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Delhi: हर कोई अपने बटुए या जेब में नोट को बहुत संभलकर रखता हैम कहीं नोट फट गया, तो नुक्सान हो जायेगा। कई बार ऐसा होता है कि आपको फटा या टेप चिपका हुआ नोट मिल जाता है और फिर ये नोट आप कहीं चला ही नहीं पाते हैं। कई दुकानदार भी ऐसे फटे या टेप लगे नोट लेने से मना कर देते हैं। लेकिन ऐसे टेप चिपके हुये नोट को बदलने के लिए आरबीआई ने नियम बनाए हैं।
कोई भी अपने खराब या कटे-फटे नोट को बदल सकता है। कटा आप जानते हैं कि बैंक नियमों के मुताबिक, इन नोट को आप बैंक से बदल सकते हैं और आप पूरा पैसे वापस ले सकते हैं। आप किसी भी टेप चिपके नोट को बदल सकते है। इसके लिए आपको नियम और इनकी प्रक्रिया का पता होना जरुरी है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के मुताबिक कोई बैंक कटे-फटे करेंसी नोट (Mutilated Currency Notes) बदलने से मना नहीं कर सकता है। इसके अलावा इन पर बट्टा भी नहीं काटा जा सकता।
अगर कोई बैंक ऐसा करने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। अगर आपके पास कटे-फटे करेंसी नोट हैं, तो आप खुदका नुक्सान ना होने दें, बल्कि इसे बदल ले। आपको उसके बदले में पूरा मूल्य मिलेगा। हम आपको बताते हैं रिजर्व बैंक के नियम इस बारे में।
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने कटे-फटे करेंसी नोट (Mutilated notes) बदलने के दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं। मार्किट में घूम रहे कटे-फटे करेंसी नोट देश के किसी भी बैंक में बदलवाए जा सकते हैं।
इसके लिए आपका होम ब्रांच जाना ही जरूरी नहीं है। बेशक ऐसे करेंसी नोट बदलने से मना करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन इसकी कुछ शर्तें भी हैं। बता दें कि नोट जितनी बुरी हालत में होगा, उसकी कीमत उतनी ही कम होती जाएगी।
ध्यान रहे की यदि आपके पास 5, 10, 20, 50 जैसे कम मूल्य के कटे-फटे करेंसी नोट हैं, तो इनका कम से कम 50 फीसदी हिस्सा होना जरूरी है। ऐसा होने पर आपको उस करेंसी नोट का पूरा मूल्य मिलेगा। अगर नोट का 50 फीसदी से कम हिस्सा बचा है, तो आपको कुछ भी नहीं मिलेगा। इसका मतलब यह है की अगर आपके पास 5 रुपये का कटा-फटा नोट है और उसका 50 फीसदी हिस्सा सुरक्षित है, तो आपको बदले में पूरे 5 रुपये मिलेंगे।
A much soiled and abused, partly torn yet ambitious twenty rupee note = the story of #India in 2020,21,22…?
So many narratives in a crumpled piece of paper! pic.twitter.com/ESvJCSSqLK
— Sanjay Gupta 🦥🐝🌲 (@wordant) November 5, 2021
आपको जानकारी होनी चाहिए की आरबीआई (RBI) के नियम के मुताबिक़ एटीएम से निकले खराब और नकली नोट की जिम्मेदारी सिर्फ बैंक की ही होती है। बैंक ATM में पैसे डालने वाली एजेंसी की भी ये जिम्मेदारी नहीं होती है। नोट में अगर कोई खराबी है, तो इसकी जांच बैंक कर्मचारी की तरफ से ही किया जाना बनता है।
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के मुताबिक, यदि आपके पास 20 से अधिक कटे-फटे हुए नोट हैं और उनका उनकी टोटल कीमत 5,000 रुपये से ज्यादा है, तो बदलवाने पर ट्रांजैक्शन फीस भी देनी होगी। नोट बदलवाने के लिए जाने से पहले देख लीजिये कि उसमें गांधीजी का वाटरमार्क, गवर्नर के साइन और सीरियल नंबर जैसे सिक्योरिटी सिंबल्स दिखाई देने चाहिए।
अगर आपके पास मौजूद कटे-फटे नेाट में ये सभी छिन्न हैं, तो बैंक को करेंसी नोट बदलना ही पड़ेगा। कोई भी बैंक माना नहीं कर सकता। नियम के मुताबिक़ आरबीआई ने बहुत ज्यादा टुकड़ों में बंट गए करेंसी नोट को बदलवाने के भी नियम बनाए हैं।
हालांकि, इसके बदले नए नोट मिलने की प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है। इसके लिए सही प्रक्रिया यह है की आपको आरबीआई की ब्रांच में पोस्ट से ये नोट भेजने होंगे। इसमें आपको अपने अकाउंट नंबर, ब्रांच का नाम, आईएफएससी कोड, नोट की कीमत की जानकारी भी देनी होगी।
If the bank refuses to exchange mutilated notes, then action can be taken, U should know the RBI Rules. pic.twitter.com/ZeZHi8v00f
— sanatanpath (@sanatanpath) November 14, 2021
रिजर्व बैंक आपसे द्वारा दिए गए कटे-फटे करेंसी नोटों (Torn Currency Notes) को प्रचलन से हटा देता है। इसकी जगह नए नोटों को छापने की जिम्मेदारी भी आरबीआई की ही होती है। पहले इन नोटों को जला दिया जाता था। परन्तु अब इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर री-साइकल किया जाता है। इन नोटों से फिर पेपर प्रोडक्ट्स बनाये जाते हैं। फिर इन प्रोडक्ट्स को मार्किट में बेच दिया जाता है। मतलब ख़राब हो चुके नोट के कागज़ का फिर इस्तेमाल हो जाता है।
आप अपने आसपास किसी भी बैंक की ब्रांच में जाकर इन नोटों को बदल सकते हैं। लेकिन यह सुविधा हर बैंक में उपलब्ध नहीं होती है। बैंक के कर्मचारी आपका नोट बदलने (Exchange Torn Notes) से इनकार नहीं कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सभी बैंकों को स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया है कि वो कटे फटे नोट बदलें। यह भी निर्देश हैं की उन्हें अपनी शाखाओं कें इस सुविधा के बारे में बोर्ड भी लगाना है।



