
Patna: अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना बहुती ही बड़ी बात होती है। बेटियॉं हर क्षेत्र में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है। यह बात किसी से छिपी नहीं है। अगर किसी खेल में एक भारतीय बेटी भी देश का प्रतिनिधित्व करे तो हमारे लिये बहुत ही गर्व की बात होती है।
लेकिन बिहार की तीन बेटियों ने ऐसी खुशी दे कर हमारी खुशी तीन को गुना कर दिया है। जी हाँ खबर है बिहार राज्य में रग्बी की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता (International Rugby Sports Competition) में बिहार की 3 बेटियों जिनमें आरती समेंत अन्य 3 ने सिल्वर मेडल जीता है।
जिसके साथ ही उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) में होने वाली इस प्रतियोगिता में देश की बेटियो ने भारत का नाम रौशन कर दिया है। उज्बेकिस्तान में अंडर 20 एशियन चैंपियनशिप नाम की प्रतियोगिता आयोजित हुइ्र है। जिसमें रग्बी में भारत की 3 बेटी ने सिल्वर मेडल दिलाकर हम भारतीयो का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।
उज्बेकिस्तान मे होने वाली रग्बी चैंपियनशिप में बिहार की 3 बेटियो ने जीता सिल्वर मेडल
विस्तार से बात करे तो उज्बेकिस्तान में अभी इस माह ही 3 से 6 नवंबर को अंडर 20 महिला चैपियनशिप आयोजित हो रही थी। जिसमें नवादा की बेटी आरती, मुजफ्फरपुर की बेटी सपना तथा नालंदा की बेटी धर्मशिला ने शानदार प्रदर्शन किया।
महिला टीम से अच्छा प्रदर्शन करते हुये भारत को सिल्वर मेडल (Silver Medal) दिलवा दिया। इसके साथ ही पूरे विश्व भर में भारत के बिहार (Bihar) राज्य का नाम रोशन हो गया है। आरती की अगर बात करे, तो आरती एक किसान परिवार से ताल्लुक रखती है।
बिहार की बेटी की संघर्ष की कहानी जाने
आरती की बात करे तो वह पहली बार नहीं इसके पहले भी कई पदक भारत के नाम कर चुकी है। वह किसान परिवार से है, खेतो खलिहान में काम करना यह सब उन्हे आता है। यह सब करने के साथ साथ आरती रग्बी का भी प्रयास बचपन से ही किया करती थी।
उन्होंने 18 तथा 19 साल की उम्र मे भी रग्बी में देश के लिये कई पदक जीते है। 2021 मे जो ताशकंद में अंडर 18 एशियन रग्बी चैंपियनशिप हुई थी। उसमें भी आरती ने सिल्वर मेडल जीता था। उसी लम्हे को फिर से उनहोंने दोहराया है। भारतीय रग्बी टीम का हिस्सा बनकार आरती ने विश्व स्तर पर सफलता हासिल की है। बिहार की तीनो बेटियो ने जो सफलता दिलाई उससे बिहार राज्य के साथ साथ पूरा भारत गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
बचपन से ही हर क्षेत्र में होनहार थी आरती
आरती बचपन से ही खेलकूद में बहुत होनहार थी। आरती वारिसलीगंज पटेल नगर में निवास करने वाले संजय कुमार तथा मंजू देवी की सुपुत्री है। वह सिर्फ खेल में ही नहीं पढ़ाई मे भी काफी होशियार थी। खेतो में काम करना पढ़ना तथा खाली समय में गेम की प्रेक्टिस करना यह सब आरती बड़ी ही आसानी से कर लिया करती थी।
उनका 19 साल की ही उम्र में भारतीय रग्बी महिला टीम मे सेलेक्शन हो गया था। आरती ने दसवी तक की पढ़ाई की है। उनहोंने कोनपुर हाईस्कूल से अपनी स्कूलिंग पूरी की है। आरती के परिवार वाले आरती के विषय में बताने हुये कहते है कि उनकी बेटी हर चीज में बहुत आगे थी। वह पढ़ाई खेल घर के काम गाज सभी में होनहार थी।
वह राज्य स्तर पर कई प्रतियोगिता में भाग लेकर सफलता प्रापत कर चुकी है। उनके परिवार वालो का कहना है बचपन से ही आरती रग्बी गेम के प्रति सजग थी जिसे देखकर उन्होंने उसका पूरा सहयोग किया ओर उसका ही परिणाम है कि आरती विश्व स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करती है।



