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Kabul, Afghanistan: अफगानिस्तान के काबुल में पिछले महीने हुए गुरुद्वारा अटैक पर आज एक चौका देने वाली खबर आई है। 25 मार्च को काबुल के गुरुद्वारे में अफगान सिखों पर किए गए अब तक के सबसे बड़े हम’ले में 27 लोगों के प्राण लील लिए थे। काबुल के गुरुद्वारे में आ’तंकी हम’ला करने में शामिल ईसिस के खुरासान चीफ को 4 मिलिटेंट्स के साथ पकड़ा गया है।
अफगान इंटेल एजेंसी नैशनल डायरेक्टोरेट ऑफ सिक्यॉरिटी की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई है। अफगान अधिकारियों ने ईसिस के खुरासान चीफ समेत 5 मिलिटेंट्स को गिरफ्तार जब जानकारी जुटाई तो पता चला की इनका कनेक्शन पाकिस्तान से है। मतलब हर दहशतगर्दी में पाक्सितान का हाँथ होना जगज़ाहिर है। पूरी दुनिया की पता है की इस प्रकार की घटना में कहीं न कहीं पाकिस्तान का हाँथ होता ही है।
काबुल के सिख घार्मिक स्थल पर हुई यह वरदाद
अफगानिस्तान के काबुल में सिखों के गुरूद्वारे पर इस घटना को अंजाम देने के लिए आईएस जिम्मेदारी ली थी। गुरुद्वारे पर यह हरकत सुबह लगभग 7:45 AM पर की गई थी। इस घटना के वक़्त काबुल गुरुद्वारे के अंदर 150 से भी ज्यादा लोग थे। इस कायराना हरकत में 27 सिख नागरिक अपने प्राण गवा दिए थे।
अफगानिस्तान की ओर से आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस प्रकार का दावा किया गया है कि असलम फारूक का पाकिस्तान के आतं’की संगठनों जैसे लश्कर और हक्कानी से सम्बन्ध था। फारूक के साथ ही पाकिस्तानी मूल के 4 ईसिस मिलिटेंट्स को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान खैबर पख्तूनख्वा के मसूदुल्लाह और खान मोहम्मद, कराची के सलमान और इस्लामाबाद के अली मोहम्मद के रूप में हुई है।
भारत ने कायराना हरकत की कड़ी निंदा की थी
भारत के विदेश मंत्रालय ने कायराना हरकत की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि कोरोना वायरस की महामारी के प्रकोप के बीच अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक उपासना स्थल पर ऐसा कायराना हमला, इन हमलावरों और उनका समर्थन करने वालों की शैतानी मानसिकता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर गहरा दुख जताते हुए सभी परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की थी।
Four Pakistani nationals & ISIS members – Masoudullah from Khyber Pakhtunkhwa, Khan Mohammad from Khyber Pakhtunkhwa, Salman from Karachi, & Ali Mohammad from Islamabad have also been arrested: Sources https://t.co/IVp2bMK7ko pic.twitter.com/9259IUvN86
— ANI (@ANI) April 4, 2020
अफगानिस्तान में इस घटना पर ऐसा पहली बार हो रहा है की भारत के बाहर किसी देश में ऐसी कायराना हरकत में भारत की जाँच एजेंसी NIA जाँच करने जाने वाली है। भारतीय एजेंसी NIA को काबुल गुरूद्वारे के गुनाहगारो को ठिकाने लगाने का ज़िम्मा सौपा गया है। अब जब इस घटना के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं, तो इसकी जाँच भारतीय एजेंसी द्वारा होना लाज़मी है। इस दौरान अफगानिस्तान पुलिस और एजेंसी भी NIA का साथ बखूबी दे रही है।
अफगानिस्तान के भारत से मधुर रिश्ते हैं
भारत के अफगानिस्तान से रिश्ते भी बहुत अच्छे है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के चलते ही आज अफगानिस्तान की सरकार और जाँच एजेंसी भारत के साथ कंधे से कंधे मिला कर काम कर रही है। इस घटना पर पाकिस्तान का हाँथ होने की पुख्ता जानकारी भी भारत को खुद अफगानिस्तान की जाँच एजेंसी ने दी हैं। अब देखना यह हैं की इस पर पाकिस्तान की तरफ से क्या जवाब आता है और पाकिस्तान कीर क्या बहाना बनता है। किन्तु अब पाकिस्तान साबुत के साथ गीत चुका है।



