Image Credits: IANS
Delhi: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी हफ्ते ‘Vocal For Local’ और ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ (Atmanirbhar Bharat Abhiyan) मिशन का सन्देश दिया था और भारत अब मेड इन इंडिया फाइटर जेट्स बनाने पर विचार कर रहा है। आपको बता दें की 2 वर्ष पहले ही भारत ने दुनिया के सबसे बड़े वारप्लेन कॉन्ट्रैक्ट की बात की थी, जिसमे विदेशी कंपनियों से 114 लड़ाकू विमान की सप्लाई की डील थी।
मीडिया की खबर के अनुसार भारतीय वायुसेना अपने हल्के लड़ाकू विमान के पक्ष में है, जो भारत में ही बने। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) ने दिल्ली में एक इंटरव्यू में कहा कि तेजस जैसे एयरक्राफ्ट हमारे पुराने होते विमानों के बेड़े की क्षमता को बढ़ाएंगे।
बिपिन रावत ने कहा कि इंडियन एयर फोर्स (IAF) की ओर से बताया गया है कि वह भारत में ही बने फाइटर विमान उपयोग करेगी। ये फैसला बोइंग, लॉकहीड मार्टिन कॉर्प, साब एबी और अन्न विदेशी कंपनियों के लिए चिंता का विषय है, जो 15 अरब डॉलर की डील के लिए लाइन लगाकर कड़ी थी। यह सीधा सन्देश है कि भारत अब ज्यादा कीमत देकर विदेशी विमानों से कन्नी काटने का मन बना चूका है। इससे कांग्रेस और राहुल गाँधी का एक मुद्दा तो ख़त्म हो गया।
अभी भारत में ही बने एयरक्राफ्ट को इस्तेमाल करने का फैसला लेना सही है, ऐसे में रक्षा मंत्रालय को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की क्षमता बढ़ानी चाहिए। आपको बता दें की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड भारत में जेट बनाती है। बिपिन रावत ने कहा कि अब भारत डिफेंस एक्सपोर्टर की तरह भी एक बड़ी भागीदारी पेश करेगा, यहां कीमतें भी काफी कम हैं। अब भविष्य में जब भारत को इन इंडिया मेड विमानों का इस्तेमाल करते हुए दुनिया देखेगी, तो कुछ देश इसे खरीदने में इंट्रेस्ट दिखाएंगे।
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने आज चौथी किस्त की घोषणा करते हुए रक्षा उत्पादन को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री के मुताबिक अब देश मेड इन इंडिया के तहत आवक प्रकार के रक्षा उपकरण अपने देश में ही बनाने जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ऐसे हथियार, वस्तुओं, स्पेयर्स को नोटिफाइ करेगी, जिसमें आयात को बैन किया जाएगा और उनकी स्वदेशी आपूर्ति की जाएगी।
#AatmaNirbharBharat: Self-Reliance in Defence Production:
◼️List of Weapons/platforms for ban on import, to be notified
◼️Ordnance Factory Board to be Corporatised(NOT Privatised)
◼️FDI limit in Def Manufacturing to be raised from 49% to 74%:FM @nsitharaman @FinMinIndia pic.twitter.com/qJ0rGESQ3c
— All India Radio News (@airnewsalerts) May 16, 2020
इसने तहत ऑर्डिनंस फैक्ट्री का कॉर्पोरेटाइजेशन होगा। ध्यान रहे की इनका प्राइवेटाइजेशन नहीं होगा। रक्षा उत्पादन में FDI की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दी गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाने के लिए मेक इन इंडिया (Made In India) को बढ़ावा देना आवश्यक है। इसके अंतर्गत हथियारों की लिस्ट को नोटिफाइ किया जाएगा और आयात पर बैन लगाया जाएगा।
Thanks Chief of Defence Staff Bipin Rawat Ji. Towards building a self reliant India.
|
India seeks locally made Tejas warplanes as overseas purchase plan stalls
https://t.co/KigCLOWbwT#IAF #Tejas #CDS #cds_vipin_rawat #VocalForLocal #India #ThanksPMModi @narendramodi @PMOIndia— IndiaAspire (@indiaaspire) May 15, 2020
अब भारत में ही हथियारों का उत्पादन बढ़ाया जाएगा और जो पुर्जे आयात करने पड़ते हैं, उनका भी उत्पादन भारत में ही किये जाने का मिशन है। आगे बताया गया की इसके लिए अलग से बजट दिया जाएगा। इससे रक्षा आयात खर्च होगा और उन कंपनियों को फायदा होगा, जो भारत में सेना के लिए हथियार बनाएंगी। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ऑर्गनाइजेशन को निगमीकृत किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि कार्य में सुधार के लिए निगमीकृत किया जाएगा, निजीकरण नहीं किया जाएगा। इसे शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा। आम लोग इसके शेयर खरीद सकेंगे। रक्षा उत्पादन में FDI सीमा को 49 पर्सेंट से बढ़ाकर 74 पर्सेंट किया जायेगा।



