अफगानिस्तान में बॉलीवुड फिल्म खुदा गवाह की शूटिंग का यह ज़बरदस्त किस्सा हमेशा याद रहेगा

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Khuda Gawah
Amitabh Bachchan and Sridevi were provided with half of Afghanistan's Air Force for security while shooting for 'Khuda Gawah' Movie by Najibullah Ahmadzai.

Delhi: अफगानिस्तान में हुई थी ‘खुदा गवाह’ (Bollywood Movie Khuda Gawah) की शूटिंग। दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी और अन्य कलाकारों के साथ अमतिभ बच्चन ने खुदा गवाह की शूटिंग के लिए कई दिन अफगानिस्तान में बिताए। वहां, उन्हें लोगों का खूब प्यार मिला।

इतना ही नहीं तत्कालीन राष्ट्रपति नजीबुल्लाह अहमदजई (Mohammad Najibullah Ahmadzai) ने पूरे क्रू मेंबर को शादी दावत भी दी थी। अफगानिस्तान (Afghanistan) में इस समय हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, ऐसे में अमिताभ बच्चन ने अपने अपने ट्रिप को याद कर कई दिलचस्प बातें बताईं।

अफगानिस्तान की ट्रिप भूल नही सकते

27 अगस्त, 2013 को लिखे इस पोस्ट में बच्चन बताते हैं कि ‘खुदा गवाह’ (Khuda Gawah) को मनोज देसाई नाम के प्रोड्यूसर फाइनेंस कर रहे थे। इस फिल्म में पहले उनका गेस्ट रोल होना था, जिसकी शूटिंग में 6 दिन लगने थे। मगर प्रोड्यूसर के कहने पर बढ़ते-बढ़ते वो फुल-फ्लेज्ड रोल हो गया। अमिताभ बताते हैं कि उन्हें ये फिल्म इसलिए याद रहती है, क्योंकि इसकी शूटिंग के दौरान उन्हें अफगानिस्तान की ट्रिप करने का मौका मिला था। वो भी उस समय, जब वहां के हालात बड़े मुश्किल थे।

यादगार पल

हम दूर से पुरानी आकृतियां देख रहे थे। उन इलाकों में मेहमानों के पांव को जमीन पर नहीं रखने दिए जाने की परंपरा है। इसलिए हमें गोद में उठाकर उन किलों में ले जाया गया। उसके बाद में एक मैदान में पहुंचे, जहां बुजकाशी टूर्नामेंट चल रहा था। वहां ढेरों रंगीन तंबू लगे हुए थे। उन लोगों ने आग्रह किया कि हम चारों लोग वहीं पर रात गुज़ारें। इसके लिए उन किलों को खाली करवाया गया। हम वहां रात भर रुके और खूब खाया-पिया। हमें ऐसा लग रहा था, जैसे हम किसी फेयरी टेल का हिस्सा हों।

इंडिया लौटने पर तोहफों से लाद दिया

काबुल (Kabul) से वापस इंडिया लौटने से ठीक पहले वाली रात नजीब ने हमें राष्ट्रपति आवास में बुलाया। हमें तोहफों से लाद दिया गया। हमें ऑर्डर ऑफ अफगानिस्तान से नवाज़ा गया। उस रात नजीब के चाचा ने हमें एक भारतीय शास्त्रीय राग सुनाया। मुझे नहीं पता अब वो लोग कहां हैं। मैं हमेशा सोचता हूं कि अब वो लोग कहां होंगे।

अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) कहते है, वहां सुरक्षा की समस्या थी। वहां टैंक और जवान सड़कों पर थे। यह मेरे जीवन का सबसे अच्छा पल था। हमें खाने पर बुलाया गया था। तब मैं डैनी डेंजोंगपा, बिलू, मुकुल हम हेलीकॉप्टर में बैठकर गए थे। यह बहुत ही अच्छा था।

वहां पर एक रिवाज है कि मेहमानों के कदम जमीन पर नहीं पड़ने चाहिए। इसलिए हमें उठा लिया गया था। इसके बाद हमें बुजकसी टूर्नामेंट में लेकर गया जाया गया। वहां पर कई अच्छी चीजें बनाई गई थी। हमने वही रात बिताई। हमें बहुत सारे उपहार दिए गए थे। मुझे पता नहीं, जिन्होंने मेरा स्वागत किया अब वह कहां पर है, किन परिस्थिति में है।

मोहम्मद नजीबुल्लाह की बेटी भी अमिताभ की फैन

दिलचस्प बात ये थी कि अफगानिस्तान में फिल्म की शूटिंग के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नजीबुल्लाह ने खुद ही सारे इंजताम किए थे। दरअसल, मोहम्मद नजीबुल्लाह अमिताभ के बहुत बड़े फैन थे और अपने पसंदीदा स्टार का अपनी सरजमीं पर स्वागत करना उनके लिए बड़ी बात थी।

मोहम्मद नजीबुल्लाह की बेटी (Najibullah Ahmadzai Daughter) भी अमिताभ की फैन थीं। राष्ट्रपति मोहम्मद नजीबुल्लाह ने खुदा गवाह की शूटिंग के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम करवाए थे। उन्होंने इस बात को सुनिश्चित किया क‍ि अमिताभ बच्चन-श्रीदेवी या फ‍िल्म के किसी भी सदस्य को कोई नुकसान ना हो।

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