ (Harvard Graduate School of Education Student Organization) के चुनाव में बिहार के लाल (Bihar Ke Lal) शरद ने 9 प्रत्याशी को हराकर चुनाव जीता है, अब शरद अमेरिका में 50 देशों के छात्रों का नेतृत्व करेंगे।
इस सफलता के बाद शरद सागर (Sharad Sagar) अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर ख़ुशी जाहिर करते हुए लिखते हैं, ’50 से अधिक देशों के 1200 से ज्यादा छात्र छात्राओं में 9 असाधारण उम्मीदवार, 1 चुनाव, आज हार्वर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ एजुकेशन छात्रसंघ अध्यक्ष चुने जाने पर मुझे बहुत खुशी है।’ आपको बता दें कि अमेरिका की हावर्ड में छात्र संघ के लिए 14 सितंबर से चुनाव शुरू हुए थे, जो कि 19 सितंबर को समाप्त हुए।
शरद सागर (Sharad Vivek Sagar) मई 2022 तक छात्र संघ के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। शरद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) में सबसे ज्यादा स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाले छात्र रहे हैं। वे केसी महिंद्रा के भी स्कोलर रह चुके हैं। शरद सागर अमिताभ बच्चन के टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में गेस्ट एक्सपर्ट बन चुके हैं।
1200+ students. 50+ countries. 9 exceptional candidates. 1 election.
Tonight, I’m humbled beyond measure on being elected the next Executive Chair of the Student Council at the Harvard Graduate School of Education. pic.twitter.com/5rQzOGRN2B
— Sharad Vivek Sagar (@SharadTalks) September 22, 2021
आपको जानकारी दें की वर्ष 2016 में अमेरिका के तब के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इकलौते भारतीय के रूप में शरद को व्हाइट हाउस में एक विशेष सभा के लिए इन्वाइट किया था। शरद अमेरिका में बहुत से सेमिनार में भारत की अगुवाई कर विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुके हैं।
बता दें की बिहार के एक कॉमन परिवार से आने वाले शरद बहुमुखी प्रतिभा और ज्ञान का भरदार रखते हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव में होने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने शहर का रुख लिया। केवल 16 साल की उम्र में ही शरद ने राष्ट्रीय संगठन डेक्सटेरिटी ग्लोबल की स्थापना की। वैश्विक पटल पर प्रसिद्धि प्राप्त शरद 24 साल के थे, तब फॉर्ब्स की 30 साल तक की आयु के 30 सबसे प्रभावशाली उद्यमियों के लिस्ट में शामिल हो गए थे।
Retweeted Sharad Sagar (@SharadTalks):
Standing in as your Chief Guest was an absolute honour, Baroda. Gujarat has become my second home. From Gandhi to Jayaprakash, Bihar and Gujarat have made history together. Let’s keep winning! pic.twitter.com/ycSgLDnxAH
— Swami Nikhileswarananda (@swaminikhil) April 28, 2018
शरद आज बिहार के वो लाल बन चुके है, जिस पर पूरे देश को नाज़ है। अमेरिका रहने के दौरान भी शरद ने भारतीय संस्कृति को अपनाना नहीं छोड़ा है। वे अपनी बिहारी सादगी में ही जीते है और अधिक भारतीय लोगों तक उनकी बात पहुंचे इसके लिए शरद सोशल साइट फेसबुक पर अपने पोस्ट को हिंदी में ही लिखते हैं। शरद सागर आज बिहार ही नहीं बल्कि देश के सभी युवाओ के प्रेरणास्त्रोत (Inspiration) है।



