Delhi: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश की राजधानी और अन्न राज्यों में हो रहे उग्र प्रदर्शनों और उत्पात पर गृह मंत्रालय के साथ साझा की गई एक खुफिया रिपोर्ट में कुछ राजनीतिक दलों के साथ ही प्रतिबंधित आतंकी गतिविधि में लिप्त संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और इस्लामिक स्टूडेंट मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर शक ज़ाहिर किया गया है।
मीडिया सूत्रों की जानकारी के मुताबिक़ पिछले दिनों गृह मंत्रालय के साथ साझा की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि यह उन लोगों का कार्य है, जो सरकार के कदम के खिलाफ रहे हैं। मीडिया में आई जानकारी के मुताबक, गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है की कुछ राजनीतिक दलों ने कुछ स्थानों पर उग्र प्रदर्शन करवाया है, जिससे चरमपंथी और उग्रवादी संगठनों सिमी (SIMI) और पीएफआई (PFI) के स्लीपर सेल को अपने दावे हुए मंसूबे पूरे करने का मौका मिल गया।
इन लोगो का मकसद देश में कानून और व्यवस्था को बड़ा नुक्सान पहुंचाना है। यहाँ पर जिस रिपोर्टकी बात की जा रही है, उसके अनुसार यह संभावना भी जाते गई है कि यह हिंसा दूसरे राज्यों तक फैल सकती है। इनके लिए जरुरी कदम लेने की बात भी कही गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक अन्न राज्यों को फेक न्यूज़ और अफवाह पर रोक लगाने के साथ ही साथ उपद्रव को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही झूठी न्यूज़ पर एक्शन लेने को कहा गया है। आपको बता दें की उपद्रव के लिए भीड़ जुटाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।
Security and intelligence agencies in #India have identified and traced more than 5,000 #Pakistan-based #socialmedia handles actively spreading fake and false propaganda on #CAA2019. Some of them are using "deep fake videos" of protests to incite communal violence in the country. pic.twitter.com/PiNLMwfXoE
— IANS (@ians_india) December 16, 2019
Accourding to news agency IANS, Security and intelligence agencies in India have identified and traced more than 5,000 Pakistan-based social media handles actively spreading fake and false propaganda on CAA 2019. Some of them are using “deep fake videos” of protests to incite communal violence in the country.
खुफिया रिपोर्ट में सिमी और पीएफआई को देश के लिए खतरा बताते हुए इनकी देश विरोधी गतिविधियों पर लगाम लगाने की बात कही है, वरना यह बड़ी घटनाओ को अंजाम दे सकते है और अभी की स्थिति का फायदा उठाकर ताकतवर बन सकते है।
Home Minister Amit Shah: Some parties spreading rumours & inciting violence for their political interest#CitizenshipAmendmentAct #CABProtests pic.twitter.com/I5GshLn4QD
— DD News (@DDNewslive) December 16, 2019
आपको बता दें की देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को जामिया विश्वविद्यालय के पास नागरिकता संशोधन कानून CAB 2019 के खिलाफ प्रदर्शन के हिंसक हो जाने पर स्थिति से निपटने के दिल्ली पुलिस के एक्शन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के मकसद से दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर बहुत सारे लोग पहुंच गये थे। ITO क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ विरोध में नारेबाजी की थी।
इसके अलावा आसाम और पश्चिम बंगाल में भी बहुत उग्र प्रदर्शन और उत्पात हुआ है, बंगाल में 2 रेलवे स्टेशन में आगज़नी की गई और बसों को जला दिया गया। ऐसे उपद्रव को देखकर यह पता चलता है की CAB Bill के बाद अब NRC की भी जरुरत है देश को। अगर अभी यह हाल है तो आगे भविष्य में क्या हाल होगा? इस सबसे पीछे भारतीय नागरिक या स्टूडेंट्स नहीं बल्कि देश विरोधी ताकतें है।



